नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की रक्षा रणनीति का असर अब बजट में साफ नजर आने लगा है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026 पेश करते हुए डिफेंस बजट को 7.84 लाख करोड़ रुपए कर दिया। यह पिछले साल की तुलना में करीब 15% ज्यादा है।
आंकड़ों के मुताबिक, रक्षा बजट में करीब 1 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले 10 साल में सबसे बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है। मई 2025 में पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर के बाद इस इजाफे की उम्मीद जताई जा रही थी, जिसे सरकार ने पूरी तरह से पूरा कर दिया है।
7.84 लाख करोड़ के रक्षा बजट की पूरी गणित
सरकार ने 2026–27 के रक्षा बजट को चार हिस्सों में बांटा है—
1️⃣ कैपिटल एक्सपेंडिचर में 22% की उछाल
सबसे बड़ी बढ़ोतरी कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी पूंजीगत खर्च में की गई है।
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2026–27 में: 2.19 लाख करोड़ रुपए
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बढ़ोतरी: 21.84%
यह पैसा सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर, हथियार, मशीनरी और बड़े एसेट्स पर खर्च किया जाएगा।
पिछले साल कैपिटल एक्सपेंडिचर 1.80 लाख करोड़ था, जिसे संशोधित कर 1.86 लाख करोड़ किया गया था।
2️⃣ रेवेन्यू खर्च 17% बढ़ा
रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के लिए इस साल 3.65 लाख करोड़ रुपए दिए गए हैं।
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बढ़ोतरी: 17.24%
इसमें गोला-बारूद, ईंधन, मरम्मत, लॉजिस्टिक्स और सैनिकों की सैलरी जैसे खर्च शामिल हैं।
3️⃣ रक्षा पेंशन में 6.5% की बढ़ोतरी
डिफेंस पेंशन के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं।
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बढ़ोतरी: 6.53%
इस राशि का इस्तेमाल रिटायर्ड सैनिकों और उनके परिवारों की पेंशन व आर्थिक सहायता में होगा।
4️⃣ सिविल डिफेंस में मामूली कटौती
सिविल डिफेंस बजट में हल्की कटौती की गई है।
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पिछले साल: 28,555 करोड़
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इस साल: 28,426 करोड़
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कटौती: करीब 0.45%

ऑपरेशन सिंदूर का सीधा असर बजट पर
Budget 2026–27 में ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव साफ दिखाई देता है। हथियारों और बड़े रक्षा उपकरणों पर खर्च को 21.84% बढ़ाकर 2.19 लाख करोड़ रुपए कर दिया गया है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा—
“ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इससे सेना की तैयारियां और अधिक मजबूत होंगी।”
वित्त मंत्री ने भी बजट भाषण में बदलती जियो-पॉलिटिक्स और सुरक्षा चुनौतियों का जिक्र किया।
114 राफेल, नए विमान और इंजन पर बड़ा खर्च
इस बजट में सबसे ज्यादा फोकस एयरफोर्स और एयरो इंजन पर है।
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विमान और इंजन के लिए: 63,733 करोड़ रुपए
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नौसेना के लिए: 25,024 करोड़ रुपए
इस रकम से फाइटर जेट, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर और उनके इंजन खरीदे या अपग्रेड किए जाएंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक—
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भारत-फ्रांस के बीच 114 राफेल जेट की डील जल्द हो सकती है
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डसॉल्ट एविएशन पहले 18 राफेल जेट पूरी तरह तैयार हालत में देगा
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पूरे प्रोजेक्ट का 60% से ज्यादा काम भारत में होगा
R&D के लिए 17 हजार करोड़, आत्मनिर्भरता पर जोर
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने के लिए
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17,250 करोड़ रुपए रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए रखे गए हैं
इससे स्वदेशी हथियार, नई तकनीक और आधुनिक रक्षा सिस्टम विकसित किए जाएंगे।
कस्टम ड्यूटी हटने से डिफेंस इंडस्ट्री को फायदा
वित्त मंत्री ने विमान और रक्षा उपकरण निर्माण में इस्तेमाल होने वाले इम्पोर्टेड कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी हटा दी है।
इससे—
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उत्पादन लागत घटेगी
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निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा
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डिफेंस और एयरोस्पेस सेक्टर को सीधा फायदा मिलेगा
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भारत-चीन-पाकिस्तान: डिफेंस बजट की तुलना
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चीन:
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2025 में करीब 247 बिलियन डॉलर (22.6 लाख करोड़)
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2026 में अनुमान 300 बिलियन डॉलर (27 लाख करोड़) से ज्यादा
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पाकिस्तान:
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद 81 हजार करोड़
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2024 से करीब 20% ज्यादा
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भारत:
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कुल बजट ~8% बढ़ाया
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रक्षा बजट 15% बढ़ाया, पाकिस्तान से कहीं आगे
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निष्कर्ष:
Budget 2026 में रक्षा क्षेत्र को मिली रिकॉर्ड बढ़ोतरी साफ दिखाती है कि सरकार अब राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह बजट सेना को न सिर्फ मजबूत बनाएगा, बल्कि भारत को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर और रणनीतिक रूप से ताकतवर देश बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।

