आगरा: हाईवे पर ऐसा मंजर जिसने रोंगटे खड़े कर दिए
AGRA: के आगरा-फिरोजाबाद हाईवे पर मंगलवार रात एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने इंसानियत और सड़क सुरक्षा दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के सैय्यद कट पर 58 वर्षीय शांति देवी को पहले एक तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया, फिर अंधेरे और तेज गति से गुजरते वाहनों ने शव को पहचान से परे कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले ट्रक की टक्कर के बाद महिला का शव सड़क पर पड़ा रहा और उसके बाद एक के बाद एक करीब छह ट्रक उसके ऊपर से गुजरते चले गए।
स्थिति इतनी भयावह थी कि सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस को शव के टुकड़ों को सड़क से खुरचकर एकत्र करना पड़ा। यह दृश्य देखकर राहगीरों की रूह कांप गई।
कैसे हुआ हादसा?
मृतका की पहचान ट्रांस यमुना फेज-2 निवासी 58 वर्षीय शांति देवी के रूप में हुई। मंगलवार रात करीब 10:30 बजे वह ट्रांस यमुना फेज-1 से फेज-2 की ओर हाईवे पार कर रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही वह सड़क के बीच पहुंचीं, रामबाग की ओर से फिरोजाबाद की तरफ जा रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
ट्रक का पहिया उनके ऊपर से निकल गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर फरार हो गया। लेकिन त्रासदी यहीं नहीं रुकी। पीछे से आ रहे अन्य ट्रकों और भारी वाहनों ने अंधेरे के कारण सड़क पर पड़े शव को नहीं देखा और वे भी एक-एक कर महिला के शरीर को कुचलते चले गए।
कुछ ही मिनटों में पूरा हाईवे खून से सन गया। शरीर के टुकड़े कई मीटर तक फैल गए।

बेटे ने चप्पल से की मां की पहचान
हादसे की सबसे मार्मिक बात यह रही कि शांति देवी का बेटा अंकित घटनास्थल से मात्र 100 मीटर दूर आइसक्रीम बेच रहा था। देर रात जब भीड़ देख वह मौके पर पहुंचा तो पुलिस शव को समेट चुकी थी। सड़क पर पड़ी मां की चप्पल देखकर वह फूट-फूट कर रो पड़ा। उसी चप्पल से शांति देवी की पहचान हुई।
परिवार के अनुसार, शांति देवी बाजार से लौट रही थीं। पति राजेश वृद्ध हैं। दोनों बेटे अमित और अंकित आइसक्रीम का काम करते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है। हादसे की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।

पुलिस ने सड़क से खुरचे शव के लोथड़े
घटना की सूचना मिलते ही थाना एत्माद्दौला पुलिस मौके पर पहुंची। शव की हालत इतनी खराब थी कि उसे एकत्र करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिसकर्मियों ने सड़क से मांस के टुकड़ों को खुरचकर कपड़े में समेटा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के अनुसार, ट्रक चालक की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।

सैय्यद कट: पहले भी हो चुके हैं हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि सैय्यद कट पर पहले भी कई जानलेवा हादसे हो चुके हैं। यहां डिवाइडर में खुला स्थान है, जिससे लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार करते हैं। पर्याप्त रोशनी नहीं है, न ही रिफ्लेक्टर या ‘दुर्घटना बहुल क्षेत्र’ का बोर्ड लगा है।
क्षेत्रीय निवासी कौशल और दीपू सेंगर ने बताया कि यहां अक्सर पुलिस की तैनाती नहीं रहती। हाईवे पर तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं और पैदल चलने वालों के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं है।

ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और बढ़ते चालान
कमिश्नरेट में सड़क हादसों को रोकने के लिए क्रिटिकल कॉरिडोर टीमें बनाई गई हैं, ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं और अवैध कट बंद करने के दावे किए गए हैं। बावजूद इसके हादसे थम नहीं रहे।
आंकड़ों के अनुसार:
-
2024 में बिना हेलमेट 5,15,330 चालान
-
2025 में 9,63,087 चालान
-
2026 (जनवरी) में 86,615 चालान
रॉन्ग साइड वाहन चलाने, मोबाइल पर बात करते हुए ड्राइविंग और सीट बेल्ट न लगाने के मामलों में भी भारी वृद्धि हुई है। पुलिस ने हाल ही में रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई भी शुरू की है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस आयुक्त ने कहा कि यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा रहा है। शहर के प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी हो रही है। उल्लंघन पर चालान किए जा रहे हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि केवल चालान से समस्या का समाधान नहीं होगा; हाईवे पर पैदल पार पथ, अंडरपास और बेहतर रोशनी की व्यवस्था भी जरूरी है।

Live Real News 24 की ओर से शोक संदेश
Live Real News 24 परिवार की ओर से हम शांति देवी जी के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं। शांति देवी जी और उनके परिवार से हमारा वर्षों पुराना आत्मीय संबंध रहा है। उनका व्यवहार स्नेहपूर्ण और सरल था। आज उन्हीं के बारे में यह दुखद समाचार लिखते हुए हृदय अत्यंत व्यथित है।
हमें विश्वास नहीं हो रहा कि वे अब हमारे बीच नहीं रहीं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
सामाजिक और मानवीय सवाल
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई स्तरों पर विफलता का प्रतीक है—
-
हाईवे पर सुरक्षित पारपथ का अभाव
-
पर्याप्त रोशनी की कमी
-
तेज रफ्तार पर नियंत्रण न होना
-
दुर्घटना के बाद भी किसी वाहन चालक का न रुकना

सबसे पीड़ादायक तथ्य यह रहा कि कई वाहन शव के ऊपर से गुजरते रहे, लेकिन किसी ने रुककर मानवता नहीं दिखाई।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार:
-
हाईवे पर हर 500 मीटर पर चेतावनी संकेत होने चाहिए।
-
पैदल पार पथ और स्पीड ब्रेकर जरूरी हैं।
-
हाई-मास्ट लाइटिंग से अंधेरे की समस्या दूर की जा सकती है।
-
दुर्घटना स्थल पर तत्काल इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय होना चाहिए।
ये भी पढ़ें: अविमुक्तेश्वरानंद को जेल या बेल? POCSO केस में हाईकोर्ट का रुख, सियासत गरम—अब आगे क्या होगा?
परिवार की मांग
परिजन ने दोषी ट्रक चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और सैय्यद कट पर स्थायी सुरक्षा उपायों की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने ठोस कदम उठाए होते, तो शायद शांति देवी आज जीवित होतीं।
निष्कर्ष:
आगरा हाईवे का यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि हमारी सड़क व्यवस्था और सामाजिक संवेदनशीलता पर गंभीर प्रश्न है। शांति देवी की मौत हमें याद दिलाती है कि यातायात नियमों का पालन, सुरक्षित अवसंरचना और मानवीय संवेदना कितनी आवश्यक है।
जब तक हाईवे पर पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित व्यवस्था नहीं होगी और तेज रफ्तार पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगेगा, तब तक ऐसे हादसे रुकना मुश्किल है। प्रशासन को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे, ताकि किसी और बेटे को अपनी मां की पहचान चप्पल से न करनी पड़े।

