बिहार दिवस 2026: के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar को एक विस्तृत पत्र लिखकर राज्य की ऐतिहासिक विरासत, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास यात्रा की सराहना की। इस पत्र में उन्होंने न केवल बिहार के गौरवशाली अतीत को याद किया, बल्कि वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बिहार दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध परंपराओं, क्षमता और योगदान को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने इसे भारत की सशक्त पहचान में बिहार के अमूल्य योगदान का प्रतीक बताया।
प्राचीन विरासत और वैश्विक प्रभाव का जिक्र
Narendra Modi ने अपने पत्र में बिहार की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने Gautam Buddha के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की धरती से निकली शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया को मार्गदर्शन दे रही हैं।
इसके साथ ही उन्होंने Chanakya और Chandragupta Maurya का जिक्र करते हुए कहा कि इस भूमि ने एक सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी। यह विरासत आज भी देश की सोच और दिशा को प्रेरित करती है।

बिहारियों की वैश्विक पहचान
प्रधानमंत्री ने बिहार के लोगों की मेहनत, प्रतिभा और ईमानदारी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश और दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने अपने गुजरात के मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि बिहार के लोगों ने सूरत जैसे शहरों के विकास में अहम भूमिका निभाई।
उन्होंने यह भी बताया कि मॉरीशस, गुयाना और त्रिनिदाद एवं टोबैगो जैसे देशों में भी बिहार की संस्कृति और परंपराएं जीवंत रूप में देखने को मिलती हैं। महापर्व Chhath Puja को उन्होंने बिहार की सांस्कृतिक पहचान का सबसे सशक्त प्रतीक बताया, जो अब वैश्विक स्तर पर मनाया जाता है।
स्वतंत्रता संग्राम और लोकतंत्र में योगदान
पत्र में Narendra Modi ने बिहार के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को भी याद किया। उन्होंने Mahatma Gandhi के चंपारण सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए कहा कि इस आंदोलन ने आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी।
इसके अलावा, उन्होंने Rajendra Prasad, Sachchidananda Sinha और Jagjivan Ram जैसे नेताओं के योगदान को भी सराहा। 1970 के दशक में Jayaprakash Narayan के आंदोलन का जिक्र करते हुए लोकतंत्र की मजबूती पर जोर दिया।
विकास योजनाओं का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 40 लाख से अधिक घर बनाए गए हैं, जबकि उज्ज्वला योजना के जरिए 1.2 करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन मिला है।
साथ ही, सौभाग्य योजना के तहत घर-घर बिजली पहुंचाने और गरीबों के जीवन स्तर में सुधार का भी उल्लेख किया गया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से बिहार में समावेशी विकास को बढ़ावा मिला है।
किसानों और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
Narendra Modi ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत बिहार के किसानों को 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी गई है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से 1 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं और लाखों महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं, जो आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं।
कनेक्टिविटी और शिक्षा में सुधार
प्रधानमंत्री ने बिहार में रेल और हवाई संपर्क के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि पटना, दरभंगा और पूर्णिया जैसे शहरों में कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। साथ ही उन्होंने Nalanda University को पुनर्जीवित करने के प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।
नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना
Narendra Modi ने मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके सुशासन और विकास के प्रति प्रतिबद्धता ने राज्य में स्थिरता और विश्वास को मजबूत किया है।
वहीं, Nitish Kumar ने भी प्रधानमंत्री के इस पत्र के लिए आभार व्यक्त किया और राज्य के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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निष्कर्ष
बिहार दिवस 2026 पर प्रधानमंत्री Narendra Modi का यह पत्र राज्य के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य का समग्र चित्र प्रस्तुत करता है। इससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र और राज्य मिलकर बिहार को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

