चेन्नई। तमिलनाडु में नवजात बच्चों और उनके परिवारों के लिए स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने बड़ी कल्याणकारी योजना का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर चेन्नई स्थित ऐतिहासिक फोर्ट सेंट जॉर्ज में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद ‘थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र नवजात बच्चों को सरकार की ओर से 1 ग्राम की सोने की अंगूठी और एक विशेष बेबी वेलकम किट दी जाएगी।
सरकार के मुताबिक इस योजना को 15 सितंबर 2026 से लागू किया जाएगा। योजना के लिए करीब 755.83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत बताई गई है। सरकार का उद्देश्य सरकारी अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ नवजात बच्चों और उनके परिवारों को सम्मान व सहायता प्रदान करना है।
1 ग्राम सोने की अंगूठी के साथ मिलेगी बेबी किट
मुख्यमंत्री विजय द्वारा घोषित योजना के तहत पात्र नवजात शिशुओं को 1 ग्राम शुद्ध सोने की अंगूठी मुफ्त में देने की बात कही गई है। इसके अलावा बच्चे के लिए एक विशेष वेलकम किट भी उपलब्ध कराई जाएगी।
इस किट में नवजात के इस्तेमाल की कई जरूरी वस्तुएं शामिल होंगी। इसमें बच्चों के कपड़े, बेबी ऑयल, साबुन, पाउडर, डायपर, नैपकिन, मच्छरदानी और खिलौने जैसे सामान शामिल किए जाने की जानकारी दी गई है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से नवजात के जन्म के समय परिवार को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही सरकारी अस्पतालों में प्रसव को बढ़ावा देने की दिशा में भी यह योजना अहम साबित हो सकती है।
किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?
योजना को लेकर पात्रता की कुछ प्रमुख शर्तें भी सामने आई हैं। इसके मुताबिक बच्चे के माता-पिता का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना जरूरी होगा। इसके अलावा बच्चे का जन्म तमिलनाडु के सरकारी अस्पताल में हुआ होना चाहिए।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि योजना का लाभ 22 जून 2026 या उसके बाद जन्म लेने वाले पात्र बच्चों को दिए जाने की बात कही गई है। यानी योजना की औपचारिक शुरुआत 15 सितंबर से होने के बावजूद पात्रता अवधि इससे पहले की तारीख से रखी गई है।

करीब 755.83 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान
‘थाईमामन थंगा मोथिरम थिट्टम’ को बड़े बजट वाली जनकल्याणकारी योजनाओं में शामिल किया गया है। इसके लिए लगभग 755.83 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत बताई गई है।
योजना के जरिए सरकार एक ओर नवजात बच्चों के परिवारों को सहायता देना चाहती है, वहीं दूसरी ओर सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव को बढ़ावा देने पर भी जोर है। हालांकि योजना के क्रियान्वयन, वितरण की प्रक्रिया और लाभार्थियों के सत्यापन से जुड़ी विस्तृत प्रशासनिक व्यवस्था सरकार की ओर से आगे स्पष्ट की जाएगी।
भ्रष्टाचार के खिलाफ भी CM विजय का सख्त संदेश
स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में मुख्यमंत्री विजय ने सिर्फ कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा ही नहीं की, बल्कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार से मुक्ति को सच्ची आजादी के रूप में देखा जाना चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार पारदर्शी और ईमानदार प्रशासन स्थापित करने के लिए काम कर रही है। सरकारी राजस्व का दुरुपयोग रोकने और विभागों में अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाने की बात भी उन्होंने कही।
राज्य के अधिकारों पर भी जोर
मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु के अधिकारों की रक्षा को लेकर भी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार के साथ प्रशासनिक सहयोग जारी रहेगा, लेकिन ऐसी नीतियों का वैचारिक विरोध किया जाएगा, जिनसे राज्य के अधिकार प्रभावित होते हों।
तीन महीने की सरकार का रिपोर्ट कार्ड
मुख्यमंत्री विजय ने अपनी सरकार के करीब तीन महीने पूरे होने के मौके पर कई उपलब्धियां भी गिनाईं। उन्होंने किसानों के फसल ऋण माफ किए जाने और राज्य में 717 TASMAC शराब दुकानों को बंद किए जाने का उल्लेख किया।
उन्होंने यह भी कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं को बिना भेदभाव जारी रखा जा रहा है। इनमें अम्मा कैंटीन और नाश्ता योजना जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया गया।
निष्कर्ष:
तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की 1 ग्राम सोने की अंगूठी और बेबी वेलकम किट योजना स्वतंत्रता दिवस के मौके पर घोषित प्रमुख जनकल्याणकारी पहलों में शामिल हो गई है। सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र नवजात बच्चों को इसका लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। अब सबसे ज्यादा नजर योजना के जमीनी क्रियान्वयन, पात्रता सत्यापन और 15 सितंबर से लाभ वितरण की प्रक्रिया पर रहेगी।

