नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा से शनिवार शाम एक बड़ी दुर्घटना की खबर सामने आई, जहां सेक्टर-59 स्थित स्पार्क मिंडा कंपनी में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरे इलाके में धुएं का घना गुबार छा गया। दूर-दूर तक उठते काले धुएं को देखकर आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई।
घटना के बाद कंपनी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अंदर काम कर रहे कर्मचारियों में भगदड़ मच गई और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तत्काल राहत अभियान शुरू करना पड़ा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ कर्मचारी घायल हुए हैं, जिन्हें मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया।
कैसे लगी आग?
प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि कंपनी के एक हिस्से में अचानक विद्युत प्रणाली में खराबी आने के बाद चिंगारी निकली, जिसने देखते ही देखते आग का रूप ले लिया।
चूंकि कंपनी में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और औद्योगिक सामग्री का उपयोग होता है, इसलिए आग तेजी से फैलती चली गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सही कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और फॉरेंसिक टीम की रिपोर्ट के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
आग लगते ही मची भगदड़
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम के समय कंपनी में सामान्य रूप से काम चल रहा था। तभी अचानक धुआं उठना शुरू हुआ और कुछ ही क्षणों में आग की लपटें दिखाई देने लगीं। कर्मचारियों को जब स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ तो वे तेजी से बाहर निकलने लगे।
कई कर्मचारियों ने बताया कि धुएं के कारण कुछ समय के लिए सांस लेने में भी दिक्कत हुई। सुरक्षा कर्मियों और कंपनी प्रबंधन ने तत्काल कर्मचारियों को बाहर निकालने का प्रयास किया, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।

दमकल विभाग ने संभाला मोर्चा
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे के अनुसार आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग को अलर्ट कर दिया गया। मौके पर आधा दर्जन से अधिक फायर टेंडर भेजे गए और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
दमकलकर्मियों ने आग को आसपास की अन्य इकाइयों तक फैलने से रोकने के लिए कई दिशाओं से पानी की बौछार की। आग की तीव्रता को देखते हुए अतिरिक्त फायर यूनिट्स को भी स्टैंडबाय पर रखा गया।
अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक लक्ष्य कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और आग को नियंत्रित करना था। कई घंटों तक चले अभियान के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाने के प्रयास जारी रहे।
एंबुलेंस और मेडिकल टीम भी पहुंची
हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट किया गया। कई एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायल कर्मचारियों को प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई गई।
हालांकि राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी में किसी बड़े जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और घायलों की स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी की जा रही है।
आसपास के इलाके में दिखा धुएं का गुबार
आग इतनी भीषण थी कि उसका धुआं कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था। सेक्टर-58, सेक्टर-60 और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के लोगों ने भी धुएं का विशाल गुबार देखा। कई लोगों ने घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जो तेजी से वायरल हो गईं।
स्थानीय लोगों के अनुसार पहले उन्हें लगा कि किसी बड़े औद्योगिक संयंत्र में विस्फोट हुआ है, लेकिन बाद में पता चला कि आग स्पार्क मिंडा कंपनी में लगी है।
सुरक्षा मानकों की होगी जांच
घटना के बाद अब कंपनी के सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्था की भी जांच की जाएगी। प्रशासन यह पता लगाएगा कि क्या कंपनी में फायर सेफ्टी नियमों का पूरी तरह पालन किया जा रहा था या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि औद्योगिक क्षेत्रों में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट और विद्युत प्रणालियों की जांच बेहद जरूरी है।
नोएडा के सेक्टर-59 स्थित स्पार्क मिंडा कंपनी में लगी भीषण आग ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय रहते दमकल विभाग और प्रशासन की सक्रियता के कारण बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना ने फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


