मोदी मलेशिया दौरा: के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुआलालंपुर स्थित पेरदाना पुत्रा भवन में औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच द्विपक्षीय बातचीत शुरू हुई। यह दौरा भारत–मलेशिया रिश्तों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
आठ साल बाद हो रहे इस दौरे में व्यापार, निवेश, सुरक्षा सहयोग और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि भारत लंबे समय से वांछित भगोड़े जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण का मुद्दा भी बातचीत में उठा सकता है।
मोदी मलेशिया दौरा: गार्ड ऑफ ऑनर और द्विपक्षीय वार्ता
मोदी मलेशिया दौरा के तहत प्रधानमंत्री मोदी को मलेशिया की सरकार ने पूरे सम्मान के साथ औपचारिक स्वागत दिया। रेड कार्पेट रिसेप्शन और गार्ड ऑफ ऑनर के बाद दोनों नेताओं के बीच आधिकारिक बातचीत शुरू हुई।
इस बैठक में रक्षा सहयोग, आतंकवाद के खिलाफ साझा रणनीति, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता जैसे विषय शामिल हैं। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने कहा कि भारत और मलेशिया के रिश्ते मजबूत हैं, लेकिन कुछ मुद्दों पर चिंता भी है, जिन पर खुले तौर पर बातचीत जरूरी है।

मोदी मलेशिया दौरा और जाकिर नाईक प्रत्यर्पण का मुद्दा
मोदी मलेशिया दौरा इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि भारत भगोड़े जाकिर नाईक के प्रत्यर्पण की मांग लगातार करता रहा है। जाकिर नाईक पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग और कट्टरता फैलाने के गंभीर आरोप हैं।
वह 2016 में भारत से भागकर मलेशिया पहुंचा था और फिलहाल वहां स्थायी निवास पर है। भारत चाहता है कि उसे कानून के तहत देश में लाकर मुकदमा चलाया जाए। माना जा रहा है कि द्विपक्षीय बातचीत में यह संवेदनशील मुद्दा कूटनीतिक तरीके से उठाया जा सकता है।
इससे पहले भी जाकिर नाईक भारत–मलेशिया संबंधों में तनाव का कारण बनता रहा है।
मोदी मलेशिया दौरा: 10वें भारत–मलेशिया CEO फोरम में भागीदारी
प्रधानमंत्री मोदी आज भारत–मलेशिया के 10वें CEO फोरम में भी हिस्सा लेंगे। इस फोरम में दोनों देशों के बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी मौजूद रहेंगे।
यहां खासतौर पर इन क्षेत्रों पर चर्चा होगी:
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व्यापार और निवेश
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इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट
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डिजिटल टेक्नोलॉजी
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ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट
सरकार का मानना है कि यह फोरम भारत और मलेशिया के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई दे सकता है। इससे जुड़ी आर्थिक खबरें आप LRN24.com के बिजनेस सेक्शन में भी पढ़ सकते हैं।
ASEAN के नजरिए से क्यों अहम है मोदी मलेशिया दौरा
मलेशिया, ASEAN (आसियान) का एक अहम सदस्य देश है। ऐसे में मोदी मलेशिया दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को मजबूती देने वाला माना जा रहा है।
भारत इस समय ASEAN के साथ AITIGA (ASEAN-India Trade in Goods Agreement) की समीक्षा करना चाहता है। मौजूदा समझौते को लेकर भारत को यह चिंता है कि इससे व्यापार घाटा बढ़ा है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2022-23 में भारत का ASEAN के साथ व्यापार घाटा करीब 43 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। पीएम मोदी इस दौरे के जरिए एक ज्यादा संतुलित और आधुनिक व्यापार समझौते के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर सकते हैं।

भारतीय समुदाय से मुलाकात, UPI का जिक्र
मोदी मलेशिया दौरा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया में रहने वाले भारतीय समुदाय को भी संबोधित किया। मलेशिया में लगभग 29 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दुनिया के सबसे बड़े प्रवासी भारतीय समुदायों में से एक हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय समुदाय भारत और मलेशिया के बीच एक मजबूत पुल की तरह है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत का UPI सिस्टम मलेशिया में शुरू हो सकता है, जिससे दोनों देशों के लोगों को डिजिटल भुगतान में सुविधा मिलेगी।
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निष्कर्ष / Impact
कुल मिलाकर, मोदी मलेशिया दौरा कूटनीति, व्यापार और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। जाकिर नाईक का मुद्दा हो या ASEAN के साथ व्यापार संतुलन, इस यात्रा से भारत–मलेशिया संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में इस दौरे के ठोस नतीजे सामने आ सकते हैं।

