पश्चिम एशिया: में जारी भीषण तनाव के बीच एक सनसनीखेज दावा सामने आया है—ईरानी न्यूज एजेंसियों ने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei अमेरिका–इजराइल के संयुक्त हमले में मारे गए। हालांकि, तेहरान की ओर से आधिकारिक तौर पर इन दावों का खंडन भी किया गया है, जिससे स्थिति और अधिक उलझ गई है।
तेहरान में धमाके, कई शहरों पर हमले
रातभर ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में जोरदार धमाकों की खबरें आती रहीं। अमेरिकी और इजराइली हमलों में सैन्य ठिकानों, मिसाइल डिपो और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात कही जा रही है।
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और अमेरिकी राष्ट्रपति President of the United States की ओर से दावा किया गया कि इन हमलों में खामेनेई मारे गए।
हालांकि, ईरान के सरकारी सूत्रों ने कहा कि सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं और यह “मनोवैज्ञानिक युद्ध” का हिस्सा है।

ईरानी मीडिया का दावा
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी न्यूज एजेंसियों ‘फार्स’ और ‘तस्नीम’ ने खामेनेई की मौत की पुष्टि का दावा किया। लेकिन कुछ घंटों बाद सरकारी प्रवक्ताओं ने इन खबरों को खारिज कर दिया।
इस विरोधाभासी सूचना ने वैश्विक स्तर पर भ्रम और सस्पेंस की स्थिति पैदा कर दी है।
खामेनेई की मौत पर जश्न?
अमेरिका द्वारा खामेनेई की मौत का दावा किए जाने के बाद ईरान के कुछ हिस्सों में जश्न की खबरें भी आईं। ईरानी एक्टिविस्ट और पत्रकार Masih Alinejad ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “क्या मैं सपना देख रही हूं? हैलो, नई दुनिया।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने कहा कि हर सुबह वह अपने लोगों के मारे जाने की खबर पढ़ती थीं, लेकिन आज की खबर उनके जीवन की सबसे अच्छी खबर है।
हालांकि, इन वीडियोज़ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
Authorities confirm that a drone was intercepted, and debris caused a minor fire on the Burj Al Arab’s outer facade. Civil Defence teams responded immediately and brought the incident under control. No injuries have been reported.
— Dubai Media Office (@DXBMediaOffice) February 28, 2026
बुर्ज अल अरब के पास ड्रोन इंटरसेप्ट
इस बीच, दुबई के प्रतिष्ठित होटल Burj Al Arab के पास एक ड्रोन को इंटरसेप्ट किए जाने की घटना सामने आई। दुबई मीडिया कार्यालय ने बताया कि ड्रोन को मार गिराया गया, लेकिन उसका मलबा गिरने से होटल के बाहरी हिस्से में मामूली आग लग गई।
नागरिक सुरक्षा टीमों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
यह घटना अमेरिका–इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद हुई, जिससे संकेत मिलता है कि संघर्ष का दायरा व्यापक हो सकता है।
बहरीन एयरपोर्ट पर हमला
Bahrain International Airport को भी ड्रोन से निशाना बनाए जाने की खबर है। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने पुष्टि की कि हमले में जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
संबंधित अधिकारियों ने परिसर को सुरक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
#WATCH | Delhi: Passengers stranded at IGI Airport amid flight disruptions and cancellations due to the situation in the Middle East.
A stranded passenger says, “I was supposed to fly to Saudi from Delhi, but my flight was cancelled. We have been waiting for 14 hours, but we… pic.twitter.com/ArCG1jsdHY
— ANI (@ANI) March 1, 2026
दुबई और दिल्ली एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक हवाई यातायात पर भी पड़ा है। दुबई और अबू धाबी एयरपोर्ट पर कई उड़ानें रद्द या डायवर्ट कर दी गईं।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी P. V. Sindhu ने ट्वीट कर बताया कि वह अपनी टीम के साथ दुबई में सुरक्षित हैं, लेकिन एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी मची हुई है और कई परिवार फंसे हुए हैं।
दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर भी यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। एक यात्री ने बताया कि उसकी सऊदी अरब जाने वाली उड़ान रद्द हो गई और वह 14 घंटे से इंतजार कर रहा है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी और इजराइली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जॉर्डन और कतर में भी हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई।
तेहरान में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जबकि देश भर में अलर्ट जारी है।
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वैश्विक राजनीति पर असर
यदि खामेनेई की मौत की पुष्टि होती है, तो यह ईरान की राजनीतिक संरचना में सबसे बड़ा बदलाव होगा। सुप्रीम लीडर के रूप में खामेनेई 1989 से सत्ता में हैं और देश की विदेश नीति व सैन्य रणनीति पर उनका गहरा प्रभाव रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम से ईरान में सत्ता संघर्ष शुरू हो सकता है और क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है।

तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था
संघर्ष का सीधा असर तेल बाजार पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
निष्कर्ष:
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को लेकर विरोधाभासी दावे पश्चिम एशिया को अनिश्चितता के दौर में ले आए हैं। एक ओर अमेरिका और इजराइल का दावा है, तो दूसरी ओर ईरान का खंडन।
बुर्ज अल अरब के पास ड्रोन इंटरसेप्ट, बहरीन एयरपोर्ट पर हमला, दुबई और दिल्ली एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी—ये सभी संकेत देते हैं कि संघर्ष का दायरा बढ़ रहा है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर तेहरान और वाशिंगटन पर टिकी है। आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।

