LRN24LRN24
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Reading: ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक से SC का इनकार: कोर्ट का सवाल—क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी समाज तोड़ती है?
Share
Font ResizerAa
LRN24LRN24
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Search News
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Follow US
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
© LRN24 News Network

Home - राज्य - ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक से SC का इनकार: कोर्ट का सवाल—क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी समाज तोड़ती है?

‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर रोक से SC का इनकार: कोर्ट का सवाल—क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी समाज तोड़ती है?

Rajat Kumar
Last updated: 2026/02/25 at 4:53 PM
Rajat Kumar
Share
6 Min Read
Supreme Court hearing on Yadav Ji Ki Love Story ban plea
सुप्रीम कोर्ट ने ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर बैन की मांग खारिज की। कोर्ट ने पूछा—क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है?
SHARE

नई दिल्ली: में बुधवार को एक महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान Supreme Court of India ने फिल्म Yadav Ji Ki Love Story पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिल्म के नाम में ऐसा कोई शब्द नहीं है, जिससे किसी समुदाय की छवि को स्वाभाविक रूप से नुकसान पहुंचे।

Contents
क्या है पूरा विवाद?बेंच की सख्त टिप्पणी‘घूसखोर पंडित’ मामले से अलग क्यों?ये भी पढ़ें: बरसाना में गूंजे लट्ठ और जयकारे! सखियों ने पुलिसवालों पर बरसाए डंडे, 20 लाख श्रद्धालुओं के बीच शुरू हुई वर्ल्ड फेमस लट्ठमार होलीकोर्ट का संदेश—“जरा सहनशील बनिए”फिल्म की स्टारकास्ट और पृष्ठभूमिराज्यों में विरोध प्रदर्शनअभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सामाजिक संवेदनशीलताअंतरधार्मिक विवाह पर न्यायिक दृष्टिकोणये भी पढ़ें: टी20 वर्ल्ड कप के बीच टूटा रिंकू सिंह का दिल: ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में वेंटिलेटर पर पिता, चौथे स्टेज का लिवर कैंसरआगे क्या?निष्कर्ष:

सुनवाई के दौरान अदालत की टिप्पणी—“क्या किसी हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है?”—ने पूरे मामले को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है। यह टिप्पणी केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सहनशीलता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अंतरधार्मिक विवाह को लेकर चल रही बहस का केंद्र बन गई है।


क्या है पूरा विवाद?

फिल्म ‘यादव जी की लव स्टोरी’ 27 फरवरी को रिलीज होनी है। फिल्म की कहानी एक हिंदू यादव लड़की और एक मुस्लिम युवक की प्रेम कहानी पर आधारित बताई जा रही है। विश्व यादव परिषद के प्रमुख अवधेश कुमार यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर फिल्म के नाम और कथानक पर आपत्ति जताई थी।

याचिका में कहा गया कि फिल्म का शीर्षक यादव समाज की छवि को गलत तरीके से प्रस्तुत करता है और इससे समाज की भावनाएं आहत हो सकती हैं। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि फिल्म अंतरधार्मिक प्रेम कहानी को इस तरह दिखाती है, जिससे सामाजिक असंतुलन पैदा हो सकता है।


बेंच की सख्त टिप्पणी

जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने सुनवाई के दौरान कई अहम टिप्पणियां कीं। अदालत ने कहा कि फिल्म के नाम में कोई नकारात्मक शब्द नहीं है। ‘यादव जी’ संबोधन सम्मानजनक है और इससे स्वतः कोई अपमानजनक अर्थ नहीं निकलता।

बेंच ने पूछा, “क्या किसी हिंदू लड़की की मुस्लिम लड़के से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है?” इस सवाल ने याचिकाकर्ता के तर्कों की नींव पर ही प्रश्नचिह्न लगा दिया।

अदालत ने कहा कि अंतरधार्मिक विवाह भारतीय संविधान के तहत वैध हैं और उन्हें केवल सामाजिक असहमति के आधार पर आपत्तिजनक नहीं ठहराया जा सकता।

Supreme Court hearing on Yadav Ji Ki Love Story ban plea
सुप्रीम कोर्ट ने ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर बैन की मांग खारिज की। कोर्ट ने पूछा—क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है?

‘घूसखोर पंडित’ मामले से अलग क्यों?

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने हाल ही में आए ‘घूसखोर पंडित’ मामले का हवाला दिया। इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह मामला अलग था। वहां ‘घूसखोर’ शब्द सीधे तौर पर नकारात्मक अर्थ देता है, जो किसी विशेष समुदाय को भ्रष्ट बताता है।

लेकिन ‘यादव जी की लव स्टोरी’ शीर्षक में ऐसा कोई शब्द नहीं है, जो अपमानजनक हो। इसलिए दोनों मामलों की तुलना उचित नहीं है।

ये भी पढ़ें: बरसाना में गूंजे लट्ठ और जयकारे! सखियों ने पुलिसवालों पर बरसाए डंडे, 20 लाख श्रद्धालुओं के बीच शुरू हुई वर्ल्ड फेमस लट्ठमार होली


कोर्ट का संदेश—“जरा सहनशील बनिए”

जब याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि फिल्म खुद को सच्ची कहानी पर आधारित बताती है और इससे समाज की छवि प्रभावित हो सकती है, तो कोर्ट ने जवाब दिया—“फिल्म बैंडिट क्वीन में भी गुर्जर समुदाय को लेकर आपत्तियां उठी थीं, तब भी बैन से इनकार किया गया था।”

बेंच ने आगे कहा, “यह फिक्शन है। जरा सहनशील बनिए। एक हफ्ते में सब खत्म हो जाएगा। आजकल लोग थिएटर नहीं, मोबाइल पर फिल्में देख रहे हैं।”

अदालत ने यह भी कहा कि यदि फिल्म रिलीज के बाद कुछ आपत्तिजनक सामग्री सामने आती है, तो याचिकाकर्ता दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।


फिल्म की स्टारकास्ट और पृष्ठभूमि

फिल्म में मुख्य भूमिका प्रगति तिवारी निभा रही हैं, जो ‘सिंपल यादव’ का किरदार अदा कर रही हैं। प्रगति तिवारी एक जानी-मानी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं और मशहूर यूट्यूबर मृदुल तिवारी की बहन हैं। विशाल मोहन ‘वसीम अख्तर’ की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अंकित भड़ाना ने किया है और निर्माण संदीप तोमर ने किया है।

फिल्म की कहानी कथित तौर पर एक छोटे शहर की पृष्ठभूमि में विकसित होती है, जहां जातीय और धार्मिक पहचान के बीच पनपता प्रेम सामाजिक चुनौतियों से जूझता है।


राज्यों में विरोध प्रदर्शन

फिल्म के खिलाफ उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कई यादव संगठनों ने आरोप लगाया है कि फिल्म में उनकी जातीय पहचान का इस्तेमाल प्रचार के लिए किया गया है।

उत्तर प्रदेश के मऊ में अखिल भारतीय यादव महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर फिल्म के नाम और कहानी पर आपत्ति जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इससे समाज की छवि खराब होती है।

कुछ संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ से जोड़ते हुए भी विरोध जताया है। उनका आरोप है कि फिल्म एक विशेष नैरेटिव को बढ़ावा देती है।

Supreme Court hearing on Yadav Ji Ki Love Story ban plea
सुप्रीम कोर्ट ने ‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर बैन की मांग खारिज की। कोर्ट ने पूछा—क्या हिंदू लड़की की मुस्लिम से शादी सामाजिक ताना-बाना तोड़ती है?

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम सामाजिक संवेदनशीलता

यह मामला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन का उदाहरण बन गया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है। हालांकि, इस पर उचित प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं, यदि सामग्री सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता या सुरक्षा के खिलाफ हो।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने कई पूर्व फैसलों में कहा है कि केवल भावनाएं आहत होने के आधार पर किसी फिल्म पर रोक नहीं लगाई जा सकती। लोकतांत्रिक समाज में सहनशीलता जरूरी है।


अंतरधार्मिक विवाह पर न्यायिक दृष्टिकोण

अदालतें पहले भी स्पष्ट कर चुकी हैं कि वयस्कों को अपनी पसंद से विवाह करने का अधिकार है, चाहे वह अंतरधार्मिक हो या अंतरजातीय। सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में कहा है कि सामाजिक दबाव के आधार पर ऐसे विवाहों को अवैध या आपत्तिजनक नहीं ठहराया जा सकता।

इस सुनवाई में भी अदालत की टिप्पणी इसी संवैधानिक सिद्धांत की ओर इशारा करती है।

ये भी पढ़ें: टी20 वर्ल्ड कप के बीच टूटा रिंकू सिंह का दिल: ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में वेंटिलेटर पर पिता, चौथे स्टेज का लिवर कैंसर


आगे क्या?

फिल्म 27 फरवरी को रिलीज होगी। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि रिलीज के बाद क्या कोई नया विवाद खड़ा होता है या मामला यहीं शांत हो जाता है।

अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि फिल्म में वास्तव में कोई आपत्तिजनक सामग्री पाई जाती है, तो कानूनी रास्ता खुला है। लेकिन पूर्वाग्रह के आधार पर सेंसरशिप स्वीकार्य नहीं होगी।


निष्कर्ष:

‘यादव जी की लव स्टोरी’ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला केवल एक फिल्म से जुड़ा आदेश नहीं है, बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सामाजिक सहनशीलता पर एक बड़ा संदेश है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सम्मानजनक शीर्षक और काल्पनिक कहानी के आधार पर किसी फिल्म पर रोक नहीं लगाई जा सकती।

अंतरधार्मिक विवाह को सामाजिक ताने-बाने के लिए खतरा मानना संविधान की भावना के विपरीत है। अब यह समाज पर है कि वह कला और मनोरंजन को किस नजर से देखता है—संवाद के माध्यम के रूप में या विवाद के कारण के रूप में।

TAGGED: Film Controversy, Freedom of Expression, Hindu Muslim Marriage Debate, Indian Judiciary, Love Jihad Debate, Supreme Court, Vishva Yadav Parishad, Yadav Ji Ki Love Story
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Joy0
Dead0
Wink0
Rajat Kumar
By Rajat Kumar
Follow:
Lrn24 News Editor
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisments

आपकी राय

सोने-चांदी के दामों में गिरावट का एक मुख्य कारण क्या बताया गया है?
  • Add your answer

क्रिकेट लाइव

Live Cricket Scores

ज्योतिष

आज का मौसम

Widget weather

सोने की कीमत

You Might Also Like

दिल्लीराज्य

PM मोदी के 4399 दिन पूरे, भारत मंडपम में NDA की बैठक; कई वरिष्ठ नेता और मुख्यमंत्री पहुंचे

5 hours ago
वायरल न्यूज़दिल्लीराज्यव्यापार

420 करोड़ की कथित टैक्स चोरी का मामला: अनिल अंबानी को बड़ी राहत, हाई कोर्ट ने रोक दी काला धन अधिनियम के तहत कार्रवाई

4 hours ago
राज्यमथुरामौसम

मथुरा में आंधी का कहर! उड़ गए भंडारों के टेंट, सड़कों पर गिरे पेड़-खंभे, घंटों अंधेरे में डूबे शहर

4 hours ago
राजनीतिराज्यराष्ट्रीयलखनऊवायरल न्यूज़

SP BSP Politics: क्या सपा के विधायक और सांसद बसपा के संपर्क में हैं? जानिए पूरा मामला

3 hours ago
Follow US
© 2026 LRN24 News Network. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

WhatsApp us

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?