प्रधानमंत्री: Narendra Modi ने एलपीजी (LPG) को लेकर फैल रही अफवाहों और डर के माहौल पर सख्त टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर गैस की कमी का डर फैलाकर फायदा उठाना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि देश के आम नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
प्रधानमंत्री गुरुवार को दिल्ली के Bharat Mandapam में आयोजित NXT Summit 2026 में संबोधित कर रहे थे।

संकट के समय अफवाहें फैलाना गलत
अपने संबोधन में Narendra Modi ने कहा कि वैश्विक हालात इस समय चुनौतीपूर्ण हैं और कई देशों में युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण ऊर्जा संकट पैदा हो रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश के भीतर अफवाह फैलाना या डर का माहौल बनाना बेहद खतरनाक हो सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोग इस स्थिति का फायदा उठाने के लिए गलत जानकारी फैला रहे हैं और अपना एजेंडा चलाने की कोशिश कर रहे हैं।
कालाबाजारी करने वालों को चेतावनी
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि जो लोग संकट की स्थिति में जरूरत की चीजों की कालाबाजारी करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव कदम उठाकर यह सुनिश्चित करेगी कि देश के नागरिकों को एलपीजी की उपलब्धता में कोई समस्या न हो।
संकट में धैर्य और एकजुटता जरूरी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि किसी भी बड़े संकट से निपटने के लिए पूरे देश को एकजुट होकर काम करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी में सिर्फ सरकार ही नहीं बल्कि राजनीतिक दल, मीडिया, सामाजिक संस्थाएं और आम नागरिक भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि संकट के समय धैर्य और शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है।
कोरोना महामारी का दिया उदाहरण
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में COVID-19 महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पूरा देश एकजुट होकर काम करता है तो बड़ी से बड़ी चुनौती को भी पार किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान भारत ने जिस तरह मिलकर काम किया, उसी तरह मौजूदा चुनौतियों का सामना भी सामूहिक प्रयासों से किया जा सकता है।

ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में ऊर्जा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का भी जिक्र किया।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश में करीब 14 करोड़ एलपीजी कनेक्शन थे, जो अब बढ़कर 33 करोड़ से अधिक हो गए हैं।
इसके साथ ही पिछले 11 वर्षों में गैस बॉटलिंग की क्षमता भी लगभग दोगुनी हो गई है।
प्रधानमंत्री के अनुसार पहले देश में केवल चार LNG टर्मिनल थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर आठ हो चुकी है।
इसके अलावा पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा भी तेजी से बढ़ी है। जहां पहले करीब 25-26 लाख घरों तक पाइप गैस पहुंचती थी, वहीं अब यह संख्या 1.25 करोड़ से अधिक हो गई है।
रेलवे में बिजली से चलने वाली लाइनों का विस्तार
प्रधानमंत्री ने रेलवे के विद्युतीकरण को भी एक बड़ी उपलब्धि बताया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 तक देश की केवल 20 प्रतिशत रेलवे लाइनें ही बिजली से चलती थीं, जबकि अब लगभग पूरी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है।
सरकार के अनुसार वर्ष 2024-25 में रेलवे ने लगभग 180 करोड़ लीटर ईंधन की बचत की है।

नक्सलवाद में आई कमी
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर भी बात की।
उन्होंने कहा कि पहले देश के कई जिले माओवादी हिंसा से प्रभावित थे, लेकिन अब ऐसे जिलों की संख्या घटकर एकल अंक में रह गई है।
सरकार के अनुसार 2100 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और करीब 300 उग्रवादियों को सुरक्षा बलों ने मार गिराया है।
NXT समिट में दुनियाभर के नेता शामिल
NXT Summit 2026 तीन दिन का एक अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व मंच है, जिसमें दुनिया भर के राजनीतिक नेता, राजनयिक, वैज्ञानिक और उद्योग जगत के लोग हिस्सा ले रहे हैं।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal, Ashwini Vaishnaw, Jitendra Singh, Manohar Lal Khattar और Arjun Ram Meghwal समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हो रहे हैं।
इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और विदेश नीति के विशेषज्ञ भी इस समिट में चर्चा में भाग ले रहे हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने LPG को लेकर फैल रही अफवाहों पर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने देगी। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि संकट के समय अफवाहों से दूर रहें और धैर्य व एकजुटता के साथ परिस्थितियों का सामना करें।

