जंतर-मंतर से अस्पताल तक: सोनम वांगचुक को हटाने के बाद सियासत तेज
दिल्ली: के जंतर-मंतर पर कई दिनों से जारी सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के बीच शनिवार को घटनाक्रम अचानक बदल गया। लंबे समय से अनशन पर बैठे वांगचुक को स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते दिल्ली पुलिस अस्पताल ले गई। इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव का माहौल बन गया और राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई।
इस घटनाक्रम के बाद कई विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि प्रदर्शन से जुड़े लोगों ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी आंदोलन को बलपूर्वक समाप्त करने की बजाय बातचीत के जरिए समाधान निकाला जाना चाहिए।
केजरीवाल ने कहा कि सरकार को प्रदर्शनकारियों से संवाद करना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
अखिलेश यादव ने भी जताई आपत्ति
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ बल प्रयोग उचित नहीं माना जा सकता।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि घटना को लेकर देशभर में चर्चा हो रही है और पूरी कार्रवाई की पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने इस कार्रवाई में शामिल अधिकारियों की पहचान सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई।
संजय सिंह का भी सरकार पर हमला
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने भी सरकार की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी आंदोलनकारी की मांगों पर विचार करने के बजाय उसे जबरन हटाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।
उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।

प्रदर्शनकारी बोले- आंदोलन जारी रहेगा
प्रदर्शन से जुड़े कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने से आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
उन्होंने घोषणा की कि आंदोलन जारी रहेगा और प्रस्तावित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जाएगा। दीपके ने यह भी कहा कि अब उनकी मांगों का दायरा बढ़ाया गया है। यह बयान राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पत्नी ने स्वास्थ्य को लेकर जताई चिंता
सोनम वांगचुक की पत्नी ने दावा किया कि वे अभी भी अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि परिवार की अनुमति के बिना किसी प्रकार का उपचार नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मेडिकल रिपोर्ट समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई और अस्पताल में कुछ व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष जताया। साथ ही उन्होंने निजी चिकित्सकों से भी जांच कराने की बात कही।
इन दावों पर संबंधित प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए। पुलिस प्रदर्शनकारियों से निर्धारित नियमों का पालन करने और स्थल खाली करने की अपील करती रही।
पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए गए। हालांकि प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखेंगे।
आंदोलन का मुद्दा क्या है?
प्रदर्शनकारी शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली में सुधार और विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी मौके पर पहुंचकर समर्थन या प्रतिक्रिया दी है।
फिलहाल पूरे घटनाक्रम के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आगामी दिनों में इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़कों तक चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद मामला केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। एक ओर विपक्ष सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी ओर प्रशासन इसे स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा कदम बता रहा है। मामले से जुड़े विभिन्न पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। इन दावों की पुष्टि संबंधित अधिकारियों और आधिकारिक जांच के आधार पर ही की जा सकेगी।

