अयोध्या: के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। जांच आगे बढ़ने के साथ अब कार्रवाई का दायरा भी तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार को पुलिस की टीम राम मंदिर परिसर पहुंची और करीब दो घंटे तक घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसी बीच खबर सामने आई कि प्रशासन आरोपियों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने उन मकानों की सूची तैयार कर ली है, जिनका निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे या नियमों के उल्लंघन के साथ किया गया है। इनमें मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा का शहादतगंज स्थित निर्माणाधीन मकान और अनुकल्प मिश्रा का कौशलपुरी स्थित घर प्रमुख रूप से जांच के दायरे में हैं। इन भवनों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पुलिस ने मंदिर पहुंचकर जुटाए अहम सबूत
जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उस कमरे का निरीक्षण किया, जहां मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती की जाती है। जांच टीम ने कर्मचारियों से पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली और यह भी समझने की कोशिश की कि आरोपियों की मंदिर की व्यवस्था में कितनी भूमिका थी।
इससे पहले पुलिस मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से जेल में पूछताछ कर चुकी है। अब पुलिस उसके बयान और अन्य सबूतों का मिलान कर रही है। वहीं, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से पहले ही लंबी पूछताछ हो चुकी है और अब ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
चंपत राय समेत चार लोगों पर FIR की मांग
इधर, अयोध्या में इस मामले ने नया राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले लिया है। करीब 500 से अधिक वकीलों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा, गोपाल राव सहित चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।
वकीलों ने सिविल लाइन चौकी पहुंचकर लिखित शिकायत भी दी। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि केवल शिकायत दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विधिक प्रक्रिया के तहत तत्काल FIR दर्ज की जानी चाहिए।

ट्रस्ट के भीतर भी शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप
राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर भी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। ट्रस्ट के ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने पहली बार सार्वजनिक रूप से पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जिम्मेदारी गोपाल राव की है और उन्होंने संगठन के भीतर भ्रम की स्थिति पैदा की।
यह बयान ऐसे समय आया है जब जांच एजेंसियां ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और नियुक्तियों की भी जांच कर रही हैं।
आरोपी के भाई का वीडियो भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान एक और नया पहलू सामने आया है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के भाई अमित शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह नोटों की गड्डियां हाथ में लिए दिखाई दे रहा है। पुलिस अब इस वीडियो की सत्यता और उसके स्रोत की जांच कर रही है।
सरकार ने दोहराया- दोषी नहीं बचेंगे
प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जिसने भी अपराध किया होगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। मंत्री दयाशंकर सिंह और एके शर्मा ने भी कहा कि आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
याद रहे कि इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और SIT लगातार जांच को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निष्कर्ष:
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला अब केवल चोरी की जांच तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस जांच, संभावित बुलडोजर कार्रवाई, ट्रस्ट के भीतर आरोप-प्रत्यारोप और FIR की मांग ने इस प्रकरण को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। आने वाले दिनों में SIT की रिपोर्ट और पुलिस जांच से कई अहम खुलासे होने की संभावना है।

