मथुरा: के छाता इलाके में गौ-रक्षक बाबा चंद्रशेखर उर्फ “फरसा वाले बाबा” की मौत के बाद भड़की हिंसा ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। शनिवार सुबह शुरू हुआ यह बवाल कई घंटों तक चलता रहा, जिसमें दिल्ली हाईवे पर जाम, पथराव और पुलिस कार्रवाई की घटनाएं सामने आईं।
हालांकि, प्रशासन ने इस मामले को सड़क हादसा बताया है, जबकि स्थानीय लोग इसे साजिश के तहत हत्या मान रहे हैं। इसी विरोधाभास ने हालात को और ज्यादा संवेदनशील बना दिया है।
डीआईजी का बयान: हादसा, नहीं थी गौ-तस्करी
आगरा रेंज के डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने स्पष्ट किया कि बाबा की मौत एक सड़क दुर्घटना में हुई है।
उनके अनुसार:
- घटना में किसी भी प्रकार की गौ-तस्करी शामिल नहीं थी
- कंटेनर में साबुन, फिनाइल और शैम्पू जैसे सामान भरे थे
- घने कोहरे के कारण पीछे से आए ट्रक ने टक्कर मारी
डीआईजी ने यह भी बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और हिंसा में शामिल कुछ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

CM योगी के सख्त निर्देश, पुलिस अलर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए योगी आदित्यनाथ ने सख्त रुख अपनाया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
- हिंसा करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की जाए
- जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए
- किसी भी आरोपी को बख्शा न जाए
सीएम के आदेश के बाद पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है।
धरपकड़ शुरू, घर-घर दबिश
पुलिस ने पथराव और हंगामा करने वालों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है।
- संदिग्ध लोगों के घरों पर दबिश दी जा रही है
- घटनास्थल पर छोड़ी गई बाइकें जब्त की जा रही हैं
- वीडियो फुटेज के आधार पर पहचान की जा रही है
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
हाईवे जाम और हिंसा का घटनाक्रम
सुबह होते ही आक्रोशित भीड़ ने दिल्ली हाईवे को जाम कर दिया।
- कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया
- प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और वाहनों पर पथराव किया
- कई गाड़ियों के शीशे टूट गए
स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और बल प्रयोग करना पड़ा।
करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद हाईवे को खाली कराया जा सका।
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बार-बार भड़कती रही भीड़
पुलिस ने एक बार हालात संभाले, लेकिन कुछ समय बाद फिर से पथराव शुरू हो गया।
- भीड़ बार-बार उग्र होती रही
- पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी
- पूरे इलाके में तनाव बना रहा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त बल तैनात किया गया।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
बाबा चंद्रशेखर के पार्थिव शरीर को अजनोक गोशाला लाया गया, जहां हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे।
इस दौरान छाता-बरसाना मार्ग पर भी जाम जैसे हालात बन गए।
स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और शोक दोनों देखने को मिला।
कानून-व्यवस्था की बड़ी चुनौती
यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
एक तरफ हादसे की आधिकारिक थ्योरी है, तो दूसरी तरफ जनता का गुस्सा और अविश्वास।
ऐसे में पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है:
- शांति बनाए रखना
- निष्पक्ष जांच करना
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निष्कर्ष
मथुरा में हुआ यह बवाल केवल एक दुर्घटना का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की परीक्षा भी बन गया है।
सीएम के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है, लेकिन असली सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। फिलहाल, इलाके में शांति बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

