उत्तर प्रदेश: के Agra से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 17 वर्षीय युवती ने अपने ही पिता के सामने यमुना नदी में छलांग लगा दी। यह घटना एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में स्थित स्ट्रेची ब्रिज की है, जहां बुधवार शाम को यह दिल दहला देने वाला मंजर देखने को मिला।
परिजनों के अनुसार, युवती पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी। उसके पिता ने आरोप लगाया है कि पड़ोस में रहने वाले एक शादीशुदा युवक ने उनकी बेटी को शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक शोषण किया। जब युवती ने युवक से शादी करने की बात कही, तो उसने इनकार कर दिया। इसी वजह से युवती गहरे अवसाद में चली गई थी।
घटना से पहले युवती ने अपने पिता को फोन कर अपनी पीड़ा बताई थी। उसने कहा था कि अब वह घर नहीं लौटेगी और उसे ढूंढने की कोशिश न की जाए। यह सुनकर पिता घबरा गए और तुरंत उसकी तलाश में निकल पड़े। काफी खोजबीन के बाद वे स्ट्रेची ब्रिज पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी बेटी को देखा।
पिता के मुताबिक, वे कुछ समझ पाते उससे पहले ही उनकी बेटी ने उनकी आंखों के सामने यमुना नदी में छलांग लगा दी। यह दृश्य इतना अचानक और दर्दनाक था कि पिता कुछ भी नहीं कर सके। घटना के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। युवती की तलाश के लिए स्थानीय गोताखोरों और स्टीमर की मदद ली जा रही है, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। नदी में तेज बहाव और गहराई के कारण सर्च ऑपरेशन में कठिनाई आ रही है।
पिता ने अपनी शिकायत में आरोपी युवक मनीष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी पहले से शादीशुदा है और दो बच्चों का पिता है। इसके बावजूद उसने उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाया। इतना ही नहीं, आरोपी ने युवती का आधार कार्ड बनवाकर उसकी उम्र 21 साल दर्शा दी, जबकि उसकी वास्तविक उम्र 17 वर्ष है।
यह भी सामने आया है कि साल 2024 में भी आरोपी युवक युवती को अपने साथ ले गया था, हालांकि उस समय वह कुछ समय बाद वापस घर लौट आई थी। इस बार मामला ज्यादा गंभीर हो गया और अंततः यह दुखद घटना घट गई।
पुलिस ने पिता की तहरीर के आधार पर आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। एत्माद्दौला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि युवती को नदी में कूदते हुए किसी अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने नहीं देखा है, इसलिए घटना के सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है।
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना जता रहे हैं। साथ ही, यह मामला समाज में बढ़ते ऐसे अपराधों की ओर भी इशारा करता है, जहां भरोसे का गलत फायदा उठाकर युवतियों को शोषण का शिकार बनाया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में समय रहते मानसिक और सामाजिक सहायता मिलना बेहद जरूरी होता है, ताकि पीड़ित ऐसे कठोर कदम उठाने से बच सकें।
निष्कर्ष:
आगरा की यह घटना न केवल एक परिवार के लिए त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में समय पर न्याय और पीड़ितों को सहारा मिले, ताकि किसी और बेटी को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर न होना पड़े।

