उत्तर प्रदेश: के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने होटल इंडस्ट्री और लोगों की प्राइवेसी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रावतपुर इलाके के विनायकपुर स्थित होटल रिद्धि पैलेस में पुलिस ने छापेमारी कर जिस्मफरोशी रैकेट और हिडन कैमरा नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि होटल के सभी 10 कमरों में गुप्त कैमरे लगाए गए थे, जिनके जरिए आने वाले कपल्स और ग्राहकों के निजी वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे।
पुलिस के मुताबिक, होटल संचालक प्रमोद गुप्ता इन वीडियो को अलग-अलग वेबसाइट्स पर बेचता था। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
ढाई महीने पहले किराए पर लिया था होटल
पुलिस जांच में पता चला कि होटल संचालक प्रमोद गुप्ता ने करीब ढाई महीने पहले होटल रिद्धि पैलेस किराए पर लिया था। होटल संभालते ही उसने सभी कमरों में टीवी और सेट-टॉप बॉक्स के एडॉप्टर के अंदर छोटे कैमरे फिट कर दिए।
ये कैमरे इतने चालाकी से लगाए गए थे कि किसी को उन पर शक तक नहीं हो सकता था। हर कमरे में बेड के सामने टीवी लगा था और कैमरे सीधे बेड की ओर फोकस किए गए थे।

मोबाइल में मिले 250 से ज्यादा वीडियो
जब पुलिस ने होटल पर छापा मारा और प्रमोद गुप्ता का मोबाइल जब्त किया, तो उसने फोन का पासवर्ड बताने में आनाकानी की। सख्ती के बाद जब मोबाइल खोला गया, तो उसमें करीब 250 निजी वीडियो मिले।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वीडियो होटल के कमरों में रिकॉर्ड किए गए थे। इसके बाद जब होटल के कमरों की तलाशी ली गई, तो टीवी एडॉप्टर के अंदर छिपे कैमरे बरामद हुए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी इन रिकॉर्डेड वीडियो को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और विदेशी वेबसाइट्स को बेचता था।
गरीब युवतियों को बनाया जाता था निशाना
पुलिस के अनुसार, रैकेट में शामिल तीन महिलाएं फैक्टरियों और आसपास के इलाकों में काम करने वाली गरीब और नई उम्र की युवतियों को पैसों का लालच देकर इस धंधे में धकेलती थीं।
एक युवक के साथ भेजने पर युवतियों को करीब 500 रुपये दिए जाते थे, जबकि होटल आने वाले ग्राहकों से 1000 से 1500 रुपये तक वसूले जाते थे। बाकी रकम होटल संचालक और दलालों में बांट दी जाती थी।
पुलिस ने ग्राहक बनकर बिछाया जाल
इस पूरे रैकेट का खुलासा बेहद फिल्मी अंदाज में हुआ। पुलिस को लंबे समय से होटल में अवैध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। इसके बाद क्राइम ब्रांच और रावतपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन की योजना बनाई।
एक पुलिसकर्मी ग्राहक बनकर होटल पहुंचा। उससे पहले 1200 रुपये मांगे गए, लेकिन बातचीत के बाद 1000 रुपये में सौदा तय हुआ। जैसे ही डील फाइनल हुई, बाहर मौजूद पुलिस टीम ने होटल पर छापा मार दिया।
रेड के दौरान तीन कमरों में युवक और युवतियां आपत्तिजनक हालत में मिले। पुलिस ने तुरंत होटल संचालक समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया।
गिरफ्तार आरोपी कौन-कौन?
पुलिस ने होटल संचालक प्रमोद गुप्ता समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अंबिका, प्रीति सिंह, मीनू और किरन नाम की महिलाएं शामिल हैं, जो कथित तौर पर युवतियों को इस धंधे में लाने का काम करती थीं।
वहीं, होटल में मिले युवक-युवतियों से पूछताछ के बाद उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच
एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी वीडियो किन वेबसाइट्स को बेचता था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
फिलहाल होटल भवन मालिक की भूमिका संदिग्ध नहीं मिली है, लेकिन पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
प्राइवेसी पर बड़ा सवाल
इस घटना ने होटल में ठहरने वाले लोगों की सुरक्षा और प्राइवेसी पर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। जिस तरह से गुप्त कैमरों के जरिए निजी पलों को रिकॉर्ड किया जा रहा था, उसने लोगों को डरा दिया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि होटल में ठहरते समय इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, एडॉप्टर, स्मोक डिटेक्टर और टीवी यूनिट्स की जांच जरूर करनी चाहिए।
निष्कर्ष
कानपुर के होटल रिद्धि पैलेस में सामने आया हिडन कैमरा कांड सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि लोगों की निजता पर बड़ा हमला है। पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है, लेकिन यह मामला होटल सुरक्षा और डिजिटल प्राइवेसी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में जांच में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।


