ईरान: के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर ने पूरी दुनिया की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस घटना का असर भारत में भी साफ दिखाई दे रहा है। कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए, तो कुछ स्थानों पर शोक सभाओं और कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। प्रशासन ने हालात को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
कश्मीर में सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग
जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में, खासकर शिया बहुल इलाकों में, सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारे लगाए और ईरान के प्रति एकजुटता व्यक्त की। कई जगहों पर काले झंडे लहराए गए और पारंपरिक शोक गीत ‘नौहा’ गाए गए।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई की तस्वीरें और ईरान समर्थक बैनर दिखाई दिए। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी और एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।

लखनऊ में तीन दिन का शोक, इमामबाड़े में शोकसभा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की है। प्रतिष्ठान बंद रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करने का निर्णय लिया गया है।
मौलाना कल्बे जवाद ने सभी उम्मते मुस्लिमा और इंसानियत परस्त लोगों से शोक में शामिल होने की अपील की। उन्होंने बताया कि रविवार रात 8 बजे लखनऊ के ऐतिहासिक Chota Imambara में शोकसभा आयोजित की जाएगी, जिसके बाद कैंडल मार्च निकाला जाएगा।
मौलाना ने देशभर के शिया समुदाय से अपील की कि रात 8 बजे एक ही समय पर शोकसभाएं आयोजित की जाएं। जहां संभव हो, वहां कैंडल मार्च निकाला जाए। बड़ी संख्या में लोगों ने इस अपील का समर्थन किया।
यूपी में हाई अलर्ट, सीएम ने बुलाई बैठक
प्रदेश में हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आपात बैठक की। बैठक में सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।
लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और अलीगढ़ समेत कई जिलों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग भी तेज कर दी गई है ताकि अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।
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भारत स्थित ईरानी दूतावास की वैश्विक अपील
भारत में स्थित Embassy of Iran, New Delhi ने दुनिया भर की सरकारों से अपील की है कि वे अमेरिकी-इस्राइली हमले की निंदा करें। जारी बयान में दूतावास ने खामेनेई की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया।
बयान में कहा गया कि स्वतंत्र और न्यायप्रिय राष्ट्रों को इस खुले अपराध की स्पष्ट शब्दों में निंदा करनी चाहिए और आक्रामकता के सामने मौन नहीं रहना चाहिए। दूतावास ने यह भी चेतावनी दी कि इस कार्रवाई के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव
ईरान की सरकारी एजेंसियों ने दावा किया है कि अमेरिका और इस्राइल द्वारा किए गए हमले में खामेनेई की मृत्यु हुई। इस बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
मध्य-पूर्व में पहले से ही तनावपूर्ण हालात के बीच यह घटना और भी गंभीर मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इसका असर तेल बाजार, वैश्विक कूटनीति और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।
#WATCH | Srinagar, J&K: Shia community people protest outside the United Nations Military Observer Group HQ after the death of Iranian Supreme Commander Ayatollah Ali Khamenei. pic.twitter.com/9SBOQLdlTV
— ANI (@ANI) March 1, 2026
भारत पर संभावित असर
भारत के ईरान के साथ ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध रहे हैं। ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय कूटनीति में ईरान की अहम भूमिका है। ऐसे में इस घटना का असर भारत की विदेश नीति पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत संतुलित रुख अपनाने की कोशिश करेगा। एक ओर अमेरिका और इस्राइल के साथ रणनीतिक साझेदारी है, तो दूसरी ओर ईरान के साथ ऐतिहासिक संबंध।
आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से भी यह चुनौतीपूर्ण समय है। किसी भी प्रकार की सांप्रदायिक या राजनीतिक उथल-पुथल को रोकने के लिए प्रशासन सतर्क है।
प्रदर्शनकारियों की भावनाएं
लखनऊ में एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह ‘शहादत’ है और इससे समुदाय का मनोबल नहीं टूटेगा। कई युवाओं ने इसे वैश्विक अन्याय करार दिया।
कश्मीर में भी लोगों ने कहा कि वे ईरान के साथ खड़े हैं। हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सोशल मीडिया पर बहस
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी इस मुद्दे पर तीखी बहस चल रही है। कई हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। सरकार ने अफवाहों से बचने और आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेने की अपील की है।

आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी। यदि मध्य-पूर्व में सैन्य कार्रवाई बढ़ती है, तो उसका असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जाएगा।
भारत में फिलहाल प्रशासनिक सतर्कता और सामुदायिक शांति बनाए रखने पर जोर है।
निष्कर्ष:
Ali Khamenei की मौत ने न केवल ईरान बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर दिया है। भारत में भी इसका असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। कश्मीर और लखनऊ समेत कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं।
उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। भारत स्थित Embassy of Iran, New Delhi की अपील ने इस मुद्दे को वैश्विक बहस का विषय बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वैश्विक कूटनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और भारत किस तरह संतुलन साधता है।

