मेलबर्न: ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में उस समय ऐतिहासिक माहौल देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से पहले ही मार्वल स्टेडियम भारतीय समुदाय से पूरी तरह भर गया। ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में 30,000 से अधिक लोगों की मौजूदगी ने इसे ऑस्ट्रेलिया में किसी भी वैश्विक नेता के लिए आयोजित सबसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में शामिल कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर पहुंचने से पहले ही पूरा स्टेडियम ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। भारतीय तिरंगे और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्रीय ध्वज के साथ हजारों लोग दोनों देशों की मित्रता का संदेश देते नजर आए।
भारतीय समुदाय का दिखा जबरदस्त उत्साह
‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में भारतीय मूल के लोगों ने भारी संख्या में भाग लिया। परिवारों, युवाओं, छात्रों और विभिन्न राज्यों से जुड़े भारतीय समुदाय के लोगों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, देशभक्ति गीतों और पारंपरिक नृत्यों ने पूरे आयोजन को उत्सव का रूप दे दिया। मंच के आसपास मौजूद दर्शक प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे और हर कुछ मिनट में ‘मोदी-मोदी’ के नारे गूंज रहे थे।
मार्वल स्टेडियम बना ‘मिनी इंडिया’
कार्यक्रम के दौरान ऐसा माहौल बना मानो मेलबर्न का मार्वल स्टेडियम कुछ घंटों के लिए ‘मिनी इंडिया’ में बदल गया हो। स्टेडियम के हर हिस्से में भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई दी।
लोग पारंपरिक भारतीय परिधानों में पहुंचे थे। कई लोग तिरंगा लहराते नजर आए, जबकि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में उत्साह साफ दिखाई दे रहा था।
भारत-ऑस्ट्रेलिया दोस्ती की मजबूत तस्वीर
कार्यक्रम की सबसे खास बात भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी की झलक रही। पूरे आयोजन के दौरान दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज एक साथ लहराते दिखाई दिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय मूल की बढ़ती आबादी और दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक, शैक्षणिक तथा रणनीतिक सहयोग ने इस रिश्ते को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी वजह से यह कार्यक्रम केवल प्रवासी भारतीयों का आयोजन नहीं रहा, बल्कि दोनों देशों की साझेदारी का प्रतीक भी बन गया।

क्या बोले भारतीय समुदाय के सदस्य?
प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन से पहले कई लोगों ने अपनी खुशी व्यक्त की।
एक भारतीय मूल के नागरिक ने कहा कि आज मेलबर्न के इतिहास का यादगार दिन है और इतने बड़े स्तर पर भारतीय समुदाय का एक साथ जुटना गर्व की बात है।
दूसरे सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहली बार इतने करीब से देखने का अवसर मिला है और यह उनके जीवन का खास पल रहेगा।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और दुनिया में भारत की बढ़ती भूमिका पर उन्हें गर्व है।
पीएम मोदी का हुआ भव्य स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेलबर्न पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। ठंडे मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट और कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे।
स्वागत के दौरान लगातार ‘भारत माता की जय’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे सुनाई देते रहे। लोगों ने तिरंगा लहराकर और पारंपरिक अंदाज में उनका अभिनंदन किया।
पीएम मोदी ने जताया आभार
भारतीय समुदाय के स्वागत से अभिभूत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए कहा कि मेलबर्न का मौसम भले ठंडा हो, लेकिन भारतीय समुदाय का गर्मजोशी भरा स्वागत हमेशा याद रहेगा।
उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे भारतीयों का भारत के प्रति अटूट प्रेम और जुड़ाव देश के लिए गर्व की बात है।
ऑस्ट्रेलियाई नेताओं ने भी की सराहना
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें ऑस्ट्रेलिया का सच्चा मित्र बताया। उन्होंने भारत यात्रा के दौरान मिले सम्मान को भी याद किया और दोनों देशों के मजबूत संबंधों पर खुशी जताई।
वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्ते लगातार मजबूत हुए हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच ‘क्वाड’, इंडो-पैसिफिक सहयोग और नागरिक परमाणु साझेदारी को भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल प्रवासी भारतीयों से संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यापार, रक्षा, शिक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग जैसे कई अहम क्षेत्रों में दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है।
भारतीय समुदाय की रिकॉर्ड उपस्थिति यह भी दर्शाती है कि विदेशों में बसे भारतीय आज भी अपनी सांस्कृतिक पहचान और भारत से जुड़े रिश्तों को मजबूती से निभा रहे हैं।
निष्कर्ष:
मेलबर्न के मार्वल स्टेडियम में आयोजित ‘Melbourne Meets Modi’ कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि विदेशों में बसे भारतीय समुदाय का भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जुड़ाव बेहद मजबूत है। 30 हजार से अधिक लोगों की मौजूदगी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। साथ ही भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होते रिश्तों का भी दुनिया के सामने एक सकारात्मक संदेश गया।

