LRN24LRN24
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Reading: “हथियार उठाओगे तो कीमत चुकानी होगी”: संसद में अमित शाह का बड़ा ऐलान, बोले- बस्तर से लाल आतंक लगभग खत्म
Share
Font ResizerAa
LRN24LRN24
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Search News
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Follow US
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
© LRN24 News Network

Home - दिल्ली - “हथियार उठाओगे तो कीमत चुकानी होगी”: संसद में अमित शाह का बड़ा ऐलान, बोले- बस्तर से लाल आतंक लगभग खत्म

“हथियार उठाओगे तो कीमत चुकानी होगी”: संसद में अमित शाह का बड़ा ऐलान, बोले- बस्तर से लाल आतंक लगभग खत्म

Rajat Kumar
Last updated: 2026/03/30 at 7:18 PM
Rajat Kumar
Share
3 Min Read
लोकसभा में नक्सलवाद पर जवाब देते हुए अमित शाह
लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान अमित शाह का कड़ा संदेश और बस्तर को लेकर बड़ा दावा
SHARE

नई दिल्ली: लोकसभा में नक्सलवाद पर जारी बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को सरकार का पक्ष रखते हुए सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक व्यवस्था को नकार कर हथियार उठाते हैं, उन्हें इसकी कीमत चुकानी ही होगी।

Contents
“बस्तर से लाल आतंक लगभग खत्म”वामपंथियों और कांग्रेस पर सीधा हमला“नक्सलवाद का कारण गरीबी नहीं, विचारधारा”मनमोहन सरकार और ऐतिहासिक संदर्भलोकतंत्र और हिंसा पर कड़ा संदेशविकास और सुरक्षा की दोहरी रणनीति

शाह का यह बयान उस समय आया जब सरकार की ओर से 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने की समयसीमा पूरी होने वाली है। उन्होंने अपने भाषण में नक्सलवाद को केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि एक वैचारिक चुनौती बताया।

“बस्तर से लाल आतंक लगभग खत्म”

गृह मंत्री ने दावा किया कि छत्तीसगढ़ का बस्तर क्षेत्र, जो कभी नक्सलवाद का गढ़ माना जाता था, अब तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर के गांवों में अब स्कूल, राशन दुकानें, स्वास्थ्य केंद्र और आधार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। पहले जहां ‘लाल आतंक’ का साया था, अब वहां विकास की नई तस्वीर दिख रही है।

शाह के अनुसार, सरकार ने हर पंचायत और तहसील स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई हैं और गरीबों को मुफ्त अनाज जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

वामपंथियों और कांग्रेस पर सीधा हमला

अमित शाह ने अपने भाषण में वामपंथी विचारधारा और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक आदिवासियों को जानबूझकर विकास से दूर रखा गया और उन्हें गुमराह किया गया।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद 75 साल में से 60 साल तक कांग्रेस सत्ता में रही, लेकिन आदिवासी क्षेत्रों तक बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंचाई गईं।

शाह ने सवाल उठाया कि अगर विकास पहले हुआ होता, तो हजारों युवाओं की जान क्यों जाती और इतने लोग वर्षों तक गरीबी में क्यों जीते रहते।

लोकसभा में नक्सलवाद पर जवाब देते हुए अमित शाह
लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान अमित शाह का कड़ा संदेश और बस्तर को लेकर बड़ा दावा

 

“नक्सलवाद का कारण गरीबी नहीं, विचारधारा”

गृह मंत्री ने एक महत्वपूर्ण तर्क देते हुए कहा कि नक्सलवाद की जड़ें केवल गरीबी में नहीं हैं, बल्कि यह एक विचारधारा से प्रेरित आंदोलन है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिन इलाकों में गरीबी और साक्षरता दर समान थी, वहां भी हर जगह नक्सलवाद नहीं फैला। बस्तर और नक्सलबाड़ी जैसे क्षेत्रों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह आंदोलन पनपा, जबकि अन्य क्षेत्रों में नहीं।

मनमोहन सरकार और ऐतिहासिक संदर्भ

शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें माओवादी हिंसा को देश की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा चुनौती बताया गया था।

उन्होंने कहा कि 2014 के बाद सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए व्यापक रणनीति अपनाई, जिसमें सुरक्षा के साथ-साथ विकास को भी प्राथमिकता दी गई।

लोकतंत्र और हिंसा पर कड़ा संदेश

शाह ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने के लिए हिंसा का रास्ता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने उन लोगों की आलोचना की, जो नक्सलवाद की तुलना स्वतंत्रता सेनानियों से करते हैं।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि भगत सिंह और बिरसा मुंडा जैसे महान नेताओं की तुलना हथियार उठाकर निर्दोषों की हत्या करने वालों से करना गलत है।

विकास और सुरक्षा की दोहरी रणनीति

सरकार का मानना है कि नक्सलवाद से निपटने के लिए केवल सुरक्षा अभियान पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ विकास योजनाओं को भी समान रूप से लागू करना जरूरी है।

शाह ने बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को तेजी से बढ़ाया गया है, जिससे लोगों का जीवन स्तर सुधरा है और नक्सल प्रभाव कम हुआ है।

TAGGED: Amit Shah, Bastar, Breaking News, Indian Politics, Left Wing Extremism, Naxalism, Parliament News
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Joy0
Dead0
Wink0
Rajat Kumar
By Rajat Kumar
Follow:
Lrn24 News Editor
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisments

आपकी राय

सोने-चांदी के दामों में गिरावट का एक मुख्य कारण क्या बताया गया है?
  • Add your answer

क्रिकेट लाइव

Live Cricket Scores

ज्योतिष

आज का मौसम

Widget weather

सोने की कीमत

You Might Also Like

अपराधउत्तर प्रदेशराज्यवायरल न्यूज़

“‘कीड़े-मकोड़े तो रोज मरते हैं…’ युवक की मौत पर दारोगा की शर्मनाक टिप्पणी, मचा बवाल; SP ने तुरंत लिया बड़ा एक्शन”

4 hours ago
राज्यराष्ट्रीयलखनऊवायरल न्यूज़

लखनऊ में यूपी पुलिस सिपाही निकला लुटेरा! CRPF दरोगा संग बनाया गैंग, निवेश के नाम पर बंधक बनाकर लूटे ₹5 लाख

3 hours ago
दिल्लीराष्ट्रीयवायरल न्यूज़

DRDO की ऐतिहासिक कामयाबी! अब आसमान से आने वाली मिसाइलें और समुद्र में छिपे दुश्मन नहीं बचेंगे, भारत ने दिखाई नई ताकत

3 hours ago
क्या विजय और तृषा ने कर ली गुपचुप सगाई? वायरल पेंडेंट वाली तस्वीर ने मचाया बवाल, जानिए पूरा सच
राजनीतिमनोरंजनराज्यवायरल न्यूज़

क्या विजय और तृषा ने कर ली गुपचुप सगाई? वायरल पेंडेंट वाली तस्वीर ने मचाया बवाल, जानिए पूरा सच

2 hours ago
Follow US
© 2026 LRN24 News Network. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

WhatsApp us

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?