Ravneet Singh Bittu Detained: पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच लुधियाना में शनिवार को भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बिट्टू पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) के पास मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान उनके हाथों में अंडे और टमाटर के साथ शराब की बोतल भी दिखाई दी। पुलिस ने उन्हें काफिले की ओर बढ़ने से रोका और बाद में हिरासत में लेकर वहां से ले गई।
यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसके ठीक एक दिन पहले बिट्टू ने दावा किया था कि बटाला के पास उनके काफिले पर अंडे और पत्थर फेंके गए थे। शनिवार को उन्होंने इसी घटना के संदर्भ में अंडे और टमाटर लेकर मुख्यमंत्री के काफिले के सामने विरोध किया।
PAU गेट पर क्या हुआ?
शनिवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान लुधियाना स्थित पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान बिट्टू PAU के एक गेट के पास अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने अपने हाथों में अंडे, टमाटर और शराब की बोतल लेकर मुख्यमंत्री के काफिले के गुजरने के दौरान प्रदर्शन किया।
कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि बिट्टू ने इन वस्तुओं को काफिले की ओर फेंकने की कोशिश की, जबकि अन्य रिपोर्टों में उनके द्वारा इन्हें काफिले के सामने दिखाने और विरोध दर्ज कराने पर जोर दिया गया है। पुलिस ने उन्हें काफिले से दूर रखने की कोशिश की और बाद में हिरासत में ले लिया।
बिट्टू ने क्यों किया यह प्रदर्शन?
बिट्टू का कहना था कि एक दिन पहले उनके काफिले पर भी अंडे और टमाटर फेंके गए थे, इसलिए वह उन्हें वापस करने के लिए यह प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने इसे राजनीतिक विरोध के रूप में पेश किया और कहा कि यदि भाजपा नेताओं, रैलियों और यात्राओं का विरोध किया जाता है, तो भाजपा कार्यकर्ता भी सरकार और उसके नेताओं के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर सकते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, बिट्टू ने अपने प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर राजनीतिक आरोप भी लगाए। इन आरोपों को बिट्टू के राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए; इनकी स्वतंत्र पुष्टि अलग से नहीं हुई है।
एक दिन पहले बटाला में क्या हुआ था?
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार को बटाला के पास हुई घटना से जुड़ी है। बिट्टू उस समय भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ में शामिल होने के लिए पठानकोट जा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके काफिले को कुछ लोगों ने निशाना बनाया और अंडे तथा पत्थर फेंके गए। बिट्टू ने यह भी दावा किया था कि उनकी सुरक्षा टीम ने तीन लोगों को पकड़ा।
बिट्टू ने इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए थे और बटाला के एक विधायक का नाम भी लिया था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है। उन्होंने सुरक्षा को लेकर पंजाब पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग भी की थी।

BJP की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ भी बनी पृष्ठभूमि
बिट्टू जिस यात्रा में शामिल होने जा रहे थे, वह भाजपा की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ है। पार्टी की यह गतिविधि पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर केंद्रित है। इसी यात्रा के दौरान बटाला के पास कथित घटना के बाद भाजपा और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई।
शनिवार को लुधियाना में बिट्टू का प्रदर्शन उसी राजनीतिक टकराव की अगली कड़ी के तौर पर सामने आया। उन्होंने संकेत दिया कि भाजपा कार्यकर्ता सरकार के कार्यक्रमों और नेताओं के खिलाफ विरोध जारी रखेंगे।
पुलिस ने क्यों लिया हिरासत में?
पंजाब पुलिस ने बिट्टू को मुख्यमंत्री के काफिले के रास्ते के पास प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया। समाचार एजेंसी और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें काफिले की ओर आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की और बाद में उन्हें वहां से ले जाया गया।
कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया। बाद में बिट्टू ने हिरासत को लेकर अपनी प्रतिक्रिया भी दी और कहा कि पुलिस कार्रवाई से राजनीतिक विरोध को दबाया नहीं जा सकता।
बिट्टू का जवाब क्या रहा?
हिरासत के बाद बिट्टू ने सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोगों की आवाज को हिरासत या पुलिस केस के जरिए दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने प्रदर्शन को पंजाब सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध बताया।
वहीं, पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को फिर चर्चा में ला दिया है। खासकर तब, जब अगले साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं।
क्या मामला सिर्फ विरोध प्रदर्शन तक सीमित रहेगा?
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में बिट्टू को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि है। वहीं, बटाला में उनके काफिले पर कथित हमले को लेकर उनके आरोपों की जांच और आगे की पुलिस कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। शुक्रवार की घटना और शनिवार के प्रदर्शन को अलग-अलग घटनाओं के रूप में देखना जरूरी है।
एक तरफ बिट्टू ने बटाला की घटना को अपने विरोध का आधार बताया, जबकि दूसरी तरफ पुलिस ने मुख्यमंत्री के काफिले के पास हुए प्रदर्शन के बाद उन्हें हिरासत में लिया। दोनों घटनाओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है।
निष्कर्ष:
लुधियाना में रवनीत सिंह बिट्टू की हिरासत का मामला शुक्रवार की बटाला घटना से जुड़ गया है। बिट्टू का दावा है कि उनके काफिले पर अंडे और पत्थर फेंके गए थे, जबकि शनिवार को उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले के सामने अंडे-टमाटर लेकर विरोध किया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। बटाला की घटना में बिट्टू द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।

