नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। सवाल है कि क्या दोनों खिलाड़ी 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में टीम इंडिया की जर्सी पहनकर उतरेंगे? इस सवाल पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने ऐसा बयान दिया है, जिसने इन दोनों खिलाड़ियों के प्रशंसकों की उम्मीदों को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि विश्व कप के लिए चयन करते समय उम्र नहीं, बल्कि फिटनेस और प्रदर्शन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मिथुन मन्हास के इस रुख से साफ है कि अनुभवी खिलाड़ियों के लिए उम्र अपने आप में चयन से बाहर होने का कारण नहीं होनी चाहिए। हालांकि, उनके बयान को रोहित और विराट के विश्व कप टीम में चयन की आधिकारिक गारंटी नहीं माना जा सकता। अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और कोचिंग स्टाफ को ही करना है।
उम्र नहीं, फिटनेस और प्रदर्शन होगा अहम
मिथुन मन्हास ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर कोई खिलाड़ी पूरी तरह फिट है, लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और देश के लिए मैच जिताने में योगदान दे रहा है, तो चयन के लिए इन्हीं बातों को महत्व मिलना चाहिए।
उनके अनुसार, केवल उम्र के आधार पर किसी खिलाड़ी के भविष्य का फैसला करना उचित नहीं होगा। यह नजरिया रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी बल्लेबाजों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2027 विश्व कप तक दोनों की उम्र को लेकर चर्चा स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी।
रोहित अप्रैल 2027 में 40 वर्ष के हो जाएंगे, जबकि विराट विश्व कप के दौरान 38 वर्ष के होंगे। ऐसे में टीम प्रबंधन के सामने अनुभव और भविष्य की टीम तैयार करने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती रहेगी।
क्या आखिरी बार विश्व कप में दिखेगी दोनों की जोड़ी?
रोहित शर्मा और विराट कोहली 2023 वनडे विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा थे। भारत ने उस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन खिताबी मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा।
इसके बाद दोनों खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दूसरे प्रारूपों से दूरी बना ली। रोहित और विराट ने 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया और 2025 में टेस्ट क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया। अब उनका ध्यान वनडे प्रारूप पर है।
विराट कोहली सितंबर 2026 में यह भी कह चुके हैं कि 2027 वनडे विश्व कप भारत के लिए उनका आखिरी विश्व कप होगा। उन्होंने टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ देने और भारत को खिताब दिलाने की इच्छा जताई थी। रोहित शर्मा ने भी अगले विश्व कप को लेकर अपनी प्रेरणा और खेलने की इच्छा जाहिर की है।
हालांकि, किसी खिलाड़ी की खेलने की इच्छा और अंतिम टीम में चयन होना दो अलग-अलग बातें हैं। विश्व कप से पहले खिलाड़ियों की फिटनेस, फॉर्म और टीम की जरूरतों का आकलन महत्वपूर्ण रहेगा।
शुभमन गिल की कप्तानी में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका
मिथुन मन्हास ने भारतीय कप्तान शुभमन गिल को लेकर भी अपनी राय रखी। उनका मानना है कि रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी गिल को कप्तानी में महत्वपूर्ण सहयोग दे सकते हैं।
गिल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े टूर्नामेंट की कप्तानी करते समय कई चुनौतियों का सामना करना होगा। ऐसे में टीम में अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी रणनीति बनाने, दबाव की परिस्थितियों को संभालने और मैदान पर सही फैसले लेने में मददगार साबित हो सकती है।
मन्हास ने हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उनके विचार में टीम की अलग-अलग जिम्मेदारियां अनुभवी खिलाड़ियों के बीच बांटने से कप्तान पर दबाव कम हो सकता है।
हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि विश्व कप के समय टीम में कौन-कौन से खिलाड़ी चुने जाते हैं और उनकी भूमिकाएं किस तरह निर्धारित की जाती हैं।
न्यूजीलैंड दौरे पर भी रहेंगी निगाहें
भारत के आगामी न्यूजीलैंड दौरे को 2027 विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरे में वनडे मुकाबलों के दौरान रोहित और विराट के प्रदर्शन पर विशेष नजर रह सकती है।
दोनों खिलाड़ियों के लिए लगातार रन बनाना, अपनी फिटनेस बनाए रखना और टीम की जीत में योगदान देना अहम होगा। वहीं, चयनकर्ताओं को युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करते हुए भविष्य की टीम के संयोजन पर भी विचार करना होगा।
विश्व कप दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में अक्टूबर-नवंबर 2027 में आयोजित होना है। विदेशी परिस्थितियों में लंबे टूर्नामेंट के दौरान बल्लेबाजों की निरंतरता और शारीरिक फिटनेस की बड़ी भूमिका रहेगी।
अब चयनकर्ताओं के फैसले पर टिकी निगाहें
मिथुन मन्हास के बयान ने रोहित शर्मा और विराट कोहली के विश्व कप खेलने की संभावनाओं पर चर्चा को नया आधार दिया है। लेकिन फिलहाल दोनों के चयन की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आने वाले महीनों में उनका प्रदर्शन, फिटनेस और टीम की जरूरतें इस बहस को आगे बढ़ाएंगी। भारतीय प्रशंसकों की नजर अब इसी पर रहेगी कि क्या दोनों दिग्गज एक और विश्व कप अभियान में टीम इंडिया को खिताब दिलाने के लिए उतरेंगे।


