बरेली/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दिवाली से पहले ग्राम प्रहरियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को बरेली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी और कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की। अब ग्राम प्रहरियों को हर महीने ₹2,500 की जगह ₹3,500 मानदेय मिलेगा। इसके अलावा उन्हें और उनके परिवार को हर साल ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने का भी ऐलान किया गया है।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। गांवों में रहकर स्थानीय गतिविधियों पर नजर रखने और पुलिस तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने वाले इन कर्मचारियों के लिए यह घोषणा आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुरक्षा, दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
₹1,000 बढ़ा मासिक मानदेय, अब मिलेंगे ₹3,500
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों के योगदान का उल्लेख करते हुए उनके मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी की घोषणा की। पहले उन्हें हर महीने ₹2,500 दिए जाते थे। अब यह राशि बढ़कर ₹3,500 हो गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2017 से पहले ग्राम प्रहरियों को ₹1,500 मानदेय मिलता था। उनकी सरकार ने वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर ₹2,500 किया था। अब इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए मानदेय में एक बार फिर वृद्धि की गई है।
यह बढ़ोतरी उन कर्मचारियों के लिए अहम है जो गांवों में रहकर पुलिस और स्थानीय प्रशासन को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराते हैं। हालांकि, बढ़े हुए मानदेय का भुगतान किस तारीख से और किस प्रक्रिया के तहत होगा, इसकी विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विभाग के आधिकारिक आदेश को देखना जरूरी है।
ग्राम प्रहरियों और परिवार को ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज
मानदेय बढ़ाने के साथ मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सुविधा से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। ग्राम प्रहरियों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की बात कही गई है।
इस सुविधा का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिजनों को इलाज के खर्च के बोझ से राहत देना है। अचानक बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में परिवार पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में कैशलेस उपचार की व्यवस्था मददगार साबित हो सकती है।
हालांकि, इस सुविधा के वास्तविक लाभ, पात्र परिवार के सदस्यों, अस्पतालों की सूची, कार्ड बनाने की प्रक्रिया और इलाज में शामिल बीमारियों से संबंधित शर्तों की जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों से ही स्पष्ट होगी। इसलिए ग्राम प्रहरियों को सुविधा का लाभ लेने से पहले विभाग की ओर से जारी निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए।
गांवों की सुरक्षा में ग्राम प्रहरी की भूमिका अहम
ग्राम प्रहरी ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस के सहयोगी के रूप में काम करते हैं। वे अपने गांव और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखते हैं तथा संदिग्ध गतिविधियों, संभावित विवादों और कानून-व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं संबंधित थाने तक पहुंचाते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम प्रहरियों की भूमिका को गांव में सीसीटीवी कैमरे जैसी बताया। उनका कहना था कि गांव में मौजूद रहकर ग्राम प्रहरी स्थानीय हालात की जानकारी जुटा सकते हैं और समय रहते पुलिस को सतर्क कर सकते हैं।
ग्रामीण इलाकों में कई बार छोटी घटनाएं समय पर सूचना नहीं मिलने के कारण बड़ी समस्या बन सकती हैं। ऐसे में ग्राम प्रहरियों की स्थानीय जानकारी पुलिस के लिए उपयोगी साबित होती है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, अफवाहों की सूचना देने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
बरेली पुलिस लाइन में हुआ कार्यक्रम
यह घोषणा बरेली के पुलिस लाइन मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में शामिल हुए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले ग्राम प्रहरियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तथा कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों के योगदान पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। अधिकारियों ने ग्रामीण सुरक्षा व्यवस्था में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने पुलिस व्यवस्था से जुड़े कर्मियों के लिए प्रशिक्षण और सुविधाओं के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गांव सुरक्षित होंगे तो वहां रहने वाले लोगों का भरोसा मजबूत होगा। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने और पुलिस तक पहुंचाने की व्यवस्था को प्रभावी बनाना जरूरी है।
कानून-व्यवस्था और ग्रामीण सुरक्षा पर सरकार का जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हुआ है और लोग अब त्योहार अधिक भरोसे के साथ मना रहे हैं। ये मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में दिए गए बयान थे।
ग्राम प्रहरियों के मानदेय में बढ़ोतरी और कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा को ग्रामीण सुरक्षा तंत्र से जुड़े कर्मियों को प्रोत्साहन देने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है। बेहतर आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुरक्षा से उनके कामकाजी जीवन को सहारा मिल सकता है।
आगे क्या होगा?
अब ग्राम प्रहरियों की नजर मानदेय बढ़ोतरी के भुगतान और कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने की प्रक्रिया पर रहेगी। कर्मचारियों को संबंधित विभाग से जारी आदेश, पात्रता संबंधी नियम और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
कुल मिलाकर, दिवाली से पहले की गई ये घोषणाएं उत्तर प्रदेश के हजारों ग्राम प्रहरियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। मानदेय में ₹1,000 की बढ़ोतरी से उनकी मासिक आय में इजाफा होगा, जबकि परिवार सहित ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा प्रदान कर सकती है। अब इन घोषणाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना अगला महत्वपूर्ण कदम होगा।


