जोधपुर: राजस्थान की प्रसिद्ध कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद जोधपुर में माहौल तनावपूर्ण हो गया। बुधवार रात जैसे ही उनकी मौत की खबर फैली, सैकड़ों की संख्या में भक्त अस्पताल पहुंच गए। पोस्टमॉर्टम के दौरान अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई, जिसे पुलिस की समझाइश के बाद शांत कराया गया।
पुलिस के अनुसार, साध्वी का अंतिम संस्कार गुरुवार को जोधपुर जिले के जास्ती गांव में किया जाएगा। हालांकि अंतिम संस्कार के स्थान को लेकर समर्थकों के बीच मतभेद भी सामने आए हैं।
इंजेक्शन से मौत का आरोप, पिता ने उठाए सवाल
साध्वी के पिता ने दावा किया है कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण उनकी बेटी की मौत हुई। उन्होंने आश्रम प्रबंधन और इलाज की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस इस आरोप की गंभीरता से जांच कर रही है।
भक्तों ने पिता पर लगाए गंभीर आरोप
भक्त रुद्रप्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि जब वे आरती नगर स्थित आश्रम पहुंचे, तब साध्वी के पिता शव को अंदर ले जाने से रोक रहे थे और साध्वी का मोबाइल फोन पुलिस को सौंपने से भी इनकार कर रहे थे। बाद में एसीपी (वेस्ट) छवि शर्मा ने साध्वी का मोबाइल अपने कब्जे में लिया।
भक्तों का यह भी आरोप है कि शव को मॉर्च्युरी ले जाते समय साध्वी के पिता निजी वाहन से उतरकर भागने की कोशिश कर रहे थे, हालांकि पुलिस ने स्थिति संभालते हुए उन्हें समझाया। एसीपी स्वयं शव के साथ एमजीएच मॉर्च्युरी पहुंचीं।
दो दिन से खराब थी तबीयत
एसीपी छवि शर्मा के मुताबिक, परिजनों ने बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा की तबीयत पिछले दो दिनों से खराब थी। बुधवार को उन्होंने किसी से इंजेक्शन लगवाया, जिसके बाद उनकी हालत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें पाल रोड स्थित प्रेक्षा हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत के बाद सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा रहस्य
साध्वी की मौत के करीब चार घंटे बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट से ‘अग्निपरीक्षा’ और ‘अलविदा’ से जुड़ी पोस्ट सामने आईं। इससे यह सवाल खड़े हो गए कि जब साध्वी की मौत पहले ही हो चुकी थी, तो यह पोस्ट किसने और कैसे की। पुलिस इस डिजिटल एंगल की भी जांच कर रही है।
6 महीने पुराने विवाद से जुड़ रहे तार
साध्वी की आखिरी पोस्ट में लिखे गए ‘न्याय’ और ‘अग्निपरीक्षा’ जैसे शब्दों को जुलाई 2025 के उस विवाद से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने अपने निजी स्टाफ पर ब्लैकमेलिंग और वीडियो वायरल कर बदनाम करने के आरोप लगाए थे। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या मौजूदा मामला उसी विवाद से जुड़ा हुआ है।
अंतिम संस्कार को लेकर विवाद
पोस्टमॉर्टम के बाद शव सौंपे जाने को लेकर भी तनाव की स्थिति बन गई। साध्वी के पिता ने कागजात पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए हालात बिगड़ गए। पुलिस के अनुसार, अंतिम संस्कार जास्ती गांव में किया जाएगा, जहां साध्वी की जमीन स्थित है। वहीं कुछ समर्थक परेऊ गांव में अंतिम संस्कार की मांग कर रहे हैं।
निष्कर्ष:
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत अब सिर्फ एक सामान्य मामला नहीं रह गई है। इंजेक्शन से मौत का आरोप, सोशल मीडिया पोस्ट, मोबाइल फोन, पुराने विवाद और परिजनों-भक्तों के बीच टकराव—इन सभी पहलुओं ने मामले को रहस्यमयी बना दिया है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से निष्पक्ष जांच में जुटी है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

