सागर: शादी के तीसरे दिन ही फरार हुई ‘लुटेरी दुल्हन’, नकदी और जेवर लेकर भागी; बिलासपुर से ऐसे चढ़ी पुलिस के हत्थे
मध्य प्रदेश: के सागर जिले से शादी के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की दूसरी शादी कराने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह की कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ शादी के महज तीन दिन बाद घर से नकदी और जेवर लेकर फरार हो गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला केवल एक परिवार तक सीमित नहीं हो सकता। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि गिरोह कई राज्यों में इसी तरह लोगों को अपना शिकार बना चुका है। अब पुलिस इनके पुराने रिकॉर्ड और अन्य संभावित मामलों की भी जांच कर रही है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, जैसीनगर थाना क्षेत्र के महुआखेड़ा पेगवार निवासी नोनीराम पटेल की पहली पत्नी का निधन हो चुका था। इसके बाद उन्होंने दूसरी शादी करने का फैसला लिया। इसी दौरान उनका संपर्क कुछ ऐसे लोगों से हुआ, जिन्होंने जल्द शादी कराने का भरोसा दिलाया।
आरोप है कि गिरोह ने शादी कराने के एवज में 1.20 लाख रुपये लिए और छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी रुक्मणी चतुर्वेदी से उनकी शादी करवा दी। शादी के बाद शुरुआती तीन दिन तक सब कुछ सामान्य दिखाई दिया, लेकिन चौथे दिन महिला अचानक घर से गायब हो गई।
जब परिवार के लोगों ने घर की तलाशी ली तो पता चला कि महिला अपने साथ 30 हजार रुपये नकद, चांदी के जेवर और मंगलसूत्र भी ले गई है। इसके बाद पीड़ित ने जैसीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने ऐसे शुरू की जांच
पीड़ित की शिकायत के आधार पर 26 जून को धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के निर्देशन में विशेष जांच टीम गठित की गई।
जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयवीर सिंह भदौरिया और एसडीओपी योगेंद्र भदौरिया के मार्गदर्शन में पुलिस टीम को सौंपी गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, स्थानीय इनपुट और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की।

बिलासपुर से पकड़ी गई कथित ‘लुटेरी दुल्हन’
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी महिला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में छिपी हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने वहां दबिश दी और रुक्मणी चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने अरविंद विभार, निवासी अलवर (राजस्थान), और सोनू अहिरवार, निवासी दमोह (मध्य प्रदेश), को भी गिरफ्तार कर लिया।
सोनू अहिरवार पर आरोप है कि वह गिरोह के लिए वाहन उपलब्ध कराने और आरोपियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम करता था।
पूछताछ में सामने आए अहम खुलासे
पुलिस के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गिरोह ने सागर जिले के अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ या अन्य राज्यों में भी इसी तरह शादी के नाम पर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
शादी के नाम पर ठगी के बढ़ते मामले
हाल के वर्षों में देश के कई राज्यों में शादी के नाम पर ठगी के मामले सामने आए हैं। ऐसे मामलों में आरोपी शादी का झांसा देकर पैसे लेते हैं और कुछ दिनों बाद नकदी, जेवर या अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाते हैं।
पुलिस का कहना है कि विवाह तय करते समय केवल बिचौलियों के भरोसे रहने के बजाय संबंधित व्यक्ति और उसके परिवार की पूरी जानकारी की जांच करना बेहद जरूरी है। इससे इस तरह की धोखाधड़ी से काफी हद तक बचा जा सकता है।
पुलिस की अपील
जैसीनगर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को शादी के नाम पर इस तरह के गिरोह की जानकारी मिले या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। साथ ही विवाह तय करने से पहले सभी दस्तावेजों और पहचान की स्वतंत्र रूप से जांच अवश्य करें।
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश जारी है।
निष्कर्ष:
सागर में सामने आया यह मामला बताता है कि शादी जैसे पवित्र रिश्ते का भी कुछ लोग ठगी के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कथित ‘लुटेरी दुल्हन’ समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। यदि गिरोह के अन्य सदस्य और पुराने मामले सामने आते हैं तो इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

