मथुरा: वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित राजकीय बाल गृह (बालिका) में 14 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने सनसनी फैला दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बाल गृह में साथ रहने वाली दो किशोरियों ने कथित तौर पर पानी से भरी बाल्टी में शिवानी का सिर डुबोकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद CCTV कैमरों को नुकसान पहुंचाने और जांच को गुमराह करने की कोशिश के आरोप भी सामने आए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी सीपी सिंह ने मजिस्ट्रेटी/न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने पांच नामजद किशोरियों सहित अन्य के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक साजिश और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
बाथरूम में अचेत मिली थी शिवानी
शुक्रवार को करीब साढ़े तीन बजे चैतन्य विहार स्थित राजकीय बाल गृह के कमरा नंबर पांच के बाथरूम में 14 वर्षीय शिवानी अचेत अवस्था में मिली थी। बाल गृह की प्रभारी अधीक्षिका प्रगति खरे ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा।
अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी सीपी सिंह और एसएसपी श्लोक कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी पानी में डूबने से मौत के संकेत मिले हैं। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस ने इसे हत्या का मामला माना है।
40 मिनट तक बाथरूम में क्या हुआ?
इस मामले में CCTV फुटेज को जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। बाल गृह की अधीक्षिका द्वारा रिकॉर्डिंग देखने पर पता चला कि सुबह 11:08 बजे शिवानी के साथ तीन नामजद किशोरियां कमरा नंबर पांच के बाथरूम में जाती दिखाई दीं।
करीब 11:30 बजे एक अन्य किशोरी ने बाथरूम का दरवाजा खोलकर अंदर देखा और फिर अपने बिस्तर पर जाकर बैठ गई।
इसके बाद 11:48 बजे दो किशोरियां बाथरूम से बाहर निकलती दिखाई दीं। लेकिन उनके साथ बाथरूम में गई शिवानी बाहर आती हुई CCTV में दिखाई नहीं दी।
लगभग 40 मिनट तक बाथरूम में किशोरियों की मौजूदगी और उसके बाद शिवानी के बाहर न आने की बात ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
पानी से भरी बाल्टी में डुबोकर हत्या का आरोप
एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया कि बाल गृह में रहने वाली दो किशोरियों ने शिवानी का सिर पानी से भरी बाल्टी में डुबोकर उसकी हत्या की।
पुलिस ने किशोरियों के बयान भी दर्ज किए हैं। हालांकि, देर रात तक हत्या की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ सकी थी।
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों में शामिल अलीगढ़ की एक किशोरी परिवार से मिलने की इच्छा को लेकर परेशान थी और कथित तौर पर उसने एक अन्य किशोरी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
कैमरे तोड़ने और पुलिस को गुमराह करने का आरोप
घटना के बाद मामले को छिपाने की कोशिश के भी आरोप लगे हैं। प्राथमिकी में बाल गृह की प्रभारी अधीक्षिका ने बताया कि कमरा नंबर पांच में रहने वाली किशोरियों से पूछताछ की गई, लेकिन उनके बयान कथित तौर पर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने वाले पाए गए।
इसके अलावा, घटना वाले दिन शाम करीब पांच बजे एक आरोपी किशोरी को कमरा नंबर पांच में लगे CCTV कैमरों को नुकसान पहुंचाते हुए देखे जाने की बात भी प्राथमिकी में कही गई है।
पुलिस अब CCTV फुटेज, किशोरियों के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों को जोड़कर घटनाक्रम की पूरी कड़ी तैयार कर रही है।

दोनों आरोपी किशोरियां भी पॉक्सो एक्ट की पीड़िताएं
मामले में नाम सामने आई दोनों किशोरियां अलीगढ़ और पीलीभीत की रहने वाली बताई गई हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों पॉक्सो एक्ट के मामलों में पीड़िता हैं।
इनमें से एक किशोरी पर घर में चोरी का आरोप भी बताया गया है। बाल गृह में रहने वाली किशोरियों की परिस्थितियों और उनके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए जांच एजेंसियां हत्या के पीछे के कारणों और घटनाक्रम को अलग-अलग पहलुओं से खंगाल रही हैं।
मानसिक रूप से अस्वस्थ मां के कारण संरक्षण में आई थी शिवानी
मृतका शिवानी मूल रूप से बरेली की रहने वाली थी। उसके परिवार की स्थिति भी बेहद संवेदनशील बताई गई है। डीपीओ विकास चंद्र के मुताबिक, शिवानी की मां मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और वर्तमान में लखनऊ के राजकीय मानसिक चिकित्सालय में भर्ती हैं।
बाल कल्याण समिति बरेली के आदेश के बाद शिवानी को 17 जून 2026 को रामपुर के राजकीय बाल गृह शिशु से वृंदावन के राजकीय बाल गृह (बालिका) में लाया गया था। इसके बाद से वह यहां संरक्षण में रह रही थी।
अधिकारियों के अनुसार, बाल गृह में वर्तमान में 141 बालिकाएं रह रही हैं। इनमें 112 निराश्रित हैं, जबकि अन्य बालिकाएं अलग-अलग मामलों के तहत संरक्षण में हैं।
पांच नामजद सहित अन्य के खिलाफ FIR
प्रभारी अधीक्षिका की शिकायत पर पुलिस ने पांच नामजद किशोरियों सहित अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें हत्या, साक्ष्य मिटाने, आपराधिक साजिश और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
सीओ सदर वरुण मिश्रा के अनुसार, प्रथम दृष्टया जांच में पानी की बाल्टी में डुबोकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जिलाधिकारी ने मामले की मजिस्ट्रेटी/न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे में अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वारदात की वास्तविक वजह क्या थी, इसमें कितनी किशोरियां शामिल थीं और CCTV फुटेज में सामने आए घटनाक्रम के पीछे पूरा सच क्या है।
निष्कर्ष
वृंदावन के राजकीय बाल गृह में 14 वर्षीय शिवानी की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती पुलिस जांच में पानी से भरी बाल्टी में डुबोकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। करीब 40 मिनट तक बाथरूम में मौजूदगी, CCTV कैमरों को नुकसान पहुंचाने के आरोप और पूछताछ में कथित तौर पर गुमराह करने की कोशिश ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। प्रशासन ने मजिस्ट्रेटी/न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। अब जांच और साक्ष्यों से ही सामने आएगा कि इस घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इसमें कौन-कौन शामिल था।

