उत्तर प्रदेश: पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा आयोजित 32 हजार पदों वाली कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के बाद अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर अगले और सबसे महत्वपूर्ण चरण यानी फिजिकल टेस्ट पर टिकी हुई है। 8, 9 और 10 जून को आयोजित लिखित परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवार फिलहाल आंसर-की और रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अभ्यर्थियों को अभी से शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और शारीरिक मानक परीक्षा (PST) की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
यूपी पुलिस भर्ती में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी होती है। ऐसे में सिर्फ लिखित परीक्षा पास करना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि शारीरिक मानकों और दौड़ की परीक्षा में भी सफल होना अनिवार्य है। कई अभ्यर्थी लिखित परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद फिजिकल टेस्ट में बाहर हो जाते हैं।
भर्ती के जरिए किन पदों पर होगी नियुक्ति?
इस भर्ती अभियान के तहत आरक्षी नागरिक पुलिस (कॉन्स्टेबल), पीएसी/सशस्त्र पुलिस, विशेष सुरक्षा बल (SSF), महिला बटालियन, घुड़सवार पुलिस और जेल वार्डर सहित विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें सबसे अधिक पद नागरिक पुलिस और पीएसी के लिए निर्धारित किए गए हैं।
अंतिम चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक मानक परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा और मेडिकल परीक्षण शामिल हैं।

पहला चरण: दस्तावेज सत्यापन
लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को सबसे पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। इस दौरान उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता, आयु, आरक्षण श्रेणी और अन्य विवरणों की जांच की जाएगी।
अभ्यर्थियों को निम्नलिखित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए—
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र
- मूल निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आवेदन पत्र में उल्लेखित अन्य प्रमाण पत्र
यदि आवेदन में दर्ज जानकारी और दस्तावेजों में अंतर पाया जाता है तो उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
हाइट के नियम क्या हैं?
शारीरिक मानक परीक्षा में सबसे पहले लंबाई की जांच की जाती है।
पुरुष अभ्यर्थी
- सामान्य, ओबीसी और एससी वर्ग: न्यूनतम 168 सेंटीमीटर
- एसटी वर्ग: न्यूनतम 160 सेंटीमीटर
महिला अभ्यर्थी
- सामान्य, ओबीसी और एससी वर्ग: न्यूनतम 152 सेंटीमीटर
- एसटी वर्ग: न्यूनतम 147 सेंटीमीटर
निर्धारित लंबाई से कम पाए जाने पर उम्मीदवार को तुरंत अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।
पुरुषों के लिए चेस्ट मापदंड
पुरुष अभ्यर्थियों की छाती का माप भी लिया जाता है।
सामान्य, ओबीसी और एससी वर्ग
- बिना फुलाए: 79 सेंटीमीटर
- फुलाने के बाद: 84 सेंटीमीटर
एसटी वर्ग
- बिना फुलाए: 77 सेंटीमीटर
- फुलाने के बाद: 82 सेंटीमीटर
छाती में कम से कम 5 सेंटीमीटर का विस्तार होना आवश्यक है।
महिलाओं के लिए वजन जरूरी
महिला उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम वजन 40 किलोग्राम निर्धारित किया गया है। निर्धारित वजन से कम होने पर अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया से बाहर हो सकती हैं।
सबसे बड़ी चुनौती: दौड़ की परीक्षा
दस्तावेज सत्यापन और शारीरिक मानकों की जांच के बाद उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) देनी होती है। यही वह चरण है जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थी बाहर हो जाते हैं।
पुरुष उम्मीदवारों के लिए
पुरुष अभ्यर्थियों को 4.8 किलोमीटर की दौड़ 25 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी।
महिला उम्मीदवारों के लिए
महिला अभ्यर्थियों को 2.4 किलोमीटर की दौड़ 14 मिनट के भीतर पूरी करनी होगी।
निर्धारित समय सीमा के अंदर दौड़ पूरी न करने वाले उम्मीदवारों को असफल घोषित कर दिया जाएगा और उन्हें आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा।
अभी से कैसे करें तैयारी?
विशेषज्ञों के अनुसार उम्मीदवारों को प्रतिदिन रनिंग का अभ्यास शुरू कर देना चाहिए। शुरुआत में कम दूरी से अभ्यास करें और धीरे-धीरे निर्धारित दूरी तक पहुंचें। संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम से शारीरिक क्षमता बेहतर बनाई जा सकती है।
कैसे बनेगी फाइनल मेरिट?
फिजिकल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन में सफल होने वाले उम्मीदवारों की अंतिम मेरिट सूची लिखित परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। इसके बाद चयनित अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण के लिए बुलाया जाएगा और सभी चरणों में सफल होने पर नियुक्ति दी जाएगी।
यानी यूपी पुलिस की वर्दी पहनने का सपना सिर्फ लिखित परीक्षा पास करने से पूरा नहीं होगा। दौड़, हाइट, चेस्ट और वजन के हर नियम पर खरा उतरना होगा। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए यह समय तैयारी का है, क्योंकि आने वाले महीनों में फिजिकल टेस्ट ही उनकी किस्मत का फैसला करेगा।
निष्कर्ष:
यूपी पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती 2026 में लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल टेस्ट सबसे अहम चरण है। हाइट, चेस्ट, वजन और रनिंग के निर्धारित मानकों को पूरा किए बिना चयन संभव नहीं होगा। इसलिए उम्मीदवारों को रिजल्ट का इंतजार करने के बजाय अभी से शारीरिक तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

