चार महीने पहले की थी लव मैरिज, अब मौत बन गई दुश्मनी
उत्तर प्रदेश: के सहारनपुर जिले में सामने आया शिवकुमार हत्याकांड लगातार नए खुलासे कर रहा है। पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे इस पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना रहे हैं। जांच में पता चला है कि हत्या से कुछ ही देर पहले आरोपियों और मृतक शिवकुमार के बीच तीखी बहस और झड़प हुई थी। इसी दौरान आरोपियों ने धमकी दी थी कि “दोनों बचकर नहीं जा पाओगे”।
इसके कुछ समय बाद ही शिवकुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना न केवल प्रेम विवाह के बाद पैदा हुए पारिवारिक विवाद की भयावह तस्वीर पेश करती है, बल्कि समाज में सम्मान और रिश्तों के नाम पर बढ़ती हिंसा पर भी सवाल खड़े करती है।
क्या है पूरा मामला?
शामली जिले के गांव खेड़ी बैरागी निवासी 27 वर्षीय शिवकुमार अपनी पत्नी आकांक्षा को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा दिलाने के लिए मंगलवार को सहारनपुर के रामपुर मनिहारान स्थित गोचर कृषि इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र लेकर आया था।
परीक्षा समाप्त होने के बाद शिवकुमार, उसकी पत्नी आकांक्षा और उसका ममेरा भाई कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे आकांक्षा के परिजनों ने उन्हें रोक लिया और गोली मारकर शिवकुमार की हत्या कर दी।
शिवकुमार और आकांक्षा एक ही गांव के निवासी थे। दोनों ने करीब चार महीने पहले परिवार की इच्छा के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह किया था। इसी विवाह को लेकर दोनों परिवारों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था।

हत्या से पहले हुआ था बड़ा विवाद
पुलिस जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र के बाहर आकांक्षा के भाई मंजीत ने अपनी बहन को जबरन घर ले जाने की कोशिश की थी। इस दौरान आकांक्षा और शिवकुमार ने इसका विरोध किया।
विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की तक हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसी समय आरोपियों ने धमकी देते हुए कहा था कि “तुम दोनों बचकर नहीं जा पाओगे।”
कुछ देर बाद यही धमकी हकीकत में बदल गई और रास्ते में शिवकुमार को गोली मार दी गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि शिवकुमार की मौत सिर में गोली लगने से हुई। गोली सिर के अंदर ही फंस गई थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार हत्या पूरी तरह सुनियोजित प्रतीत होती है। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आकांक्षा की मां विमला और मामा कर्मवीर को गिरफ्तार कर लिया है।
गांव वालों के तानों से परेशान था परिवार
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी विमला ने दावा किया कि प्रेम विवाह के बाद गांव में लोग लगातार ताने मारते थे, जिससे पूरा परिवार मानसिक दबाव में था।
हालांकि पुलिस इस बयान के आधार पर जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हत्या की साजिश कब और कैसे बनाई गई।
मृतक की मां ने लगाए गंभीर आरोप
शिवकुमार की मां कांति देवी ने इस हत्या को सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार को पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं।
उन्होंने दावा किया कि आकांक्षा का भाई अजीत, जो सीआरपीएफ में कार्यरत है, इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड हो सकता है। उन्होंने सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो परिवार आंदोलन करेगा।
गांव में पसरा मातम, सुरक्षा बढ़ाई गई
बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शिवकुमार का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गांव में भारी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित मौजूद रहे।
घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। वहीं परीक्षा केंद्र और आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
पुलिस की कार्रवाई जारी
एसपी सिटी व्योम बिंदल के अनुसार मामले में नामजद अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।
निष्कर्ष
सहारनपुर का शिवकुमार हत्याकांड एक बार फिर यह दिखाता है कि प्रेम विवाह को लेकर समाज के कुछ हिस्सों में आज भी कट्टर सोच मौजूद है। चार महीने पहले शुरू हुई नई जिंदगी अचानक गोलियों की आवाज में खत्म हो गई। अब पूरे मामले में पुलिस जांच और अदालत की प्रक्रिया तय करेगी कि दोषियों को कितना और कैसा दंड मिलता है, लेकिन एक परिवार का इकलौता सहारा हमेशा के लिए छिन चुका है।

