फिरोजाबाद में कुल्फी बनी शिकायत की वजह, युवक ने मुख्यमंत्री तक पहुंचाई फरियाद
उत्तर प्रदेश: के फिरोजाबाद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। आमतौर पर लोग मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर सड़क, बिजली, पानी, कानून व्यवस्था या सरकारी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराते हैं, लेकिन इस बार शिकायत का विषय एक कुल्फी बन गई।
बताया जा रहा है कि कुल्फी की स्टिक (डंडी) छोटी होने के कारण कुल्फी युवक के हाथ से फिसलकर जमीन पर गिर गई। जब उसने इस बारे में दुकानदार से सवाल किया तो कथित रूप से दुकान पर मौजूद कर्मचारियों ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। खुद को ठगा महसूस करने वाले युवक ने आखिरकार मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर शिकायत दर्ज करा दी।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, टूंडला तहसील क्षेत्र के गांव मरसेना निवासी धर्मवीर सिंह बस स्टैंड स्थित सुभाष चौराहे पर मौजूद एक कुल्फी की दुकान पर कुल्फी खाने पहुंचे थे।
युवक का आरोप है कि कुल्फी खरीदने के बाद जैसे ही उन्होंने उसे खाना शुरू किया, कुल्फी की डंडी बेहद छोटी होने के कारण उनके हाथ से फिसल गई और सीधे जमीन पर गिर गई। इससे उनका पैसा और कुल्फी दोनों खराब हो गए।
धर्मवीर का कहना है कि अगर कुल्फी में उचित आकार की स्टिक होती तो यह स्थिति नहीं बनती।
दुकानदार से सवाल पूछने पर बढ़ा विवाद
पीड़ित युवक के मुताबिक, कुल्फी गिरने के बाद उन्होंने दुकान पर मौजूद कर्मचारियों से पूछा कि कुल्फी की स्टिक इतनी छोटी क्यों रखी गई है।
आरोप है कि कर्मचारियों ने उनकी बात सुनने के बजाय उनसे अभद्र भाषा में बात की। युवक का कहना है कि उन्हें न तो दूसरी कुल्फी दी गई और न ही उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया गया।
इसी के बाद उन्होंने मामले को उपभोक्ता अधिकारों से जुड़ा मानते हुए शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर दर्ज कराई शिकायत
दुकान पर समाधान नहीं मिलने के बाद धर्मवीर सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में उन्होंने दुकान और संबंधित कर्मचारियों के व्यवहार की जांच कराने तथा उचित कार्रवाई की मांग की है। युवक का कहना है कि उपभोक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए और यदि उत्पाद में कोई कमी है तो उसकी जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना मामला
यह मामला सामने आने के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूकता का उदाहरण बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे एक छोटी घटना पर सरकारी पोर्टल तक शिकायत पहुंचाने का मामला मान रहे हैं।
हालांकि, शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा नियमानुसार इसकी जांच की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
IGRS क्या है और कैसे करता है काम?
उत्तर प्रदेश सरकार का इंटीग्रेटेड ग्रिवेंस रेड्रेसल सिस्टम (IGRS) नागरिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए बनाया गया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है।
इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक विभिन्न सरकारी विभागों से संबंधित शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग को जांच कर निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होती है।
हालांकि, इस मामले में अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

उपभोक्ता अधिकारों पर भी उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर उपभोक्ता अधिकारों को लेकर चर्चा में आ गई है। यदि किसी ग्राहक को उत्पाद की गुणवत्ता या सेवा से शिकायत होती है, तो उसे अपनी बात रखने का अधिकार है। वहीं, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे ग्राहकों के साथ शिष्ट व्यवहार करें और शिकायतों का उचित समाधान करें।
इस मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।
निष्कर्ष
फिरोजाबाद का यह मामला भले ही पहली नजर में सामान्य लगे, लेकिन यह उपभोक्ता अधिकारों और ग्राहक सेवा के महत्व को भी सामने लाता है। फिलहाल युवक द्वारा IGRS पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले में प्रशासनिक जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

