भारत और साइप्रस: के रिश्तों ने 2026 में एक नया ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। तुर्की के कट्टर प्रतिद्वंद्वी माने जाने वाले साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच 14 बड़े समझौतों पर सहमति बनी है। नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साइप्रस राष्ट्रपति के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक को रणनीतिक और भू-राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
इन समझौतों में डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी, शिक्षा, स्पेस टेक्नोलॉजी, संस्कृति, व्यापार और आतंकवाद विरोधी सहयोग जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। भारत और साइप्रस ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में दोनों देश एक-दूसरे के रणनीतिक साझेदार के रूप में आगे बढ़ेंगे।
क्यों खास है साइप्रस?
साइप्रस एक छोटा द्वीपीय देश है, लेकिन उसका भू-राजनीतिक महत्व बहुत बड़ा है। तुर्की और साइप्रस के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण रिश्ते रहे हैं। तुर्की ने साइप्रस के उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर रखा है और वह साइप्रस को पूर्ण देश के रूप में मान्यता भी नहीं देता। ऐसे में भारत और साइप्रस की बढ़ती नजदीकियां अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा संदेश मानी जा रही हैं।

भारत-साइप्रस के बीच हुईं 14 बड़ी डील
1. रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई
दोनों देशों ने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई। व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा दिया जाएगा।
2. आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त मोर्चा
आतंकवाद और कट्टरपंथ से निपटने के लिए ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप बनाया जाएगा, जो खुफिया जानकारी साझा करेगा।
3. डिप्लोमैटिक ट्रेनिंग में सहयोग
भारत के सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और साइप्रस डिप्लोमैटिक एकेडमी के बीच MOU साइन हुआ।
4. उच्च शिक्षा और रिसर्च में साझेदारी
भारतीय छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स के लिए नए अवसर खोलने पर सहमति बनी।
5. सांस्कृतिक सहयोग बढ़ेगा
दोनों देश एक-दूसरे की संस्कृति और विरासत को प्रमोट करेंगे। पुरातत्व और सांस्कृतिक तस्करी रोकने में भी सहयोग होगा।
6. टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप को बढ़ावा
डिजिटल इनोवेशन, स्टार्टअप इंडिया और टेक्नोलॉजी सेक्टर में संयुक्त पहल शुरू की जाएगी।
7. सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग
आपदा और समुद्री बचाव अभियानों में संयुक्त प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग बढ़ाया जाएगा।
8. डिफेंस सेक्टर में सहयोग
2031 तक रक्षा सहयोग को नई दिशा दी जाएगी। जॉइंट ट्रेनिंग और सैन्य अभ्यास बढ़ेंगे।
9. साइबर सिक्योरिटी पर बड़ा करार
साइबर अटैक और डिजिटल खतरों से निपटने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
10. काउंसलर डायलॉग फ्रेमवर्क
लोगों से जुड़े मामलों को तेजी से सुलझाने के लिए एक नया फ्रेमवर्क तैयार होगा।
11. इंडो-पैसिफिक पहल में साइप्रस की एंट्री
साइप्रस ने भारत की इंडो-पैसिफिक महासागर पहल का समर्थन किया है।
12. भीष्म क्यूब का तोहफा
भारत साइप्रस को ‘आरोग्य मैत्री भीष्म क्यूब’ देगा, जो आपदा राहत में इस्तेमाल होगा।
13. भारत-साइप्रस स्पेस डे
हर साल 18 मई को ‘इंडिया-साइप्रस स्पेस डे’ मनाया जाएगा।
14. मुंबई में खुलेगा साइप्रस ट्रेड सेंटर
मुंबई में साइप्रस ट्रेड सेंटर खुलने से व्यापार और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और साइप्रस के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और पारस्परिक सम्मान पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध समय की कसौटी पर हमेशा मजबूत साबित हुए हैं और अब इन्हें नई गति देने का समय आ गया है।
यूरोप के साथ भारत के रिश्तों को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि साइप्रस यूरोपीय संघ का सदस्य होने के कारण भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे भारत-यूरोप व्यापार और कूटनीतिक संबंधों को भी मजबूती मिलेगी।
निष्कर्ष:
भारत और साइप्रस के बीच हुई 14 ऐतिहासिक डील सिर्फ द्विपक्षीय समझौते नहीं हैं, बल्कि यह बदलती वैश्विक राजनीति में भारत की मजबूत होती स्थिति का संकेत भी हैं। तुर्की-साइप्रस तनाव के बीच भारत का यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में रक्षा, व्यापार, साइबर सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है।

