मुंबई में युवाओं से सीधा संवाद करेंगे RSS प्रमुख मोहन भागवत, देशभर की नजरें इस कार्यक्रम पर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS): के सरसंघचालक मोहन भागवत आज मुंबई में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में 15 से 19 वर्ष की आयु के करीब 2,000 Gen-Z और Gen-Alpha छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में आयोजित किया जा रहा है, जिसका आयोजन International Movement to Unite Nations (IIMUN) की ओर से उसकी 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया है।
यह कार्यक्रम ऐसे समय आयोजित हो रहा है, जब देशभर में शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों पर व्यापक बहस जारी है। इसी कारण इस संवाद को केवल एक सामान्य कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं तक पहुंचने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
NEET आंदोलन के बाद बढ़ा कार्यक्रम का महत्व
हाल के महीनों में भर्ती परीक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों के आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी चर्चा पैदा की। दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक चले प्रदर्शन के बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठे।
ऐसे माहौल में मोहन भागवत का युवाओं से सीधा संवाद कई राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम में शिक्षा, नेतृत्व, युवाओं की भूमिका और भविष्य के भारत जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा हो सकती है।
भागवत पहले भी दे चुके हैं बड़ा संदेश
24 जुलाई को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने नई पीढ़ी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि आज के युवा सवाल पूछते हैं और उन्हें आदेश देने के बजाय उनके साथ संवाद करना चाहिए।
उन्होंने कहा था कि समाज को युवाओं के विचारों को समझना होगा और केवल निर्देश देकर उन्हें आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। उनके इस बयान की देशभर में काफी चर्चा हुई थी।

IIMUN क्या है?
IIMUN यानी International Movement to Unite Nations छात्रों के लिए नेतृत्व, बहस और संवाद का मंच है। पिछले 15 वर्षों से यह संस्था देश और विदेश के हजारों छात्रों को लोकतंत्र, कूटनीति, नेतृत्व और सामाजिक विषयों पर चर्चा के लिए मंच उपलब्ध करा रही है।
संस्था के संस्थापक ऋषभ शाह के अनुसार—
- इस वर्ष लगभग 2,000 छात्र सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।
- प्रतिभागी 100 से अधिक शहरों से पहुंचे हैं।
- छात्रों की आयु 11 से 19 वर्ष के बीच है।
- IIMUN भारत के अलावा 15 देशों में भी सक्रिय है।
- अब तक लगभग 7 करोड़ से अधिक छात्रों तक संस्था की पहुंच बन चुकी है।
तीसरी बार IIMUN के मंच पर पहुंच रहे हैं भागवत
IIMUN के अनुसार मोहन भागवत इससे पहले भी दो बार इस मंच पर छात्रों से संवाद कर चुके हैं। वर्ष 2016-17 और 2020-21 में भी उन्होंने छात्रों को संबोधित किया था।
संस्था का कहना है कि इस वर्ष के कार्यक्रम का निमंत्रण लगभग छह महीने पहले भेजा गया था, जिसे भागवत ने पहले ही स्वीकार कर लिया था।
RSS का युवाओं पर लगातार फोकस
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लंबे समय से युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चलाता रहा है।
- 1927 में संघ शिक्षा वर्ग की शुरुआत हुई।
- 1948 में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) का गठन किया गया।
- 2012 से Join RSS ऑनलाइन अभियान शुरू किया गया।
- संगठन के अनुसार हर वर्ष हजारों युवा इस अभियान के माध्यम से जुड़ते हैं।
राजनीतिक हलकों में भी चर्चा
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा बनी हुई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के इस कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर भी बहस हुई। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह RSS का कार्यक्रम नहीं बल्कि छात्रों का मंच है, जहां विभिन्न क्षेत्रों के वक्ताओं को बुलाया जाता है।
उधर भाजपा नेताओं का कहना है कि मोहन भागवत वर्षों से युवाओं से संवाद करते रहे हैं और इसे किसी नई राजनीतिक पहल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
युवाओं के मुद्दों पर क्या होगा संदेश?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस संवाद के दौरान शिक्षा, रोजगार, नेतृत्व, सामाजिक जिम्मेदारी, तकनीक, लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।
देशभर के छात्र इस कार्यक्रम पर नजर बनाए हुए हैं क्योंकि हाल के महीनों में शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय बहस का केंद्र बने हुए हैं।
निष्कर्ष:
मुंबई में आयोजित यह संवाद केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि युवाओं और समाज के बीच विचारों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है। ऐसे समय में जब शिक्षा, रोजगार और युवा नेतृत्व जैसे मुद्दे राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में हैं, RSS प्रमुख मोहन भागवत का यह संबोधन आने वाले समय की चर्चाओं को नई दिशा दे सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि वे नई पीढ़ी के सामने कौन-सा संदेश रखते हैं और युवाओं के सवालों पर क्या दृष्टिकोण साझा करते हैं।

