देहरादून: त्योहार से पहले जिस घर में दिवाली की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब खुशियों की जगह मातम पसरा है। देहरादून के रायपुर क्षेत्र की विष्णुलोक कॉलोनी में हुए तिहरे हत्याकांड ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। एक बुजुर्ग दंपती और उनके घर में काम करने वाली महिला की हत्या के बाद कॉलोनी में डर और सन्नाटे का माहौल है।
घटना ने इसलिए भी लोगों को झकझोर दिया है क्योंकि परिवार के घर में पिछले करीब दस दिनों से दिवाली को लेकर साफ-सफाई, पुताई और मरम्मत का काम चल रहा था। परिवार त्योहार को लेकर तैयारियों में जुटा था और बाहर रहने वाले बेटे भी दिवाली पर घर आने वाले थे। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही दिनों में वही घर मातम का केंद्र बन जाएगा।
जिस घर में सजावट की तैयारी थी, वहां अब सन्नाटा
स्थानीय जानकारी के अनुसार कपूर दंपती के घर में दिवाली से पहले करीब दस दिनों से अलग-अलग काम चल रहे थे। घर की पुताई के बाद छत पर डैमप्रूफिंग और अन्य छोटी-मोटी मरम्मत कराई जा रही थी।
इसी सिलसिले में प्लंबर राजकुमार भी कई दिनों से घर पर आ रहा था। बताया गया है कि वह पहले भी इस परिवार के यहां काम कर चुका था। यही वजह थी कि उसका घर पर आना-जाना परिवार के लिए असामान्य नहीं था।
लेकिन मंगलवार को परिस्थितियां अचानक बदल गईं। पुलिस के अनुसार, काम के भुगतान को लेकर विवाद के बाद आरोपी ने कथित तौर पर बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की हत्या कर दी। मामले में राजकुमार को गिरफ्तार किया गया है।
तीन मौतों ने पूरी कॉलोनी को झकझोर दिया
मृतकों की पहचान 80 वर्षीय रिटायर्ड ऑर्डनेंस फैक्टरी कर्मचारी रमेश कपूर, उनकी 75 वर्षीय पत्नी रजनी कपूर और घरेलू सहायिका तिलिया देवी उर्फ शीला के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना के बाद जांच शुरू कर दी और आरोपी को हिरासत में लिया।
घटना की खबर फैलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचने लगे। जिस कॉलोनी को लोग सामान्य तौर पर शांत और सुरक्षित मानते थे, वहां एक साथ तीन हत्याओं की खबर ने लोगों के बीच भय पैदा कर दिया।
कई लोग यह सोचकर भी हैरान हैं कि जिस व्यक्ति का घर में काम के सिलसिले में आना-जाना था, उसी पर हत्या का आरोप कैसे पहुंच गया।

पैसों का विवाद बना वारदात की वजह?
पुलिस की शुरुआती जांच में काम के भुगतान को लेकर विवाद सामने आया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर अपने काम के लिए 600 रुपये मांगे थे, जबकि उसे 300 रुपये दिए गए। इसी भुगतान विवाद के बाद स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी परिस्थितियों और आरोपी की मंशा को लेकर पुलिस जांच कर रही है।
इतनी छोटी रकम को लेकर तीन लोगों की जान चले जाने की घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है। लोगों का कहना है कि मामूली विवाद का इस तरह हिंसक रूप लेना बेहद चिंताजनक है।
त्योहार से पहले परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिवार दिवाली की तैयारी में जुटा था। घर को सजाने-संवारने का काम चल रहा था और बेटों के त्योहार पर घर आने की उम्मीद थी। ऐसे में परिवार के लिए यह घटना किसी भयावह सदमे से कम नहीं है।
जिस घर में कुछ दिन पहले त्योहार की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब परिजनों की चीख-पुकार और लोगों की भीड़ ने माहौल बदल दिया है। पड़ोसियों के लिए भी यह घटना सामान्य तौर पर भुला पाना आसान नहीं होगा।
महिलाओं और बुजुर्गों में बढ़ा डर
तिहरे हत्याकांड के बाद आसपास के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों में डर का माहौल है। लोगों के मन में यह सवाल भी है कि घर में काम करने वाले लोगों के सत्यापन और सुरक्षा को लेकर क्या पर्याप्त सावधानी बरती जा रही है।
पुलिस घटना से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और आरोपी से पूछताछ के जरिए वारदात की पूरी कड़ी समझने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि विवाद किस तरह बढ़ा और घटना की पूरी परिस्थितियां क्या थीं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है।
एक तरफ परिवार अपने तीन सदस्यों को खोने के गम में है, वहीं दूसरी तरफ कॉलोनी के लोग इस घटना से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।
निष्कर्ष
देहरादून के विष्णुलोक कॉलोनी का यह तिहरा हत्याकांड त्योहार से ठीक पहले सामने आया, जिसने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। जिस घर में दिवाली की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा है।
बुजुर्ग दंपती और घरेलू सहायिका की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। शुरुआती जांच में काम के भुगतान को लेकर विवाद की बात सामने आई है और आरोपी प्लंबर को गिरफ्तार किया जा चुका है। हालांकि, घटना की पूरी वजह और परिस्थितियां पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगी।
फिलहाल इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली विवाद किस तरह भयावह रूप ले सकता है और घर में काम करने वाले लोगों के सत्यापन व सुरक्षा को लेकर कितनी सावधानी जरूरी है।

