‘कीड़े-मकोड़े तो रोज मरते हैं…’ युवक की मौत पर दारोगा की टिप्पणी से मचा हंगामा, SP ने किया लाइन हाजिर
उत्तर प्रदेश: के शाहजहांपुर जिले में एक सड़क हादसे के बाद पुलिस के एक दारोगा की कथित संवेदनहीन टिप्पणी ने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया। एक युवक की मौत के बाद जहां परिवार गहरे सदमे में था, वहीं मौके पर पहुंचे दारोगा द्वारा कथित तौर पर कही गई बात—”कीड़े-मकोड़े तो रोज मरते रहते हैं”—ने लोगों के गुस्से को भड़का दिया। मामला इतना बढ़ गया कि ग्रामीणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
क्या है पूरा मामला?
घटना लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रुजवारी गांव की है। यहां रहने वाले अंशुल पांडेय अपनी बहन डॉली पांडेय को बस स्टॉप तक छोड़ने गए थे। डॉली एक फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हैं और रोजाना इसी मार्ग से अपने कार्यस्थल जाती थीं।
बताया जा रहा है कि अंशुल अपनी बहन के साथ सड़क किनारे बस का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान बरेली की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। कार चला रही महिला की पहचान डॉक्टर अंकिता कपूर के रूप में हुई है, जो बंथरा स्थित मेडिकल कॉलेज में तैनात बताई जा रही हैं।
टक्कर इतनी भीषण थी कि अंशुल कई फीट दूर जाकर गिरे। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दारोगा की टिप्पणी से भड़के लोग
हादसे के बाद स्थानीय लोग और मृतक के परिजन मौके पर इकट्ठा हो गए। आरोप है कि जब लोग घटना को लेकर पुलिस से सवाल कर रहे थे, तभी दारोगा जोगेंद्र सिंह ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया।
परिजनों का आरोप है कि दारोगा ने कहा, “हट जाओ नहीं तो गाड़ी ऊपर चढ़ा देंगे” और इसके बाद कथित रूप से यह भी कहा कि “कीड़े-मकोड़े तो रोज मरते रहते हैं।”
इस बयान ने पूरे माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगा दिया और आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
पुलिस प्रशासन हरकत में आया
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी (CO) इशिका सिंह, अपराध निरीक्षक सुनील कुमार यादव और बाद में एएसपी ग्रामीण दीक्षा भंवरे भी घटनास्थल पर पहुंचीं।
अधिकारियों ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद देर शाम पुलिस अधीक्षक ने दारोगा जोगेंद्र सिंह को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया।
पुलिस विभाग ने मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। वहीं, सिपाही अमित कुमार के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिस पर जांच चल रही है।

डॉक्टर के खिलाफ दर्ज हुई FIR
मृतक के पिता अजीत पांडेय की तहरीर पर डॉक्टर अंकिता कपूर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार डॉक्टर अंकिता बरेली के शास्त्रीनगर क्षेत्र की रहने वाली हैं और प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज ड्यूटी के लिए इसी मार्ग से गुजरती थीं। हादसे के समय भी वह अपनी ड्यूटी पर जा रही थीं।
पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि हादसे के समय वाहन की गति कितनी थी और चालक की कोई लापरवाही तो नहीं थी।
सड़क सुरक्षा पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे पर अंडरपास न होने और पर्याप्त पुलिस व्यवस्था न होने को भी हादसे की बड़ी वजह बताया।
ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों ने प्रशासन से तत्काल अंडरपास निर्माण और ट्रैफिक सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
सोशल मीडिया पर भी गूंजा मामला
दारोगा की कथित टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग पुलिस की संवेदनशीलता पर सवाल उठा रहे हैं और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
कई सामाजिक संगठनों ने भी घटना की निंदा करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

