आगरा। सावन के पावन महीने में आगरा का ऐतिहासिक कैलाश महादेव मंदिर एक बार फिर आस्था के बड़े केंद्र के रूप में तैयार है। श्रावण मास के तीसरे सोमवार को यहां लगने वाले प्रसिद्ध कैलाश मेले का शुभारंभ रविवार को धार्मिक अनुष्ठानों के साथ किया गया। मेले के शुरू होते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है। सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
कैलाश मेले के उद्घाटन अवसर पर पूरन डाबर, राकेश गर्ग, पीके गुप्ता, बृजेश तिवारी, राकेश बंसल और नीरज अग्रवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे। मंदिर के महंत सुभाष गिरी, दिलीप गिरी, चंद्रकांत गिरी, राजकुमार गिरी और अमन गिरी सहित अन्य संतों ने मंत्रोच्चारण किया।
इसके बाद अतिथियों ने भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया और सामूहिक आरती में हिस्सा लिया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ।
तीसरे सोमवार पर उमड़ेगा श्रद्धालुओं का हुजूम
सावन सोमवार को भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। ऐसे में तीसरे सोमवार को कैलाश महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंचने की उम्मीद है।
कई श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना करने के लिए मंदिर पहुंचेंगे। वहीं बड़ी संख्या में कांवड़िये भी भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए कैलाश मंदिर का रुख करेंगे।
मेले को देखते हुए मंदिर प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोगों ने श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

पांच द्वारों से होगी श्रद्धालुओं की आवाजाही
कैलाश मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते निर्धारित किए गए हैं। महंत गौरव गिरि के अनुसार, मंदिर के पांच द्वारों का अलग-अलग इस्तेमाल किया जाएगा।
इनमें से एक द्वार कांवड़ियों के प्रवेश के लिए निर्धारित रहेगा। वहीं दो द्वारों से श्रद्धालुओं को बाहर निकाला जाएगा, जबकि दो द्वार दर्शनार्थियों के प्रवेश के लिए रखे गए हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर में भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन उपलब्ध कराना है। सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नाग पंचमी पर कैलाश मंदिर में नहीं होगा पूजन
इस बार कैलाश मेले के चलते नाग पंचमी के दिन कैलाश मंदिर में पूजन नहीं होगा। हालांकि आगरा शहर के दूसरे शिवालयों में नाग पंचमी और सावन सोमवार के अवसर पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है।
नाग पंचमी और सावन सोमवार का एक साथ पड़ना इस बार धार्मिक दृष्टि से भी खास माना जा रहा है। ऐसे में शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की आवाजाही देखने को मिल सकती है।
शहर में बनेगा भक्तिमय माहौल
कैलाश मेले के दौरान मंदिर परिसर के साथ आसपास के क्षेत्रों में भी धार्मिक माहौल देखने को मिलेगा। श्रद्धालु भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए मंदिर पहुंचेंगे। ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से कैलाश मंदिर और आसपास का क्षेत्र गूंजने की उम्मीद है।
सावन के तीसरे सोमवार को होने वाले इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह है। मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दराज से भी भक्त पहुंचते हैं।
व्यवस्था बनाए रखना होगी बड़ी चुनौती
भारी भीड़ के बीच मंदिर में दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती होगी। अलग-अलग प्रवेश और निकासी द्वार निर्धारित किए जाने से भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
खासकर कांवड़ियों और सामान्य दर्शनार्थियों के लिए अलग व्यवस्था किए जाने से मंदिर परिसर में आवाजाही को व्यवस्थित रखने का प्रयास किया गया है।
श्रद्धालुओं से भी अपील है कि वे मंदिर में निर्धारित मार्गों का पालन करें और भीड़ के दौरान धैर्य बनाए रखें, ताकि सभी भक्तों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से दर्शन मिल सकें।
निष्कर्ष:
Kailash Mela 2026 का शुभारंभ धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हो चुका है। सावन के तीसरे सोमवार को कैलाश महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। कांवड़ियों और दर्शनार्थियों के लिए अलग-अलग प्रवेश-निकास व्यवस्था की गई है। वहीं, कैलाश मेले के कारण इस बार नाग पंचमी पर मंदिर में पूजन नहीं होगा, जबकि शहर के अन्य शिवालयों में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन कर सकेंगे।

