ओटावा/टोरंटो। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव के बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया है। कार्नी ने बताया कि ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस की एक बड़ी सोने की चाबी उपहार में दी थी। इसके साथ ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में कहा था कि अगर वह उस चाबी का इस्तेमाल करके व्हाइट हाउस में प्रवेश करने आए तो संभव है कि सुरक्षा कर्मी उन्हें गोली मार दें।
कार्नी ने यह किस्सा 15 सितंबर 2026 को टोरंटो में आयोजित Canada Investment Summit के दौरान बातचीत में सुनाया। उस समय वह कनाडा को अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए आकर्षक स्थान के रूप में पेश कर रहे थे। कार्नी ने इस किस्से को दोनों देशों के बीच मौजूदा रिश्तों और पुराने पड़ोसी संबंधों को हल्के अंदाज में समझाने के लिए इस्तेमाल किया।
आखिर ट्रंप ने क्यों कहा था- ‘वे तुम्हें गोली मार देंगे’?
कार्नी के मुताबिक, ट्रंप ने उन्हें व्हाइट हाउस की एक औपचारिक गोल्डन चाबी दी थी। ट्रंप ने कहा था कि वह इस चाबी के जरिए कभी भी व्हाइट हाउस आने की कोशिश कर सकते हैं और उन्हें अंदर आने दिया जाएगा, लेकिन साथ में मजाक करते हुए चेतावनी दी कि सुरक्षा कर्मी उन्हें गोली मार सकते हैं।
यह टिप्पणी किसी वास्तविक धमकी के तौर पर नहीं, बल्कि कार्नी द्वारा सुनाए गए हास्यपूर्ण किस्से के रूप में सामने आई। कार्नी ने भी इसे उसी हल्के अंदाज में आगे बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि अगर कनाडा उन्हें ऐसी चाबी देता है तो कनाडा में उनका स्वागत होगा और उन्हें गोली मारने की बात नहीं होगी।
कार्नी ने ट्रंप को बताया अच्छा मेजबान
दिलचस्प बात यह है कि इस किस्से को सुनाते हुए कार्नी ने ट्रंप के आतिथ्य का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेरिका और कनाडा के रिश्तों की जटिलताओं के बावजूद दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों पर जोर दिया।
कार्नी ने कहा कि कनाडा और अमेरिका हमेशा पड़ोसी रहेंगे और कनाडा कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अमेरिका का प्रमुख साझेदार बना रहेगा। उन्होंने साथ ही कहा कि कनाडा अपने रिश्तों को संप्रभुता और साझेदारी के पारस्परिक सम्मान के आधार पर आगे बढ़ाना चाहता है।

ट्रंप-कार्नी के बीच क्यों बढ़ी है चर्चा?
कार्नी का यह किस्सा ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक तनाव चल रहा है। दोनों देशों के बीच टैरिफ और आयात प्रतिबंधों को लेकर मतभेद बढ़े हैं।
अगस्त के अंत में अमेरिका ने कनाडा के कुछ सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लागू किया था। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी उत्पादों पर अलग-अलग दरों से जवाबी टैरिफ लगाए।
इसके बाद अमेरिका ने कनाडा से आने वाले कुछ मादक पेय, कुछ डेयरी उत्पाद और मोटरसाइकिलों के आयात पर प्रतिबंधों की घोषणा की, जो 29 सितंबर से प्रभावी होने हैं।
इस व्यापारिक तनाव के बीच कार्नी लगातार कनाडा की अर्थव्यवस्था को ज्यादा विविध और अंतरराष्ट्रीय निवेश के लिए आकर्षक बनाने पर जोर दे रहे हैं।
कनाडा का बड़ा निवेश प्लान क्या है?
टोरंटो में आयोजित Canada Investment Summit इसी रणनीति का हिस्सा था। कनाडा सरकार के मुताबिक, उसका लक्ष्य अगले पांच वर्षों में देश में C$1 ट्रिलियन तक का कुल निवेश आकर्षित करना है। इसके लिए ऊर्जा, परिवहन, डेटा, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।
15 सितंबर को समाप्त हुए पहले Canada Investment Summit में करीब 30 देशों के निवेशक और संस्थागत प्रतिनिधि शामिल हुए। कनाडा सरकार के अनुसार, इन निवेशकों के पास C$100 ट्रिलियन से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन है।
सरकार ने बताया कि समिट के दौरान कनाडा में करीब C$500 बिलियन के नए निवेश कमिटमेंट सामने आए। इसमें लगभग C$100 बिलियन नए पूंजी निवेश और करीब C$325 बिलियन के नए बैंक वित्तपोषण की घोषणाएं शामिल हैं।
हालांकि, इन आंकड़ों को तत्काल नकद निवेश के बजाय नए निवेश कमिटमेंट और वित्तपोषण योजनाओं के रूप में समझना जरूरी है।
कार्नी का अमेरिका को संदेश
कार्नी ने समिट में अमेरिकी निवेशकों और कारोबारियों को भी संदेश दिया कि कनाडा और अमेरिका के बीच मतभेदों के बावजूद दोनों देश पड़ोसी और महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदार हैं।
उन्होंने कहा कि कनाडा अपने आर्थिक संबंधों को व्यापक बनाना चाहता है और अलग-अलग देशों के साथ साझेदारी बढ़ाकर अपनी अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत और लचीला बनाना चाहता है।
यानी एक तरफ वॉशिंगटन और ओटावा के बीच टैरिफ विवाद चल रहा है, तो दूसरी तरफ कनाडा वैश्विक निवेशकों को अपने यहां आकर्षित करने की कोशिश कर रहा है।
‘गोल्डन चाबी’ वाले किस्से ने क्यों खींचा ध्यान?
कार्नी का ट्रंप से जुड़ा यह किस्सा इसलिए चर्चा में आया क्योंकि यह ऐसे समय सामने आया है जब दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों में तनाव है। एक तरफ कार्नी ने ट्रंप की मेजबानी और पुराने संबंधों का जिक्र किया, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने कनाडा की आर्थिक स्वतंत्रता और नए वैश्विक साझेदारों की जरूरत पर भी जोर दिया।
इस तरह व्हाइट हाउस की गोल्डन चाबी और ‘गोली मार देंगे’ वाला मजाक सिर्फ एक व्यक्तिगत किस्सा नहीं रहा, बल्कि कार्नी के उस संदेश का हिस्सा बन गया जिसमें वह अमेरिका के साथ संबंध बनाए रखते हुए कनाडा को नए निवेश और साझेदारियों की ओर ले जाने की बात कर रहे हैं।
निष्कर्ष
मार्क कार्नी द्वारा सुनाया गया ट्रंप का गोल्डन-की किस्सा अमेरिका-कनाडा संबंधों के मौजूदा दौर की एक दिलचस्प झलक देता है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव जारी है, लेकिन कार्नी ने साफ कहा है कि कनाडा और अमेरिका के रिश्ते पड़ोसी और साझेदार के रूप में महत्वपूर्ण बने रहेंगे। इसी बीच कनाडा ने पांच वर्षों में C$1 ट्रिलियन निवेश जुटाने का लक्ष्य रखा है और पहले Investment Summit में करीब C$500 बिलियन के नए निवेश कमिटमेंट की घोषणा की गई है।

