उत्तर प्रदेश: की राजधानी Lucknow से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने अचानक हमला कर दिया। इस घटना का CCTV वीडियो सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना इटौंजा थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव की बताई जा रही है।
रविवार को डायल-112 पर मिली एक शिकायत के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन वहां हालात कुछ और ही निकले। पुलिस के अनुसार, उन्हें सूचना दी गई थी कि गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इस सूचना पर सिपाही मोहम्मद सलमान और होमगार्ड श्रवण कुमार मौके पर पहुंचे।

झूठी सूचना से भड़की भीड़
मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस को पता चला कि शिकायत झूठी थी। गांव के लोग अपने निजी जमीन पर निर्माण कार्य कर रहे थे। जब पुलिसकर्मियों ने झूठी सूचना देने पर नाराजगी जताई और हस्तक्षेप से इनकार किया, तो स्थिति अचानक बिगड़ गई।
शिकायतकर्ता जितेंद्र उर्फ निर्मल कनौजिया और उसके समर्थक पुलिसकर्मियों पर भड़क गए। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस को घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया।
महिलाओं ने भी किया हमला
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिलाओं ने भी हमले में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों की वर्दी फाड़ दी, चप्पलों से पिटाई की और ईंट-पत्थर फेंके।
पुलिस के मुताबिक, महिलाओं ने धमकी देते हुए कहा कि वे पहले भी कई पुलिसवालों की वर्दी उतरवा चुकी हैं और इस बार भी ऐसा ही करेंगी। यह सुनकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी अपनी जान बचाने के लिए पीछे हटने को मजबूर हो गए।

CCTV में कैद हुआ हमला
घटना का 26 सेकंड का CCTV फुटेज सामने आया है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि महिलाएं और अन्य लोग पुलिसकर्मियों पर हमला कर रहे हैं। वीडियो में एक महिला चप्पल और ईंट से वार करती नजर आ रही है, जबकि कुछ पुरुष लकड़ी और बेंत लेकर भीड़ में शामिल होते दिखते हैं।
इस दौरान पुलिसकर्मी खुद को बचाने की कोशिश करते नजर आते हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें मौके से भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।

वर्दी फाड़ी, पुलिसकर्मी घायल
हमले के दौरान होमगार्ड श्रवण कुमार की वर्दी फाड़ दी गई। पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। हालांकि, किसी गंभीर चोट की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन यह घटना कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

केस दर्ज, आरोपी फरार
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। श्रवण कुमार की शिकायत के आधार पर जितेंद्र, भूपेंद्र, रामस्वरूप समेत तीन नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
बीकेटी के एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।
कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने पुलिस की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस तरह से भीड़ ने पुलिस पर हमला किया, वह दर्शाता है कि कुछ इलाकों में कानून का डर कम होता जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी कानून हाथ में लेने की हिम्मत न कर सके।
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सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
CCTV फुटेज सामने आने के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस घटना पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स ने पुलिस पर हमले की निंदा की है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
निष्कर्ष:
Lucknow में पुलिस पर हुआ यह हमला न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यह कानून व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। झूठी सूचना देकर पुलिस को बुलाना और फिर उन पर हमला करना एक गंभीर अपराध है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती है।

