मुंबई/बारामती। महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक मोड़ देखने को मिला, जब अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की डिप्टी मुख्यमंत्री चुना गया। इसके साथ ही वे राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गई हैं। सुनेत्रा पवार आज शाम 5 बजे राजभवन के लोकभवन में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी।
शनिवार दोपहर 2 बजे विधान भवन में आयोजित NCP विधायक दल और विधान परिषद सदस्यों की संयुक्त बैठक में सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक में वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी 41 एनसीपी नेताओं ने समर्थन दिया।
🕊️ अजित पवार को श्रद्धांजलि के साथ भावुक शुरुआत
विधान भवन पहुंचने पर सुनेत्रा पवार ने पहले अजित पवार की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था, जिसके बाद से डिप्टी सीएम का पद रिक्त था।

🏛️ राज्यसभा से इस्तीफा, संविधान का पालन
डिप्टी सीएम पद की शपथ से पहले सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सांसद पद से इस्तीफा दे दिया। वे 18 जून 2024 को राज्यसभा सांसद बनी थीं।
संविधान के अनुच्छेद 190(1) के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक साथ संसद सदस्य और राज्य सरकार में मंत्री नहीं रह सकता, इसलिए यह इस्तीफा आवश्यक था।
🤝 मुख्यमंत्री से मुलाकात, सत्ता संतुलन स्पष्ट
एनसीपी विधायक दल की बैठक के बाद पार्टी नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। मंत्री छगन भुजबल ने कहा,
“पार्टी ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है। अब महाराष्ट्र को स्थिर नेतृत्व मिलेगा।”
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🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा,
“यह एनसीपी का आंतरिक फैसला है। अजित पवार के निधन से खाली हुए पद को भरना जरूरी था। इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।”
👨👩👦 पारिवारिक पहल: पार्थ पवार का कदम
सुनेत्रा पवार के बेटे पार्थ पवार ने शरद पवार के आवास जाकर उन्हें शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने सुप्रिया सुले से भी बातचीत की। हालांकि शरद पवार की उपस्थिति को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
🕰️ 13 महीने बाद लोकभवन में शपथ
लोकभवन में आखिरी शपथ ग्रहण 5 दिसंबर 2024 को हुआ था। इसके बाद 13 महीने 26 दिन बाद फिर से राजभवन में शपथ समारोह आयोजित किया जा रहा है।
🧠 निष्कर्ष:
सुनेत्रा पवार का डिप्टी सीएम बनना केवल एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया अध्याय है।
अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद सत्ता, संवेदना और स्थिरता — तीनों का संतुलन साधते हुए एनसीपी ने यह बड़ा फैसला लिया है।
अब सबकी निगाहें इस पर होंगी कि सुनेत्रा पवार नेतृत्व में महाराष्ट्र की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

