नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट 2026 पेश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट पूरी तरह युवाशक्ति से प्रेरित है और इसे तीन बड़े कर्तव्यों – रफ्तार, क्षमता और सबका साथ – पर आधारित किया गया है।
बजट के जरिए सरकार ने स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और शहरों के विकास का व्यापक रोडमैप पेश किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आर्थिक विकास नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
3 नए आयुर्वेदिक एम्स और मेडिकल टूरिज्म हब
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए वित्त मंत्री ने तीन नए आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने की घोषणा की। साथ ही भारत को वैश्विक मेडिकल टूरिज्म हब बनाने के लिए 5 रीजनल मेडिकल टूरिज्म हब विकसित किए जाएंगे।
मुख्य बिंदु:
- अगले 5 वर्षों में 1 लाख स्पेशलिस्ट हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स तैयार होंगे
- 1.5 लाख केयर गिवर्स को प्रशिक्षण मिलेगा
- आयुर्वेदिक दवाओं की नेशनल लैब्स बनाई जाएंगी
- जामनगर में WHO का ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर स्थापित होगा
- उच्च गुणवत्ता वाले आयुर्वेदिक प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट को बढ़ावा
7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
देश में 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की घोषणा की गई है, जिनमें प्रमुख रूट हैं:
- मुंबई – पुणे
- पुणे – हैदराबाद
- हैदराबाद – बेंगलुरु
- हैदराबाद – चेन्नई
- सिलीगुड़ी – वाराणसी
इसके साथ ही सी-प्लेन मैन्युफैक्चरिंग को भी समर्थन दिया जाएगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
वित्त मंत्री ने बताया कि 2026–27 के लिए कैपेक्स 12.2 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ से अधिक है।
मुख्य प्रोजेक्ट्स:
- डानकुनी से सूरत तक नया फ्रेट कॉरिडोर
- कार्गो के लिए डेडिकेटेड फ्रेट नेटवर्क
- इंटरनल वाटरवेज विकास (वाराणसी और पटना पर फोकस)
- इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट और रिस्क गारंटी फंड
सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रेयर अर्थ पर फोकस
सरकार ने सेमीकंडक्टर मिशन ISM 2.0 लॉन्च किया।
- इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए 40,000 करोड़ रुपये
- ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ मिनरल पार्क
- हाई टेक टूल रूम और प्रिसिजन कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग
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MSME और टेक्सटाइल सेक्टर को बड़ा सहारा
- छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड, क्रेडिट गारंटी सपोर्ट
- टीयर-2 और टीयर-3 शहरों तक ट्रेनिंग
- टेक्सटाइल सेक्टर के लिए मेगा टेक्सटाइल पार्क, नेशनल फाइबर स्कीम, नेशनल हैंडलूम पॉलिसी
- वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट को बढ़ावा
बजट के 3 मुख्य विजन
- रफ्तार: उत्पादकता बढ़ाकर तेज़ आर्थिक विकास
- क्षमता: लोगों की काबिलियत को निखारना
- सबका साथ: हर क्षेत्र और परिवार तक अवसर
अर्थव्यवस्था पर सरकार का रिपोर्ट कार्ड
- पिछले 12 वर्षों में भारत ने मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा में आत्मनिर्भरता बढ़ाई
- 7 प्रतिशत की ग्रोथ रेट हासिल की
- महंगाई नियंत्रण में रही
- वैश्विक चुनौतियों के बावजूद विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ा
- राजकोषीय घाटा GDP के 4.5 प्रतिशत से नीचे और कर्ज को 2031 तक 50 प्रतिशत के आसपास रखना लक्ष्य
निष्कर्ष:
Budget 2026 भारत के भविष्य की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है। स्वास्थ्य, आयुर्वेद, हाईस्पीड रेल, मेडिकल टूरिज्म, मैन्युफैक्चरिंग और छोटे शहरों के विकास के जरिए सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में भारत केवल तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लीडर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

