इटावा में रिश्तों का खौफनाक अंत, पत्नी और कथित प्रेमी पर पति की हत्या का आरोप
उत्तर प्रदेश: के इटावा जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तोड़ा गांव में एक महिला ने अपने कथित प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। आरोप है कि पहले पति को दूध में नींद की गोलियां देकर बेहोश किया गया, फिर अंगोछे से गला घोंटकर उसकी हत्या की गई और बाद में शव को पंखे से लटकाकर इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
हालांकि पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे जांच जारी है।
घर में फंदे से लटका मिला था शव
पुलिस के मुताबिक, रविवार देर रात करीब 1:30 बजे 35 वर्षीय आनंद राजपूत उर्फ महबूब का शव उनके घर के अंदर पंखे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
मृतक के पिता सुघर सिंह राजपूत ने अपनी शिकायत में बहू आशिकी देवी और उसके कथित प्रेमी शिवम पर हत्या का आरोप लगाया। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
बदलते बयान से गहराया शक
जांच के दौरान पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, पत्नी आशिकी देवी के बयान बार-बार बदल रहे थे, जिससे पुलिस को उस पर संदेह हुआ।
सख्ती से पूछताछ किए जाने पर उसने कथित तौर पर हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने कथित प्रेमी शिवम को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने भी साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की, ऐसा पुलिस का दावा है।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह?
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि आशिकी देवी और गांव के ही रहने वाले रिश्ते के भतीजे शिवम के बीच कथित प्रेम संबंध थे।
बताया गया कि मार्च महीने में मृतक आनंद ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद उसने शिवम के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके चलते शिवम को जेल जाना पड़ा।
पुलिस का कहना है कि एक जून को जमानत पर बाहर आने के बाद दोनों ने कथित तौर पर आनंद से बदला लेने की योजना बनाई।
हत्या की साजिश ऐसे रची गई
पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने से पहले दोनों ने पूरी तैयारी की।
बताया गया कि घटना से चार दिन पहले शिवम ने आशिकी को एक नया कीपैड मोबाइल और नया सिम कार्ड दिया ताकि दोनों बिना किसी की नजर में आए संपर्क में रह सकें।
घटना वाली रात कथित तौर पर आनंद को दूध में नींद की गोलियां मिलाकर दी गईं। बेहोश होने के बाद दोनों ने अंगोछे से उसका गला दबा दिया।
हत्या के बाद शव को पंखे से लटकाकर आत्महत्या जैसा दृश्य तैयार करने की कोशिश की गई।

फॉरेंसिक जांच ने खोला राज
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सामान्य पोस्टमार्टम कराने के बजाय दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया।
करीब तीन घंटे तक चली इस प्रक्रिया में गले पर मिले निशानों का विस्तृत परीक्षण किया गया। विशेषज्ञ फॉरेंसिक जांच के बाद रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
इसी रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाया और कुछ ही घंटों में पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
हत्या में इस्तेमाल सामान बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया अंगोछा, मृतक की सोने की अंगूठी, एंड्रॉयड मोबाइल फोन और कथित साजिश के लिए उपयोग किया गया कीपैड मोबाइल बरामद किया गया है।
इन सभी वस्तुओं को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
एसएसपी ने क्या कहा?
इटावा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद जांच को और गहराई से किया गया।
उन्होंने कहा कि करीब 10 घंटे की लगातार जांच के बाद हत्या की गुत्थी सुलझा ली गई। पूरे मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक आनंद राजपूत प्रॉपर्टी डीलिंग के साथ एक ईंट-भट्ठे में पार्टनर के रूप में काम करते थे। उनकी शादी वर्ष 2013 में हुई थी। परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां और एक बेटा है।
घटना के बाद पूरे परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है। चार्जशीट तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में सभी साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
निष्कर्ष:
इटावा के इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस का दावा है कि पत्नी और उसके कथित प्रेमी ने मिलकर सुनियोजित तरीके से हत्या की साजिश रची और उसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच ने पूरे मामले की दिशा बदल दी। फिलहाल दोनों आरोपी गिरफ्तार हैं और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अंतिम दोष तय करना न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा।

