LRN24LRN24
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Reading: महिला आरक्षण पर संसद में घमासान: मोदी बोले- ‘नीयत पर सवाल उठाने वालों को नारी शक्ति माफ नहीं करेगी’
Share
Font ResizerAa
LRN24LRN24
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Search News
  • होम
  • राष्ट्रीय
  • अंतरराष्ट्रीय
  • राजनीति
  • अपराध
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • टेक्नोलॉजी
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
Follow US
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy
© LRN24 News Network

Home - दिल्ली - महिला आरक्षण पर संसद में घमासान: मोदी बोले- ‘नीयत पर सवाल उठाने वालों को नारी शक्ति माफ नहीं करेगी’

महिला आरक्षण पर संसद में घमासान: मोदी बोले- ‘नीयत पर सवाल उठाने वालों को नारी शक्ति माफ नहीं करेगी’

Rajat Kumar
Last updated: 2026/04/16 at 4:08 PM
Rajat Kumar
Share
4 Min Read
SHARE

नई दिल्ली: में महिला आरक्षण से जुड़े संशोधन बिलों पर संसद में तीखी बहस देखने को मिल रही है। एक तरफ प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसे महिलाओं के अधिकार और देश के भविष्य से जोड़ते हुए विपक्ष को कड़ी चेतावनी दी, तो वहीं विपक्षी दलों ने सरकार की नीयत और बिल की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

Contents
मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहारविपक्ष का पलटवारपरिसीमन बना बड़ा विवादक्या है महिला आरक्षण का उद्देश्यवोटिंग पर सबकी नजरनिष्कर्ष:

लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने साफ शब्दों में कहा कि “देश की नारी शक्ति उन लोगों को कभी माफ नहीं करेगी, जो इस बिल को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं, बल्कि महिलाओं का अधिकार है, जिसे दशकों से टाला गया है।

मोदी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी केवल संख्या का मामला नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया को मजबूत करने का जरिया है। उन्होंने विपक्ष को सलाह देते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीति के तराजू पर तौलने से बचना चाहिए।

उन्होंने यहां तक कहा कि अगर विपक्ष को क्रेडिट चाहिए, तो सरकार उसे भी देने के लिए तैयार है। “हम क्रेडिट का ब्लैंक चेक देने को तैयार हैं, बस देश की महिलाओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए,” मोदी ने कहा।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो दल इस बिल का विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विपक्ष का पलटवार

प्रधानमंत्री के बयान के बाद विपक्ष ने भी जोरदार जवाब दिया। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने कहा कि बीजेपी महिला आरक्षण को “नारा” बनाकर पेश कर रही है। उनका आरोप था कि सरकार असल में महिलाओं के अधिकारों को लागू करने के बजाय इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन वह चाहती है कि इसे तुरंत लागू किया जाए और इसमें पिछड़े वर्ग व मुस्लिम महिलाओं को भी शामिल किया जाए।

वहीं कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों ने भी यह सवाल उठाया कि महिला आरक्षण को परिसीमन और जनगणना से क्यों जोड़ा गया है। उनका कहना है कि इससे कानून लागू होने में वर्षों की देरी हो सकती है।

परिसीमन बना बड़ा विवाद

इस पूरे विवाद का केंद्र ‘परिसीमन’ यानी सीटों के पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया है। सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, लोकसभा सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 तक की जा सकती है और इसी आधार पर महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी।

लेकिन विपक्ष का तर्क है कि जब तक नई जनगणना और परिसीमन पूरा नहीं होगा, तब तक आरक्षण लागू नहीं हो पाएगा। इससे महिलाओं को मिलने वाला प्रतिनिधित्व अनिश्चित समय के लिए टल सकता है।

क्या है महिला आरक्षण का उद्देश्य

नारी शक्ति वंदन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देना है। इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और नीति निर्माण में उनका दृष्टिकोण शामिल होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं और अब समय आ गया है कि संसद में भी यह बदलाव दिखे।

वोटिंग पर सबकी नजर

संसद में इन तीनों बिलों पर 16 और 17 अप्रैल को करीब 15 घंटे की चर्चा तय की गई है। इसके बाद 17 अप्रैल को शाम 4 बजे वोटिंग होगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सरकार इस बिल को सर्वसम्मति से पास करा पाती है या विपक्ष का विरोध कोई नया मोड़ लेता है।


निष्कर्ष:

महिला आरक्षण बिल पर चल रही बहस केवल एक कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की राजनीति, सामाजिक संरचना और महिलाओं की भागीदारी के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। जहां सरकार इसे ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके क्रियान्वयन और प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। अब सबकी नजर संसद में होने वाली वोटिंग और इसके परिणाम पर टिकी है।

TAGGED: अखिलेश यादव, कांग्रेस, नरेंद्र मोदी, परिसीमन, भारत, महिला आरक्षण, राजनीति, लोकसभा, विपक्ष, संसद
Share This Article
Facebook Twitter Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
What do you think?
Love0
Sad0
Happy0
Sleepy0
Angry0
Joy0
Dead0
Wink0
Rajat Kumar
By Rajat Kumar
Follow:
Lrn24 News Editor
Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Advertisments

आपकी राय

सोने-चांदी के दामों में गिरावट का एक मुख्य कारण क्या बताया गया है?
  • Add your answer

क्रिकेट लाइव

Live Cricket Scores

ज्योतिष

आज का मौसम

Widget weather

सोने की कीमत

You Might Also Like

राजनीतिपश्चिम बंगालराज्यराष्ट्रीयवायरल न्यूज़

INDIA गठबंधन में दरार? कल सोनिया ने लगाया गले, आज ममता पर कांग्रेस नेता का बड़ा हमला

9 hours ago
व्यापारदिल्लीराज्यवायरल न्यूज़

IPO से पहले Zepto पर ED की नजर! फाउंडर्स आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा को मिला समन, निवेशकों की बढ़ी चिंता

9 hours ago
अहमदाबाद विमान हादसे के एक साल बाद बीजे मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद तबाही के निशान
गुजरातराज्यवायरल न्यूज़

एक साल बाद भी नहीं भरे जख्म! अहमदाबाद विमान हादसे की खामोश गवाही देते खंडहर, जली बाइक और वीरान पेड़

10 hours ago
अहमदाबाद विमान हादसे के एक साल बाद बीजे मेडिकल कॉलेज परिसर में मौजूद तबाही के निशान
मनोरंजनदिल्लीराज्यवायरल न्यूज़

‘2 महीने में तलाक दे देगा!’ पत्नी के कपड़ों पर अरमान मलिक की टिप्पणी से मचा बवाल, सोशल मीडिया पर भड़के लोग

10 hours ago
Follow US
© 2026 LRN24 News Network. All Rights Reserved.
  • About Us
  • Contact Us
  • Privacy Policy

WhatsApp us

Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?