मुंबई/अहमदाबाद: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल उस समय बाल-बाल बच गईं, जब मुंबई से अहमदाबाद जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर सूरत के पास पथराव किया गया। घटना के समय राज्यपाल ट्रेन में सवार थीं। पथराव की सूचना मिलते ही रेलवे और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, वंदे भारत एक्सप्रेस जब सूरत के पास उत्तराण और कोसाड के बीच से गुजर रही थी, तभी ट्रेन पर पत्थर फेंके गए। घटना के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ट्रेन में मौजूद थीं। हालांकि उन्हें किसी तरह की चोट नहीं आई और वह पूरी तरह सुरक्षित रहीं।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेलवे पुलिस की टीमों ने तत्काल मोर्चा संभाला।
पथराव के दौरान ट्रेन में मौजूद थीं राज्यपाल
पथराव के समय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ दमन-दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली के प्रशासक प्रफुल पटेल भी ट्रेन में सफर कर रहे थे।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की जानकारी जुटानी शुरू की। GRP और RPF की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रित किया।
राज्यपाल की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। मेडिकल टीम को भी बुलाया गया, जिसने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद उनके पूरी तरह सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई।
संदिग्ध गिरफ्तार, पूछताछ जारी
पुलिस ने पथराव की घटना के सिलसिले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि ट्रेन पर पत्थर किस वजह से फेंके गए और इस घटना के पीछे किसी की साजिश थी या यह महज शरारत का मामला है।
फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। रेलवे ट्रैक के आसपास के क्षेत्र में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

रेलवे और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
वंदे भारत एक्सप्रेस देश की प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों में शामिल है। ऐसे में ट्रेन पर पथराव की घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
खास बात यह रही कि जिस ट्रेन में एक राज्य की संवैधानिक प्रमुख यात्रा कर रही थीं, उसी ट्रेन को पथराव का सामना करना पड़ा। हालांकि राज्यपाल को चोट नहीं आई, लेकिन घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।
रेलवे और सुरक्षा बलों के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि पथराव करने वाला व्यक्ति ट्रेन के इतने करीब कैसे पहुंचा और घटना को रोकने के लिए वहां क्या सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी।
आनंदीबेन पटेल का सियासी सफर
वंदे भारत पर पथराव की घटना के बाद आनंदीबेन पटेल एक बार फिर चर्चा में हैं। उनका राजनीतिक सफर शुरू होने से पहले वह विज्ञान और गणित की शिक्षिका थीं।
साल 1987 में नर्मदा नदी में डूब रही दो छात्राओं को बचाकर उन्होंने साहस का परिचय दिया था। इस बहादुरी के लिए उन्हें वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से जुड़कर सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया।
राजनीति में आने के बाद आनंदीबेन पटेल ने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह 1994 से 1998 तक राज्यसभा सांसद रहीं। इसके बाद उन्होंने गुजरात विधानसभा की राजनीति में प्रवेश किया।
गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं
नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहने के दौरान आनंदीबेन पटेल ने राज्य सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। इनमें राजस्व, शिक्षा और शहरी विकास जैसे विभाग शामिल रहे।
वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आनंदीबेन पटेल ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। वह गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। अगस्त 2016 तक उन्होंने इस पद पर कार्य किया।
मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद उन्हें राज्यपाल की जिम्मेदारियां दी गईं। उन्होंने 2018 से 2019 तक मध्य प्रदेश की राज्यपाल के रूप में कार्य किया।
इसके बाद जुलाई 2019 में उन्हें उत्तर प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया। तब से वह उत्तर प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं।
अब पथराव मामले की जांच पर नजर
फिलहाल सबसे अहम मुद्दा वंदे भारत एक्सप्रेस पर हुए पथराव की जांच है। राज्यपाल सुरक्षित हैं, लेकिन संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की मौजूदगी वाली ट्रेन पर इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा की है।
पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियां संदिग्ध से पूछताछ कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पथराव के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इस घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे।
निष्कर्ष
मुंबई से अहमदाबाद जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर सूरत के पास पथराव की घटना में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाल-बाल बचीं। उन्हें कोई चोट नहीं आई। घटना के बाद GRP और RPF ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और एक संदिग्ध को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। अब जांच एजेंसियां पथराव के कारण और घटना के पीछे की पूरी कहानी का पता लगाने में जुटी हैं।

