राष्ट्रीय: राजधानी दिल्ली में कथित आतंकी हमले की बड़ी साजिश का खुलासा होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ISI समर्थित एक संदिग्ध मॉड्यूल का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान सामने आए डिजिटल सबूतों और मोबाइल चैट से संकेत मिले हैं कि राजधानी के कई भीड़भाड़ वाले इलाकों को निशाना बनाने की तैयारी की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार संदिग्ध पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर और गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी के संपर्क में थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि संदिग्धों को कथित तौर पर पेट्रोल बम के जरिए हमले करने के निर्देश दिए गए थे। फिलहाल पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का फोरेंसिक विश्लेषण कराया जा रहा है।
चैट से सामने आई कथित साजिश
जांच में मोबाइल फोन से मिली चैट में शहजाद भट्टी और गिरफ्तार आरोपी दानिश के बीच बातचीत सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, जून के अंतिम सप्ताह में हुई बातचीत में कथित तौर पर ‘सामान’ मिलने और उसे तैयार रखने का जिक्र है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, चैट में पहले पूछा गया कि “सामान मिला?”, जिस पर जवाब मिला “हां, सब मिल गया।” इसके बाद कथित तौर पर निर्देश दिया गया कि सामान को सुरक्षित रखो और आगे के संदेश का इंतजार करो।
पुलिस का दावा है कि इसी के बाद वीडियो कॉल के माध्यम से आगे के निर्देश दिए जाने थे।
किन स्थानों को बनाया गया था निशाना?
स्पेशल सेल की प्रारंभिक जांच के अनुसार, कथित साजिश के तहत दिल्ली के कई महत्वपूर्ण और भीड़भाड़ वाले स्थानों की रेकी की गई थी। इनमें न्यू पुलिस लाइन (सिविल लाइंस), आनंद विहार बस अड्डा, रेलवे स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थान शामिल बताए जा रहे हैं।
जांचकर्ताओं का कहना है कि संदिग्धों के मोबाइल फोन से इन स्थानों के वीडियो भी मिले हैं। आरोप है कि ये वीडियो प्रतिबंधित संचार माध्यमों के जरिए पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर तक भेजे गए थे।

विजय घाट से बरामद हुए पेट्रोल बम
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कार्रवाई के दौरान राजघाट के पीछे स्थित विजय घाट क्षेत्र से पेट्रोल बम भी बरामद किए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद सामग्री को जांच के लिए भेजा गया है और इसकी फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल कब और कैसे किया जाना था तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क की जांच
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार संदिग्ध केवल एक व्यक्ति के संपर्क में नहीं थे। पुलिस के अनुसार, वे पाकिस्तान में मौजूद लगभग दस अन्य संदिग्ध संपर्कों से भी जुड़े हुए थे, जो कथित तौर पर उसी नेटवर्क के लिए काम कर रहे थे।
एजेंसियां इन सभी डिजिटल संपर्कों, चैट रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही हैं ताकि पूरे नेटवर्क की पहचान की जा सके।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
घटना के बाद दिल्ली सहित आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी पहलुओं की विस्तार से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष:
दिल्ली में कथित आतंकी साजिश का खुलासा सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। मोबाइल चैट, रेकी वीडियो और बरामद सामग्री के आधार पर जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। हालांकि मामले की अंतिम सच्चाई अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने और संभावित खतरे को पूरी तरह खत्म करने में जुटी हैं।

