उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में उन्नाव-लालगंज नेशनल हाईवे पर गुरुवार तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पंक्चर हुए कंटेनर का टायर बदल रहे तीन लोगों को तेज रफ्तार गिट्टी लदे डंपर ने कुचल दिया। हादसे में कंटेनर चालक, उसके दोस्त और दोस्त के भतीजे की मौत हो गई। घटना के बाद डंपर चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी तलाश में जुटी है।
यह हादसा बिहार थाना क्षेत्र के ककरारी गांव के पास हुआ, जहां सड़क किनारे खड़े कंटेनर का पहिया बदला जा रहा था। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
कोलकाता जा रहा था कंटेनर
पुलिस के अनुसार, प्रतापगढ़ जिले के लीलापुर थाना क्षेत्र के पंडित का पुरवा खड़गपुर गांव निवासी 40 वर्षीय प्रदीप पिछले करीब 16 वर्षों से कंटेनर चालक के रूप में कार्यरत था। बुधवार रात वह गुजरात से सोयाबीन, रिफाइंड और अन्य खाद्य सामग्री लेकर पश्चिम बंगाल के कोलकाता जा रहा था।
रात करीब 11 बजे उन्नाव-लालगंज हाईवे पर ककरारी गांव के पास उसके कंटेनर का बीच का टायर पंक्चर हो गया। इसके बाद उसने वाहन सड़क किनारे खड़ा कर मदद के लिए अपने मित्र हरिश्चंद्र को फोन किया।
दोस्त को खाना लेकर बुलाया
प्रदीप ने अपने मित्र रायबरेली जिले के गुरबक्शगंज थाना क्षेत्र के अटौरा गांव निवासी 40 वर्षीय हरिश्चंद्र से कहा कि वह टायर बदलने में मदद करे और साथ में घर का बना खाना भी लेकर आए।
हरिश्चंद्र अपने 27 वर्षीय भतीजे मिथुन उर्फ नितेश के साथ बाइक से मौके पर पहुंचा। तीनों ने पहले साथ बैठकर भोजन किया और फिर कंटेनर का पंक्चर टायर बदलने का काम शुरू कर दिया।

तेज रफ्तार डंपर ने मारी टक्कर
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से रायबरेली की ओर जा रहा गिट्टी से लदा डंपर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पहुंच गया और टायर बदल रहे तीनों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि प्रदीप और हरिश्चंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल मिथुन को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर कानपुर के एलएलआर अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान गुरुवार दोपहर उसकी भी मौत हो गई।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की सूचना मिलते ही तीनों मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजन शवों को देखकर बेसुध हो गए।
मिथुन के परिजन इलाज के दौरान कानपुर पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। वहीं प्रदीप और हरिश्चंद्र के शवों का पोस्टमार्टम उन्नाव में कराया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
बिहार थाना प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि घटना के बाद डंपर चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और फरार वाहन की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मृतकों के परिजनों की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा और आरोपी चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाईवे पर सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और सड़क किनारे खराब वाहनों के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन खराब होने की स्थिति में रिफ्लेक्टर, चेतावनी संकेत और सुरक्षा बैरियर का इस्तेमाल दुर्घटनाओं के जोखिम को काफी हद तक कम कर सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से हाईवे पर गश्त बढ़ाने और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्ती करने की मांग की है।
निष्कर्ष:
उन्नाव-लालगंज हाईवे पर हुआ यह हादसा तीन परिवारों के लिए जीवनभर का दर्द बन गया। कंटेनर का टायर बदलते समय डंपर की चपेट में आने से चालक, उसके मित्र और मित्र के भतीजे की जान चली गई। पुलिस फरार डंपर चालक की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है। यह घटना सड़क सुरक्षा नियमों के पालन और हाईवे पर सतर्कता की आवश्यकता को एक बार फिर सामने लाती है।

