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Home - राजनीति - लोकसभा में PM मोदी की अपील: ‘इस मंथन से निकलेगा अमृत’, संविधान संशोधन पर जोर

लोकसभा में PM मोदी की अपील: ‘इस मंथन से निकलेगा अमृत’, संविधान संशोधन पर जोर

Rajat Kumar
Last updated: 2026/04/16 at 5:38 PM
Rajat Kumar
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3 Min Read
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नई दिल्ली: संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकार को इस विधेयक का कोई श्रेय नहीं चाहिए, बल्कि विपक्ष चाहे तो “क्रेडिट का ब्लैंक चेक” ले सकता है।

Contents
‘नीयत साफ है, शब्दों के खेल की जरूरत नहीं’‘जो विरोध करेगा, उसे कीमत चुकानी पड़ेगी’विपक्ष का हमला—‘जल्दबाजी क्यों?’अमित शाह का जवाब—‘जाति गणना होगी’‘यह ऐतिहासिक पल है’‘काला टीका’ वाला तंजनिष्कर्ष:

प्रधानमंत्री का यह बयान उस समय आया जब विपक्ष लगातार सरकार की मंशा और टाइमिंग पर सवाल उठा रहा था। मोदी ने कहा, “अगर आपको लगता है कि इसमें मेरा राजनीतिक स्वार्थ है, तो विरोध करिए—मुझे फायदा होगा। लेकिन अगर सब साथ आएंगे, तो किसी को व्यक्तिगत लाभ नहीं होगा। इसलिए ले लो क्रेडिट… हम सरकारी खर्च से आपकी फोटो तक छपवा देंगे।”

‘नीयत साफ है, शब्दों के खेल की जरूरत नहीं’

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है और इसमें किसी तरह का राजनीतिक खेल नहीं है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं का हक है, जिसे दशकों तक टाला गया। अब इसे लागू कर देश उस “पाप से मुक्ति” पा सकता है।

मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया के दौरान राज्यों के बीच सीटों के अनुपात में कोई भेदभाव नहीं होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होगी।

‘जो विरोध करेगा, उसे कीमत चुकानी पड़ेगी’

प्रधानमंत्री ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि जो राजनीतिक दल इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें भविष्य में राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उनका कहना था कि देश में जमीनी स्तर पर महिलाओं की नेतृत्व क्षमता तेजी से बढ़ी है और अब उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी है।

उन्होंने कहा, “आज की नारी शक्ति सिर्फ 33% तक सीमित नहीं है, बल्कि वह नीति निर्धारण को प्रभावित करने की ताकत रखती है।”

विपक्ष का हमला—‘जल्दबाजी क्यों?’

वहीं समाजवादी पार्टी के नेता Akhilesh Yadav ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकार इसे जल्दबाजी में ला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनगणना और जातीय गणना से बचना चाहती है।

अखिलेश यादव ने कहा कि जब तक सही आंकड़े सामने नहीं आएंगे, तब तक आरक्षण का लाभ सही तरीके से नहीं मिल पाएगा।

अमित शाह का जवाब—‘जाति गणना होगी’

इस पर केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष को जवाब देते हुए कहा कि सरकार जाति आधारित जनगणना कराने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि फिलहाल घरों की गिनती का काम चल रहा है और नागरिकों की गणना के दौरान जाति का कॉलम शामिल किया जाएगा।

शाह ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि “समाजवादी पार्टी चाहे तो घरों की भी जाति तय कर दे,” लेकिन सरकार संविधान और नियमों के तहत ही आगे बढ़ेगी।

‘यह ऐतिहासिक पल है’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में इसे संसद और देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम 20-25 साल पहले ही उठाया जाना चाहिए था, लेकिन अब भी देर नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी सिर्फ संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह देश की नीति और दिशा तय करने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

‘काला टीका’ वाला तंज

भाषण के दौरान मोदी ने विपक्ष पर हल्का व्यंग्य भी किया। उन्होंने कहा कि जैसे शुभ काम में “नजर से बचाने के लिए काला टीका लगाया जाता है”, वैसे ही विरोध भी इस प्रक्रिया का हिस्सा है।


निष्कर्ष:

महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में हुई बहस ने साफ कर दिया है कि यह मुद्दा सिर्फ सामाजिक नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक विषय भी बन चुका है। एक तरफ सरकार इसे ऐतिहासिक सुधार बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसकी टाइमिंग और मंशा पर सवाल उठा रहा है। आने वाले दिनों में इस बिल पर सहमति बनती है या सियासी टकराव बढ़ता है, यह देखना अहम होगा।

TAGGED: Akhilesh Yadav, Amit Shah, BJP vs Opposition, Indian Politics, Parliament Session, PM Modi, Women Reservation Bill
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