चलती ट्रेन में हैवानियत: मामले में रेलवे प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए आरोपी टीटीई राहुल कुमार को निलंबित कर दिया है। एसपी रेलवे ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जीआरपी और स्थानीय पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
यह घटना गोरखपुर-अहमदाबाद एक्सप्रेस के एसी प्रथम श्रेणी कोच की बताई जा रही है। पीड़िता की शिकायत पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी गई है।
चलती ट्रेन में हैवानियत: क्या है पूरा मामला?
घटना रविवार की बताई जा रही है। मूल रूप से मऊ जिले की रहने वाली 22 वर्षीय युवती गोरखपुर में सेना भर्ती की तैयारी कर रही है। वह एनसीसी ‘सी’ सर्टिफिकेट की परीक्षा देकर लौट रही थी।
बलिया स्टेशन पर हड़बड़ी में टिकट न ले पाने के कारण वह ट्रेन में सवार हो गई। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात टीटीई राहुल कुमार ने बिना टिकट की कार्रवाई का डर दिखाया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने पहले सीट दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उसे एसी प्रथम श्रेणी कोच के केबिन में ले जाया गया। आरोप है कि इंदारा और देवरिया के बीच चलती ट्रेन में दुष्कर्म की कोशिश की गई।
विरोध करने पर कार्रवाई की धमकी दी गई। युवती किसी तरह केबिन से बाहर निकलकर 112 नंबर पर कॉल कर घटना की सूचना दी।

आरोपी टीटीई निलंबित, 10 हजार का इनाम घोषित
घटना सामने आते ही रेलवे प्रशासन ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
एसपी जीआरपी लक्ष्मी निवास मिश्रा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की कोशिश समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
आरोपी मूल रूप से बिहार के पटना का रहने वाला है और घटना के बाद से फरार है। देवरिया में ट्रेन से उतरकर वह भाग निकला।
गोरखपुर पहुंचने के बाद पीड़िता ने जीआरपी थाने में तहरीर दी। देर रात मामले की विवेचना देवरिया ट्रांसफर कर दी गई।
पुलिस और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई
जीआरपी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें पटना समेत अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
एसपी रेलवे ने कहा,
“आरोपी की तलाश जारी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पीड़िता का मेडिकल और बयान देवरिया में कराया जाएगा।”
परिवार के लोग भी देवरिया पहुंच चुके हैं।
महिला सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों की जानकारी आप आधिकारिक वेबसाइट राष्ट्रीय महिला आयोग पर भी देख सकते हैं।

रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
चलती ट्रेन में हैवानियत की यह घटना रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एसी प्रथम श्रेणी कोच जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली श्रेणी में इस तरह की वारदात चिंता का विषय है।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे और जीआरपी द्वारा हेल्पलाइन नंबर 112 और रेलवे हेल्पलाइन 139 जारी किए गए हैं। फिर भी ऐसी घटनाएं सुरक्षा तंत्र की मजबूती की जरूरत दर्शाती हैं।
निष्कर्ष
चलती ट्रेन में हैवानियत का यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि महिला सुरक्षा से जुड़े तंत्र की परीक्षा है। आरोपी की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच इस मामले में बेहद अहम होगी।
रेलवे प्रशासन द्वारा त्वरित निलंबन और इनाम की घोषणा को शुरुआती सख्त कदम माना जा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस कब तक आरोपी को गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा करती है।

TABLE OF CONTENT
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चलती ट्रेन में हैवानियत: घटना का परिचय
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पीड़िता का आरोप और घटनाक्रम
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आरोपी टीटीई निलंबित, इनाम घोषित
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जीआरपी और पुलिस की कार्रवाई
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रेलवे सुरक्षा पर उठते सवाल
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निष्कर्ष और प्रभाव

