गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं। देहात कोतवाली क्षेत्र के गोंडा-बेलसर मार्ग पर माधवपुर गांव के पास सरिया से लदा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गया। इस भीषण हादसे में ट्रक पर सवार तीन मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य मजदूर समय रहते ट्रक से कूद गए और उनकी जान बच गई।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और पुलिस तथा एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।
सुबह 9:30 बजे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे हुई। सरिया से लदा ट्रक गोंडा से वीरसिंहपुर की ओर जा रहा था, जहां टेढ़ी नदी पर निर्माणाधीन पुल के लिए लोहे की सरिया पहुंचाई जानी थी।
माधवपुर गांव के पास पहुंचते ही ट्रक चालक अचानक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारिश के कारण सड़क फिसलन भरी थी। ट्रक पहले सड़क की पटरी पर चढ़ा और फिर संतुलन बिगड़ने से खेत में पलट गया।
दो सगे भाइयों समेत तीन मजदूरों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में जिन मजदूरों की जान गई, उनकी पहचान रविंद्र पासवान (31 वर्ष), राजेंद्र पासवान (42 वर्ष) और रामगुलाम पासवान (30 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों तरबगंज थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव के निवासी थे।
सबसे दुखद बात यह रही कि मृतकों में रविंद्र और राजेंद्र आपस में सगे भाई थे। दोनों परिवार की आजीविका के लिए मजदूरी का कार्य करते थे और रोज की तरह काम पर निकले थे, लेकिन यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया।

चार मजदूरों ने कूदकर बचाई जान
ट्रक के पलटने से पहले उसमें सवार चार अन्य मजदूरों ने स्थिति भांपते हुए वाहन से छलांग लगा दी। इसी वजह से उनकी जान बच गई।
घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत एंबुलेंस द्वारा गोंडा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार सभी घायल खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू हुई जांच
हादसे की सूचना मिलते ही देहात कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू कराया। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हटाने के लिए क्रेन मंगाई गई, ताकि यातायात सामान्य किया जा सके।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बारिश के कारण फिसलन और चालक द्वारा वाहन पर नियंत्रण खोना दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुल निर्माण कार्य के लिए जा रही थी सरिया
जानकारी के अनुसार, ट्रक में लदी सरिया वीरसिंहपुर में टेढ़ी नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य के लिए भेजी जा रही थी। मजदूर भी उसी निर्माण कार्य में लगाए जाने वाले थे।
रास्ते में अचानक हुए हादसे ने पूरे निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को भी झकझोर दिया।
मौके पर उमड़ी लोगों की भीड़
दुर्घटना के बाद आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। पलटे हुए ट्रक के नीचे दबे मजदूरों को निकालने में स्थानीय लोगों ने पुलिस की मदद की।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि ट्रक काफी तेज गति में था और बारिश के कारण सड़क पर संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो गया था। हालांकि इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
परिजनों में मचा कोहराम
हादसे की खबर मिलते ही मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। परिजन रोते-बिलखते जिला अस्पताल पहुंचे। दो सगे भाइयों की एक साथ मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता और घायलों के समुचित इलाज की मांग की है।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि चालक की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ट्रक की तकनीकी स्थिति और सड़क सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी।
निष्कर्ष:
गोंडा के माधवपुर गांव के पास हुआ यह सड़क हादसा एक बार फिर भारी वाहनों की सुरक्षा, तेज रफ्तार और बारिश के दौरान सावधानी की आवश्यकता को उजागर करता है। सरिया से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटने से दो सगे भाइयों समेत तीन मजदूरों की जान चली गई, जबकि चार मजदूरों ने समय रहते छलांग लगाकर अपनी जान बचा ली। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

