जयपुर/डीग। राजस्थान के डीग जिले से एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। बड़ेसरा गांव में 13 साल के जुड़वां भाइयों विनय और विष्णु की हत्या कर दी गई। मंगलवार, 20 अक्टूबर की सुबह दोनों के शव घर के पास एक खाली प्लॉट में मिले। शुरुआत में यह मामला दो मासूम बच्चों की रहस्यमयी हत्या का लग रहा था, लेकिन पुलिस की जांच आगे बढ़ने पर परिवार के भीतर के रिश्तों और कथित प्रेम संबंध से जुड़ा पहलू सामने आया। पुलिस के मुताबिक, बच्चों की मां प्रीति, उसके प्रेमी और बड़े बेटे की भूमिका की जांच की जा रही है। इस मामले में तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की खबर है।
घर से निकले जुड़वां भाई, कुछ देर बाद मिले शव
घटना डीग जिले के जनूथर थाना क्षेत्र के बड़ेसरा गांव की है। मृतकों की पहचान विनय चौधरी और विष्णु चौधरी के रूप में हुई है। दोनों की उम्र महज 13 साल थी।
परिजनों के मुताबिक, मंगलवार सुबह दोनों भाई करीब छह बजे घर से निकले थे। जब वे काफी देर तक वापस नहीं लौटे, तो परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान घर के नजदीक एक खाली प्लॉट में दोनों के शव मिले। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, दोनों बच्चों के गले पर धारदार हथियार से वार किए गए थे। उनके सिर पर भी चोटों के निशान मिले। वारदात की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए गए।
जांच में मां और प्रेमी के रिश्ते का एंगल
पुलिस की शुरुआती जांच में बच्चों की मां प्रीति के प्रेम संबंध का पहलू सामने आया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, महिला का एक युवक से संबंध था और दोनों जुड़वां भाई इस रिश्ते से खुश नहीं थे। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद ने वारदात की पृष्ठभूमि तैयार की हो सकती है।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, महिला का प्रेमी उसी गांव का रहने वाला बताया गया है। हालांकि, हत्या के पीछे की वास्तविक वजह और घटना की पूरी योजना के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही निकाला जा सकेगा।
इस मामले में यह अंतर समझना जरूरी है कि पुलिस की शुरुआती आशंका और अदालत में साबित होने वाले तथ्य अलग-अलग होते हैं। सभी आरोपों की पुष्टि साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी है।

बड़े बेटे की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू मृतकों के बड़े भाई की कथित भूमिका है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रीति का 16 वर्षीय बड़ा बेटा भी इस मामले में संदेह के घेरे में है। जांचकर्ताओं का दावा है कि जुड़वां भाइयों की हत्या में मां के प्रेमी और बड़े बेटे की भूमिका हो सकती है।
पुलिस ने संबंधित लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वारदात किस तरह हुई, किसने क्या भूमिका निभाई और क्या इसमें एक से अधिक लोगों की भागीदारी थी।
फिलहाल इस मामले में आरोपों को अंतिम रूप से साबित हुआ नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही से ही घटनाक्रम की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
पिता की मौत के बाद ननिहाल में रह रहा था परिवार
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रीति की शादी करीब 20 साल पहले उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सरोठ मनसा गांव निवासी निरंजन सिंह से हुई थी। पति की मौत के बाद वह अपने चार बच्चों के साथ मायके आकर रहने लगी थी।
परिवार में एक बड़ी बेटी, एक बड़ा बेटा और सबसे छोटे जुड़वां भाई विनय तथा विष्णु थे। दोनों बच्चे अपने ननिहाल में मां के साथ रह रहे थे। पिता की मौत के बाद परिवार पहले ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था।
अब दोनों बच्चों की हत्या के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना को लेकर शोक और आक्रोश का माहौल है।
पुलिस के सामने अब कौन से सवाल?
इस दोहरे हत्याकांड में पुलिस कई अहम सवालों के जवाब तलाश रही है। जांच में यह पता लगाना जरूरी है कि दोनों बच्चों की हत्या कहां की गई, उनके शव घर के पास प्लॉट तक कैसे पहुंचे और वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार तथा अन्य साक्ष्य क्या संकेत देते हैं।
इसके साथ ही पुलिस कथित प्रेम संबंध, पारिवारिक विवाद और संदिग्धों के बयानों की भी पड़ताल कर रही है। फॉरेंसिक साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं, यह जांच की प्रगति पर निर्भर करेगा।
निष्कर्ष
राजस्थान के डीग जिले में 13 वर्षीय जुड़वां भाइयों विनय और विष्णु की हत्या ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। दोनों के शव घर के पास एक खाली प्लॉट में मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मां के कथित प्रेम संबंध और परिवार के सदस्यों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। मां, उसके प्रेमी और बड़े बेटे को लेकर सामने आई जानकारी ने मामले को गंभीर बना दिया है। अब पुलिस की जांच और फॉरेंसिक साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगा कि इस दर्दनाक वारदात के पीछे असल वजह क्या थी और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।

