बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी जिले में आयोजित एक जनसभा के दौरान तीखा और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि “जो लोग कयामत के दिन का इंतजार कर रहे हैं, वे कयामत के लिए न जिएं। हिंदुस्तान में कायदे से रहना सीखें।” उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि बाबरी मस्जिद अब कभी नहीं बनने वाली है और यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
भाजपा सरकार रुकने वाली नहीं
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भाजपा सरकार वह करती है जो कहती है और उतना ही कहती है जितना करने का दम रखती है। उन्होंने कहा कि “यह सरकार रुकने वाली नहीं है। हमारी सरकार ने जो वादा किया, उसे जमीन पर उतार कर दिखाया है।”
500 साल बाद आया गौरवपूर्ण क्षण
सीएम योगी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि 500 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद अयोध्या में गौरवपूर्ण क्षण आया। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने वर्षों में कितनी सरकारें आईं और गईं, कितने राजा-महाराजा हुए, लेकिन अयोध्या में राम मंदिर क्यों नहीं बन पाया।
उन्होंने कहा, “राम सबके हैं, लेकिन कुछ लोग संकट में ही राम को याद करते हैं, बाकी समय उन्हें भुला देते हैं।”

कानून तोड़ने वालों को चेतावनी
मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि कानून मानोगे तो फायदे में रहोगे, नहीं तो आगे का रास्ता सीधा जहन्नुम की ओर जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों के लिए सरकार के पास कोई नरमी नहीं है।
भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत और सनातन धर्म एक-दूसरे के पूरक हैं। धर्म और देश आत्मा और शरीर की तरह हैं। उन्होंने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि हर भारतवासी का ध्येय देश को वैभवशाली और विकसित बनाना होना चाहिए।
धार्मिक कार्यक्रमों में भी लिया हिस्सा
मुख्यमंत्री मंगलवार को दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के दुल्हदेपुर स्थित बाबा हरिशंकर दास की कुटी में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
दोपहर करीब सवा दो बजे उनका हेलीकॉप्टर कुटी के पास उतरा, जहां महंत बलरामदास ने उनका स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कथा मंडप का उद्घाटन किया, रामार्चा यज्ञ में आहुतियां अर्पित कीं, और फिर जनसभा को संबोधित किया।
निष्कर्ष
बाराबंकी की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह भाषण राजनीतिक और वैचारिक दोनों स्तरों पर सख्त संदेश देता है। राम मंदिर, कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता को लेकर उनका बयान साफ दर्शाता है कि भाजपा सरकार अपने एजेंडे और फैसलों को लेकर किसी भी तरह का समझौता करने के मूड में नहीं है।

