Mohammed Shami News: भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के अध्यक्ष जयंत चौधरी की एक मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। रविवार, 20 सितंबर 2026 को दिल्ली में दोनों की मुलाकात की तस्वीर सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या भारतीय क्रिकेट का यह बड़ा नाम अब राजनीति के मैदान में भी उतरने की तैयारी कर रहा है।
मुलाकात के बाद कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि शमी के अमरोहा सदर विधानसभा सीट से 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर बातचीत हुई है। कुछ रिपोर्टों में उनके बड़े भाई मोहम्मद हसीब के नाम को लेकर भी चर्चा सामने आई है। हालांकि, मोहम्मद शमी और राष्ट्रीय लोकदल की ओर से अभी तक चुनाव लड़ने या पार्टी में शामिल होने की कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।
आखिर जयंत चौधरी से शमी की मुलाकात क्यों बनी चर्चा का विषय?
मोहम्मद शमी उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले के सहसपुर अलीनगर गांव से ताल्लुक रखते हैं। ऐसे में जब उनकी मुलाकात RLD प्रमुख जयंत चौधरी से हुई तो इसे तुरंत उनके गृह जिले की राजनीति से जोड़कर देखा जाने लगा।
रिपोर्टों के मुताबिक RLD से जुड़े सूत्रों ने शमी या उनके भाई को अमरोहा सीट से चुनाव लड़ाने को लेकर बातचीत की बात कही है। हालांकि यह जानकारी आधिकारिक घोषणा नहीं है और दोनों पक्षों ने उम्मीदवार को लेकर कोई फैसला सार्वजनिक नहीं किया है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि शमी स्वयं चुनाव लड़ने के बजाय अपने बड़े भाई मोहम्मद हसीब को चुनाव मैदान में उतारने पर विचार कर सकते हैं। दूसरी ओर, कुछ रिपोर्टों में RLD नेतृत्व की ओर से शमी को खुद चुनाव लड़ने के विकल्प पर चर्चा की बात सामने आई है। इन दोनों दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
अमरोहा सीट पर क्यों टिकी हैं नजरें?
अमरोहा सदर विधानसभा सीट का राजनीतिक इतिहास भी इस चर्चा को महत्वपूर्ण बनाता है। इस सीट पर 1957 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुआ था। 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के महबूब अली ने भाजपा के राम सिंह को लगभग 71 हजार वोटों के अंतर से हराया था। महबूब अली को 1,28,735 वोट मिले थे, जबकि राम सिंह को 57,699 वोट मिले।
रिपोर्टों के मुताबिक महबूब अली 2002 से इस सीट से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं और पिछले चार विधानसभा चुनाव उन्होंने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीते हैं। इस वजह से अमरोहा सदर सीट पर किसी नए चेहरे की संभावित एंट्री को लेकर राजनीतिक चर्चा स्वाभाविक रूप से बढ़ी है।

RLD और अमरोहा का कनेक्शन
जयंत चौधरी की पार्टी RLD पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय राजनीतिक आधार रखती है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन और सीटों के संभावित बंटवारे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच गतिविधियां बढ़ी हुई हैं।
कुछ रिपोर्टों में संभावना जताई गई है कि गठबंधन की स्थिति में अमरोहा सदर सीट RLD के हिस्से में आ सकती है। हालांकि सीटों का अंतिम बंटवारा और उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा अभी भविष्य का विषय है। इसलिए फिलहाल अमरोहा से शमी या उनके भाई की उम्मीदवारी को पक्की खबर के बजाय राजनीतिक चर्चा के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
क्या शमी ने पहले राजनीति में आने के संकेत दिए थे?
मोहम्मद शमी से पहले भी राजनीति में आने को लेकर सवाल पूछे जा चुके हैं। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2026 में राजनीति में आने के सवाल पर शमी ने दरवाजा पूरी तरह बंद नहीं किया था और कहा था कि फिलहाल उनका ध्यान क्रिकेट पर है तथा जब मन बनेगा तो वह बताएंगे।
हालांकि, इस बयान को किसी राजनीतिक दल में शामिल होने या चुनाव लड़ने की घोषणा नहीं माना जा सकता। मौजूदा समय में जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद फिर से यही सवाल चर्चा में आ गया है।
क्रिकेट से राजनीति तक का सफर?
मोहम्मद शमी भारतीय क्रिकेट के चर्चित तेज गेंदबाज हैं। वह लंबे समय से भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाजों में रहे हैं और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में उनका प्रदर्शन चर्चा में रहा है।
लाइव हिन्दुस्तान के मुताबिक शमी ने भारत के लिए आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला 9 मार्च 2025 को न्यूजीलैंड के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में खेला था। इसके बाद वह राष्ट्रीय टीम से बाहर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 घरेलू सत्र में बंगाल के लिए उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में कुल 67 विकेट लिए थे।
ऐसे में जयंत चौधरी के साथ उनकी मुलाकात को लेकर क्रिकेट और राजनीति दोनों क्षेत्रों में चर्चा होना स्वाभाविक है।
शमी के भाई हसीब का नाम भी क्यों आया?
राजनीतिक चर्चाओं में मोहम्मद शमी के बड़े भाई मोहम्मद हसीब का नाम भी सामने आया है। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक यदि शमी खुद चुनाव मैदान में नहीं उतरते हैं तो परिवार से किसी दूसरे सदस्य को आगे किए जाने की संभावना पर बातचीत हो सकती है।
हालांकि हसीब की ओर से भी चुनाव लड़ने की कोई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। लाइव हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार हसीब ने मुलाकात की जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा था कि वह उस समय कानपुर में थे और बाद में शमी से इस बारे में बात करेंगे।
फिलहाल तस्वीर से ज्यादा कुछ साफ नहीं
जयंत चौधरी और मोहम्मद शमी की मुलाकात की तस्वीर ने जरूर राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है, लेकिन सिर्फ मुलाकात के आधार पर यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि शमी चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
फिलहाल तीन बातें स्पष्ट हैं—शमी और जयंत चौधरी की मुलाकात हुई, अमरोहा सीट को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हुईं और शमी या उनके भाई के संभावित चुनाव लड़ने की खबरें सामने आईं। लेकिन उम्मीदवारी, पार्टी में शामिल होने या चुनाव लड़ने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

