लखनऊ: सहित पूरे उत्तर प्रदेश में इस बार ईद का माहौल कई मायनों में अलग देखने को मिला। जहां एक ओर लोगों ने नमाज अदा कर एक-दूसरे को मुबारकबाद दी, वहीं दूसरी ओर कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन और शोक की स्थिति भी नजर आई।
लखनऊ के ऐशबाग ईदगाह में उस समय खासा उत्साह देखने को मिला, जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव लोगों को ईद की बधाई देने पहुंचे। उनके पहुंचते ही युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी और “अखिलेश यादव जिंदाबाद” के नारे गूंजने लगे।
एक मंच पर दिखे अलग-अलग दलों के नेता
ईद के मौके पर राजनीतिक सौहार्द की भी झलक देखने को मिली।
- भाजपा नेता दिनेश शर्मा
- पूर्व मंत्री रीता बहुगुणा जोशी
- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय
सभी नेताओं ने एक मंच से लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं।

अखिलेश का योगी सरकार पर हमला
ईदगाह से बाहर निकलने के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों को उठाते हुए कहा कि राज्य में हालात ठीक नहीं हैं और आने वाले समय में बदलाव देखने को मिलेगा।
शिया समुदाय का विरोध प्रदर्शन
लखनऊ, संभल और प्रयागराज में शिया समुदाय के लोगों ने काली पट्टियां बांधकर नमाज अदा की।
- ईरान से जुड़े घटनाक्रम के विरोध में प्रदर्शन
- नमाज के बाद नारेबाजी
- अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध
प्रयागराज और अन्य शहरों में भी इसी तरह के प्रदर्शन देखने को मिले।
बाराबंकी में नहीं मनाई गई ईद
बाराबंकी के किंतूर गांव में इस बार ईद नहीं मनाई गई।
- गांव के लोगों ने शोक के चलते त्योहार से दूरी बनाई
- इस गांव का ऐतिहासिक संबंध ईरान के धार्मिक नेतृत्व से बताया जाता है
- लोगों ने इसे दुख का समय बताते हुए सादगी अपनाई
वाराणसी में फूल बरसाकर दी मुबारकबाद
वाराणसी में ईद के मौके पर भाईचारे की मिसाल देखने को मिली।
- नमाज के बाद नमाजियों पर फूल बरसाए गए
- लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को बधाई दी
पुलिस की ‘पीपुल्स फ्रेंडली’ भूमिका
इस बार ईद पर पुलिस का अलग रूप देखने को मिला।
- कानपुर में पुलिस कमिश्नर ने बच्चों को गोद में लेकर बधाई दी
- अधिकारियों ने लोगों के बीच जाकर बातचीत की
- नमाज के दौरान सुरक्षा के साथ-साथ सहयोग का माहौल बनाया गया
राज्य के सभी प्रमुख शहरों में कड़ी सुरक्षा के बीच नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।
कुछ जगहों पर अव्यवस्था भी
- जौनपुर में सड़कों पर नमाज पढ़ने पर पुलिस ने लोगों को हटाया
- गोंडा में ईदगाह न होने के कारण लोग दुकानों की छतों पर नमाज पढ़ते नजर आए
- मुजफ्फरनगर में गैस सिलेंडर को लेकर हंगामा हुआ
इन घटनाओं ने प्रशासन के सामने कुछ चुनौतियां भी पेश कीं।
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निष्कर्ष
लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में ईद इस बार कई रंगों में नजर आई—कहीं खुशी, कहीं विरोध और कहीं शोक।
जहां एक ओर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक एकता और भाईचारे की झलक भी दिखी। यह दिन प्रदेश की विविधता और संवेदनशीलता दोनों को दर्शाता है।

