भारत: के स्क्वैश खिलाड़ी अभय सिंह ने 2026 एशियन गेम्स में पुरुष सिंगल्स का सिल्वर मेडल जीत लिया है। नागोया में रविवार, 27 सितंबर को खेले गए फाइनल में भारत के अभय सिंह को मलेशिया के एन ईन योव के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। मलेशियाई खिलाड़ी ने मुकाबला 11-9, 11-5, 11-5 से अपने नाम किया।
इस हार के बावजूद अभय का प्रदर्शन भारतीय स्क्वैश के लिए महत्वपूर्ण रहा। वह एशियन गेम्स के पुरुष सिंगल्स में मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले सौरव घोषाल ने इस स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीता था।
अभय सिंह कौन हैं?
अभय सिंह का जन्म 3 सितंबर 1998 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ। वह भारतीय स्क्वैश टीम के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और पुरुष सिंगल्स में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं। उपलब्ध खेल रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने 2017 में प्रोफेशनल स्क्वैश करियर शुरू किया था।
अभय ने चेन्नई में स्क्वैश की ट्रेनिंग ली और आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उनके प्रशिक्षण से जुड़े नामों में पूर्व विश्व नंबर-1 जेम्स विल्स्ट्रॉप और हरिंदर पाल सिंह संधू शामिल रहे हैं। अभय ने 2024 में अर्जुन पुरस्कार भी हासिल किया।
कभी स्क्वैश छोड़ने का भी बना लिया था मन
अभय सिंह की कहानी सिर्फ पदक और जीत तक सीमित नहीं है। 2023 में उन्होंने बताया था कि दिसंबर 2021 में कुछ अहम प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाने के बाद वह स्क्वैश छोड़ने के बारे में गंभीरता से सोच रहे थे। बाद में उन्होंने खेल में वापसी की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया।
2023 में हांगझाऊ एशियन गेम्स में अभय भारतीय पुरुष टीम के साथ गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे थे। उसी संस्करण में उन्होंने मिक्स्ड डबल्स में ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया था। उनके 2024 के अर्जुन पुरस्कार के आधिकारिक रिकॉर्ड में भी इन उपलब्धियों का उल्लेख है।
2026 एशियन गेम्स में अभय सिंह का सफर
2026 एशियन गेम्स में अभय सिंह को पुरुष सिंगल्स में दूसरी वरीयता मिली थी। शुरुआती मुकाबले में उन्होंने थाईलैंड के अरकराडेट अरकराहिरुन्या को 11-1, 11-0, 11-2 से हराया। इसके बाद उन्होंने श्रीलंका के रविंदु लक्सिरी को भी सीधे गेमों में मात दी।
क्वार्टर फाइनल में अभय ने जापान के रयूनोसुके त्सुकुए को 11-4, 11-3, 11-6 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में उनका सामना पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान से हुआ, जहां अभय ने 11-3, 12-10, 11-6 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ उनका सिल्वर मेडल पक्का हो गया था।

फाइनल में मलेशिया के एन ईन योव से मुकाबला
गोल्ड मेडल के लिए अभय सिंह के सामने मलेशिया के एन ईन योव थे। वह पिछली बार के एशियन गेम्स चैंपियन और टूर्नामेंट के शीर्ष वरीय खिलाड़ी थे। फाइनल के पहले गेम में अभय ने मुकाबला कड़ा रखा, लेकिन एन ईन योव ने 11-9 से गेम जीत लिया। इसके बाद मलेशियाई खिलाड़ी ने दूसरे और तीसरे गेम में 11-5, 11-5 से जीत दर्ज करते हुए मैच 3-0 से अपने नाम कर लिया।
इस नतीजे के साथ अभय को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, जबकि एन ईन योव ने अपना एशियन गेम्स खिताब बरकरार रखा।
2026 से पहले भी शानदार रहा है रिकॉर्ड
एशियन गेम्स से ठीक पहले अभय सिंह ने अगस्त 2026 में मलेशिया में Tuanku Muhriz Trophy का खिताब जीता था। उन्होंने फाइनल में हांगकांग के हेनरी लेउंग को 3-2 से हराया था। उस जीत को उनके करियर का 13वां PSA Tour खिताब बताया गया था। उस समय अभय विश्व रैंकिंग में 24वें स्थान पर थे और भारत के सर्वोच्च रैंक वाले पुरुष स्क्वैश खिलाड़ी थे।
मार्च 2026 में उन्होंने मुंबई में JSW Indian Open का पुरुष सिंगल्स खिताब भी जीता था। फाइनल में उन्होंने हमवतन वीर चोत्रानी को 3-0 से हराया था।
अभय सिंह के सिल्वर का महत्व
एशियन गेम्स 2026 में अभय सिंह का सिल्वर भारतीय स्क्वैश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पुरुष सिंगल्स में भारत के लिए इससे पहले सौरव घोषाल ने पदक जीता था। अभय की उपलब्धि इस लिहाज से खास है कि उन्होंने टीम और डबल्स स्पर्धाओं में पदक जीतने के बाद अब व्यक्तिगत सिंगल्स में भी एशियन गेम्स पदक अपने नाम किया है।
अभय सिंह का सफर यह भी दिखाता है कि अंतरराष्ट्रीय खेल में उतार-चढ़ाव के बावजूद लगातार वापसी और प्रदर्शन किसी खिलाड़ी के करियर को नई दिशा दे सकता है। 2021 में खेल छोड़ने का विचार करने वाले अभय ने कुछ ही वर्षों में खुद को भारत के शीर्ष पुरुष स्क्वैश खिलाड़ियों में स्थापित किया और अब 2026 एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुके हैं।
निष्कर्ष
अभय सिंह ने जीता एशियन गेम्स सिल्वर और भारतीय स्क्वैश में एक और अहम उपलब्धि जोड़ी। 27 सितंबर 2026 के फाइनल में गोल्ड नहीं मिल सका, लेकिन पुरुष सिंगल्स में सिल्वर जीतकर उन्होंने एशियन गेम्स के व्यक्तिगत स्क्वैश इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है।

