पटना। बिहार के सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी द्वारा AK-47 से फायरिंग किए जाने का वीडियो सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने कानून-व्यवस्था की ड्यूटी को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक अब विरोध प्रदर्शन, धरना या भीड़ नियंत्रण जैसी कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के दौरान AK-47, INSAS और SLR जैसे हथियारों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
नए निर्देश के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल सामान्य भीड़ नियंत्रण के लिए नहीं किया जाएगा। इन्हें केवल उग्रवाद, आतंकवाद और बड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियानों जैसी परिस्थितियों में इस्तेमाल करने की अनुमति होगी।
खास बात यह है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में जवानों या अधिकारियों को ये हथियार साथ लेकर चलना भी पड़े, तब भी कानून-व्यवस्था की सामान्य ड्यूटी के दौरान इनके इस्तेमाल पर रोक रहेगी।
सीवान की घटना के बाद लिया गया फैसला
बिहार पुलिस का यह फैसला सीवान में 25 जुलाई 2026 को हुए छात्र प्रदर्शन के बाद आया है। नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में AISA की ओर से बिहार बंद का आह्वान किया गया था।
सीवान शहर के जेपी चौक के पास बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच स्थिति बिगड़ गई और दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई।
बताया गया कि प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव किया गया, जिसमें सीवान के एसपी पूरण कुमार झा समेत कई पुलिसकर्मी घायल हुए। इसी दौरान पुलिस की ओर से फायरिंग की घटना सामने आई।
सबसे ज्यादा विवाद तब हुआ, जब एक पुलिसकर्मी द्वारा भीड़ की तरफ AK-47 से फायरिंग किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया। वीडियो में पुलिसकर्मी को AK-47 के साथ फायरिंग करते देखा गया। इस घटना को लेकर बिहार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे।
मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए वीडियो में नजर आ रहे जवान को निलंबित कर दिया गया। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू की गई।
घटना के बाद यह सवाल उठने लगा कि आखिर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी को इतने घातक हथियार का इस्तेमाल करने की जरूरत क्यों पड़ी।
इसी विवाद के बीच बिहार पुलिस ने अब कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के लिए हथियारों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

प्रदर्शन के दौरान AK-47, INSAS और SLR का इस्तेमाल नहीं
नए आदेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि AK-47, INSAS और SLR जैसे असॉल्ट हथियारों का इस्तेमाल भीड़ नियंत्रण के दौरान नहीं किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों और जवानों को निर्देश दिया गया है कि विरोध प्रदर्शन, धरना और सामान्य कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों में इन हथियारों का प्रयोग न किया जाए।
इन हथियारों को केवल ऐसे विशेष अभियानों के लिए सीमित रखा जाएगा, जहां उग्रवाद, आतंकवाद या बड़े अपराधियों से निपटना जरूरी हो।
इस फैसले का उद्देश्य पुलिस की कार्रवाई में हथियारों के इस्तेमाल को अधिक नियंत्रित करना और भीड़ नियंत्रण के दौरान गंभीर परिस्थितियों से बचना माना जा रहा है।
प्रदर्शन में तीन छात्र हुए थे घायल
सीवान की घटना में फायरिंग के दौरान तीन छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घायल छात्रों की पहचान मोहम्मद आरिफ, आकाश यादव और बुलेट कुमार गोंड के रूप में बताई गई।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठे। विपक्षी दलों ने भी सरकार और पुलिस को घेरते हुए घटना की आलोचना की।
इस घटना ने खास तौर पर इसलिए भी तूल पकड़ा क्योंकि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ।
जिलाधिकारी ने क्या कहा?
फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद सीवान के जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने मीडिया के सामने स्पष्टीकरण दिया था। प्रशासन की ओर से कहा गया कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने या हवाई फायरिंग करने का कोई आधिकारिक आदेश नहीं दिया गया था।
इसके बावजूद घटना में पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई।
विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अब पुलिसकर्मियों को किन बातों का रखना होगा ध्यान?
बिहार पुलिस के नए निर्देश के बाद कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात जवानों और अधिकारियों के लिए हथियारों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट सीमा तय की गई है।
प्रदर्शन या भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47, INSAS और SLR का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में इन्हें साथ रखने की जरूरत हो सकती है, लेकिन सामान्य कानून-व्यवस्था की ड्यूटी में इनके प्रयोग की अनुमति नहीं होगी।
वहीं, आतंकवाद, उग्रवाद और बड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई में इन हथियारों का इस्तेमाल जारी रखा जा सकेगा।
क्यों महत्वपूर्ण है बिहार पुलिस का यह फैसला?
सीवान की घटना ने भीड़ नियंत्रण के दौरान पुलिस के हथियारों के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में बिहार पुलिस का नया आदेश भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस फैसले से पुलिसकर्मियों के लिए यह स्पष्ट संदेश गया है कि सामान्य प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था की स्थिति में असॉल्ट राइफलों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
अब निगाह इस बात पर होगी कि नए निर्देशों को जमीनी स्तर पर किस तरह लागू किया जाता है और भविष्य में कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों में पुलिस किस रणनीति का इस्तेमाल करती है।
निष्कर्ष
सीवान में छात्र प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग का वीडियो सामने आने के बाद बिहार पुलिस ने कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के लिए हथियारों के इस्तेमाल पर बड़ा प्रतिबंध लगाया है। अब प्रदर्शन और भीड़ नियंत्रण के दौरान AK-47, INSAS और SLR जैसे हथियारों के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। इनका प्रयोग आतंकवाद, उग्रवाद और बड़े अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियानों तक सीमित रखने का निर्देश दिया गया है। सीवान की घटना में निलंबित जवान के खिलाफ विभागीय जांच भी जारी है।

