नलगोंडा में प्रिंसिपल की हत्या से सनसनी
नलगोंडा। तेलंगाना के नलगोंडा जिले में एक स्कूल प्रिंसिपल की हत्या के मामले ने इलाके में सनसनी फैला दी है। पुलिस ने इस मामले में 10वीं कक्षा के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों पर अपनी प्रिंसिपल कल्लू रूपा रेड्डी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। जांच में कथित तौर पर पैसे हासिल करने और महंगी जीवनशैली की चाहत को हत्या की वजह बताया गया है।
रूपा रेड्डी कोंडामाल्लेपल्ली इलाके के नागार्जुन पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल और डायरेक्टर थीं। 12 अगस्त 2026 को वह अपने घर में मृत मिली थीं। पुलिस के मुताबिक, उनके शरीर पर चाकू से किए गए कई वार के निशान मिले थे।
फोन का जवाब नहीं मिला तो खुला मामला
घटना के समय रूपा रेड्डी के पति हैदराबाद में थे। जब उन्होंने पत्नी से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की और कोई जवाब नहीं मिला तो उन्हें चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों से संपर्क किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पांच अलग-अलग टीमें गठित कीं। इन टीमों ने घटनास्थल से फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज, फिंगरप्रिंट और तकनीकी रिकॉर्ड की जांच की। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल करते हुए 80 से अधिक लोगों से पूछताछ की।
आखिरी बातचीत का एक शब्द बना जांच की अहम कड़ी
जांच के दौरान पुलिस ने रूपा रेड्डी की ओर से अपनी आंटी से फोन पर की गई आखिरी बातचीत के एक शब्द ‘बाबू’ को भी महत्वपूर्ण सुराग माना। इसी आधार पर पुलिस ने स्कूल के छात्रों से संभावित कनेक्शन की जांच शुरू की।
जांच के दौरान पांच ऐसे 10वीं कक्षा के छात्रों पर पुलिस का ध्यान गया, जो घटना के आसपास स्कूल से अनुपस्थित थे। इनमें से दो छात्रों की गतिविधियां पुलिस को संदिग्ध लगीं। बताया गया कि दोनों ने अचानक काफी पैसे खर्च किए और पार्टियों का आयोजन किया।
इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की।

पहले भी छात्रों को डांट चुकी थीं प्रिंसिपल
पुलिस जांच में सामने आया कि रूपा रेड्डी का इन छात्रों के साथ पहले भी विवाद हुआ था। पुलिस के अनुसार, हॉस्टल के बैग की जांच के दौरान छात्रों के पास नकदी और एक मोबाइल फोन मिला था। इसके बाद प्रिंसिपल ने छात्रों को डांटा और उनके माता-पिता को भी मामले की जानकारी दी गई।
बताया जा रहा है कि बाद में दोनों छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया गया था। पुलिस को शक है कि इसी घटना के कारण छात्रों के मन में प्रिंसिपल के प्रति नाराजगी पैदा हुई होगी।
पुलिस के अनुसार कई दिनों तक की गई तैयारी
जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोनों छात्रों ने कथित तौर पर हत्या से पहले कई दिनों तक योजना बनाई। पुलिस का आरोप है कि उन्होंने इलाके की रेकी की और घटना को अंजाम देने के लिए चाकू तथा दस्ताने खरीदे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों में से एक ने कथित तौर पर पहचान छिपाने के लिए मंकी कैप पहनकर घर में प्रवेश किया। वहां से करीब 2.50 लाख रुपये मिलने के बाद वह निकलने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर उसकी पहचान सामने आ गई।
इसके बाद पुलिस का आरोप है कि प्रिंसिपल पर चाकू से हमला किया गया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
हत्या के बाद गोवा जाने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद दोनों छात्रों ने कथित तौर पर नकदी अपने पास रखी और खून लगे कपड़े तथा अन्य सामान को जमीन में छिपा दिया। इसके बाद दोनों गोवा चले गए।
पुलिस ने जांच के दौरान कथित तौर पर 1.54 लाख रुपये, एक आईफोन और पीड़िता का मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा जांचकर्ताओं को एक वीडियो-शेयरिंग प्लेटफॉर्म पर जल्दी पैसा कमाने से जुड़ी सर्च हिस्ट्री भी मिलने की बात सामने आई है।
अब पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी योजना कब और कैसे बनाई गई थी और इसमें दोनों छात्रों की अलग-अलग भूमिका क्या थी। साथ ही बरामद सामान, तकनीकी रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
चूंकि आरोपी छात्र नाबालिग बताए जा रहे हैं, इसलिए उनके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया किशोर न्याय कानून के तहत होगी। मामले में पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों पर अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
निष्कर्ष:
नलगोंडा का यह मामला स्कूल प्रिंसिपल की हत्या और उसमें नाबालिग छात्रों की कथित भूमिका के कारण बेहद गंभीर है। पुलिस के अनुसार, पैसे और महंगी जीवनशैली की चाहत इस वारदात के पीछे प्रमुख कारण हो सकती है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस बरामद साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

